Assembly Banner 2021

Article 370: अश्विनी चौबे बोले- देश से हमेशा के लिए समाप्त हो गया काला अध्याय

अश्विनी चौबे ने अपने संसदीय क्षेत्र में दारोगा को डांट लगाई थी. 
(फाइल फोटो)

अश्विनी चौबे ने अपने संसदीय क्षेत्र में दारोगा को डांट लगाई थी. (फाइल फोटो)

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को संसद में आर्टिकल ( अनुच्छेद) 370 के पहले दो उपबंधों में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया और उस पर राष्ट्रपति ने तुरंत अपनी मुहर लगा दी. इससे कश्मीर का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है

  • Share this:
जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और आर्टिकल 35 ए को हटाए जाने के मोदी सरकार के फैसले का विरोध और स्वागत का दौर लगातार जारी है. सोमवार को सदन में इस बिल के पेश होते ही बिहार की सड़कों पर युवा उतर आये और अपने-अपने तरीके से जश्न मनाया.

दो संविधान, दो निशान नहीं चलेगा

बिहार के बक्सर से लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया. चौबे ने कहा कि पण्डित नेहरू द्वारा लाया ऐसे बिल जिसका की हमेशा से विरोध हो रहा था आज वो काला अध्याय हमेशा के लिए समाप्त हो गया है. चौबे ने कहा कि एक देश में दो संविधान, दो निशान नहीं चलेगा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है.



श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को मिली शांति
उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का आत्मा को आज शांति मिली होगी. सरदार पटेल द्वारा लाए गए भारत की एकता और अखंडता आज सही मायने में सही तरीके से लागू हो गई है. सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आज अंखड भारत का विकास हो रहा है. जेडीयू के विरोध पर चौबे बचते दिखे और कहा कि जदयू का अपना विचार हो सकता है मैं इस मामले को लेकर उन पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं.

बदल गया कश्मीर का परिदृश्य

मालूम हो कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को संसद में आर्टिकल ( अनुच्छेद) 370 के पहले दो उपबंधों में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया और उस पर राष्ट्रपति ने तुरंत अपनी मुहर लगा दी. इससे कश्मीर का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है. अब ये राज्य सीधे-सीधे राष्ट्रपति की शक्तियों के तहत आ गया है. ये भी तय है कि अब इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद केंद्र सरकार को अपने हिसाब से यहां आवश्यक बदलाव की ताकत भी मिलेगी.

ऐसे होगा बदलाव

यहां ये बताना जरूरी है कि केंद्र सरकार ने आर्टिकल 370 को नहीं उठाया है, लेकिन उसके पहले और दूसरे उपबंधों में जिस तरह बदलाव किये हैं, उसके बाद राज्य से जुड़ी समस्त ताकत अब राष्ट्रपति के पास आ चुकी है. इन दो बदलावों के बाद आर्टिकल 370 का तीसरा अनुबंध फिलहाल बहुत हल्का पड़ गया है. माना जा रहा है कि पहले और दूसरे उपबंधों के प्रभाव में आने के बाद जम्मू-कश्मीर में आने वाले समय में बहुत ढेर सारे ऐसे बदलाव होने वाले हैं, जो इसके विशेष दर्जे को खत्म कर देगा.

ये भी पढ़ें- धारा 370 हटने को मांझी और जेडीयू ने बताया काला दिन

ये भी पढ़ें- Article 370: JDU केंद्र के फैसले के खिलाफ, नीतीश कुमार पर टिकीं निगाहें
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज