सृजन घोटाला में फंसे रिटायर्ड IAS केपी रमैय्या, 60 के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
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सृजन घोटाला में फंसे रिटायर्ड IAS केपी रमैय्या, 60 के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
न्यूज़18 इलस्ट्रेशन

यह घोटाला वर्ष 2008 से 2014 के बीच भागलपुर जिले में महिला सुदृढ़ीकरण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं में अरबों रुपए की राशि का धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर फर्जी निकासी से सम्बंधित है.

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पटना. बिहार के भागलपुर जिला में हुए अरबों रुपए के चर्चित सृजन घोटाला कांड (Bihar Srijan Scam) में सीबीआई (CBI) ने एक आईएएस समेत 60 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. तीन अलग-अलग मामलों में पूर्व जिलाधिकारी और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी रहे केपी रमैया समेत 60 लोगों के खिलाफ शनिवार को पटना की एक विशेष अदालत में भारतीय दंड विधान और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया गया.

इनके खिलाफ चार्जशीट

सीबीआई ने पहले इस मामले में 28 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. इन 28 आरोपियों में  भागलपुर के पूर्व जिलाधिकारी केपी रमैया, नजारत के उप समाहर्ता विजय कुमार, नाजिर अमरेंद्र कुमार यादव, सृजन संस्था की प्रबंधक सचिव सरिता झा, अध्यक्ष शुभ लक्ष्मी प्रसाद, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य प्रबंधक शंकर प्रसाद दास, संयुक्त प्रबंधक वरुण कुमार, शाखा प्रबंधक गोलक बिहारी पांडा, शाखा प्रबंधक आनंद चंद्र गदाई के अलावा सृजन की पूर्व सचिव स्वर्गीय मनोरमा देवी के नाम शामिल हैं.



एक अन्य मामले में इनके खिलाफ चार्जशीट
दूसरे मामले में सीबीआई द्वारा ब्यूरो ने 13 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें सृजन संस्था की प्रबंधक सरिता झा, अध्यक्ष शुभ लक्ष्मी प्रसाद, इंडियन बैंक के शाखा प्रबंधक सुरजीत राहा, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक आनंद चंद्र गदाई शामिल है. इस आरोप पत्र मे भी सृजन की पूर्व सचिव मनोरमा देवी का नाम शामिल है.

आरोपियों में कई बैंक कर्मी भी शामिल

तीसरे मामले में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है. यह आरोप पत्र 19 लोगों के खिलाफ दाखिल किया गया है. आरोपितों में इंडियन बैंक के मुख्य प्रबंधक देव शंकर मिश्रा, बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक शंकर प्रसाद दास, सृजन की सचिव सरिता झा और रजनी प्रिया तथा अध्यक्ष शुभ लक्ष्मी देवी शामिल हैं. इस मामले में ब्यूरो सात लोगों के खिलाफ पूर्व में ही आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है.

2017 से सीबीआई कर रही है मामले की जांच

यह घोटाला वर्ष 2008 से 2014 के बीच भागलपुर जिले में महिला सुदृढ़ीकरण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं में अरबों रुपए की राशि का धोखाधड़ी एवं जालसाजी कर फर्जी निकासी से सम्बंधित  है. पहले पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी बाद में वर्ष 2017 में सीबीआई द्वारा मामले की जांच अपने हाथ में लेकर और विशेष मुकदमे दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया. सीबीआई ने अभी तक 25 मामलों में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है. जैसे-जैसे जांच प्रक्रिया चल रहीं वैसे-वैसे आरोप पत्र दाखिल किये जा रहे हैं.
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