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भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य आज, जानें क्यों की जाती है डूबते सूर्य की पूजा

आज गोधूलि बेला में प्रथम अर्घ्य 05 बजकर 25 मिनट पर दिया जाएगा. यह अर्घ्य ही सूर्य पूजा की शुरुआत है. प्रथम अर्घ्य के बाद अगली सुबह का अर्घ्य उदित सूर्य का होता है.

आज गोधूलि बेला में प्रथम अर्घ्य 05 बजकर 25 मिनट पर दिया जाएगा. यह अर्घ्य ही सूर्य पूजा की शुरुआत है. प्रथम अर्घ्य के बाद अगली सुबह का अर्घ्य उदित सूर्य का होता है.

आज गोधूलि बेला में प्रथम अर्घ्य 05 बजकर 25 मिनट पर दिया जाएगा. यह अर्घ्य ही सूर्य पूजा की शुरुआत है. प्रथम अर्घ्य के बाद अगली सुबह का अर्घ्य उदित सूर्य का होता है.

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    छठ महापर्व के तीसरे दिन यानि आज शाम को छठव्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया जाएगा. व्रतियों के साथ आम लोग अर्घ्य देकर छठ मैया से आशीष मांगेंगे. बुधवार 14 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. 36 घंटे के निर्जला व्रत में पुत्र एवं परिजनों के दीर्घायु और यशस्वी होने की कामना की जाएगी.

    छठ में अस्त और उदित होते सूर्य की पूजा होती है. उदित सूर्य एक नए सवेरे का प्रतीक है. अस्त होता हुआ सूर्य केवल विश्राम का प्रतीक है. इसलिए छठ पूजा के पहले दिन अस्त होते हुए सूर्य को पहला अर्घ्य देते हैं.

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    केवल छठ ही ऐसा पर्व है जिसमें अस्त होते सूर्य की पूजा होती है. नदी के तट पर डूबते सूर्य को प्रणाम करना यह प्रदर्शित करता है कि कल फिर से सुबह होगी और नया दिन आएगा. गायत्री मंत्र भी सूर्य को ही समर्पित मंत्र है.  भगवान कृष्ण ने गीता में सूर्य और गायत्री मंत्र की महिमा बताई है.

    13 नवंबर यानि आज सायंकाल प्रथम अर्घ्य 05 बजकर 25 मिनट पर दिया जाएगा. यह अर्घ्य ही सूर्य पूजा की शुरुआत है. हालांकि पटना में शाम 4.30 बजे से 5.20 मिनट के बीच अर्घ्य दिया जाएगा. प्रथम अर्घ्य के बाद अगली सुबह का अर्घ्य प्रातः कालीन उदित सूर्य का होता है. पटना में सुबह के अर्घ्य का समय 6.32 से 7.15 बजे तक है.

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    पानी में खड़े होकर यह अर्घ्य दिया जाता है. प्रथम अर्घ्य और द्वितीय अर्घ्य के बीच का समय ही तप का होता है. इसमें हम छठ माता को प्रसन्न करते हैं. यह अन्तराल प्रकृति को प्रसन्न करने का तथा उससे वर प्राप्त करने का है.
    अर्घ्य मंत्र  
    ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजोराशे जगत्पते अनुकंपये माम भक्त्या गृहणार्घ्यं दिवाकर:
    ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय, सहस्त्रकिरणाय मनोवांछित फलं देहि देहि स्वाहा:

    पटना सहित पूरे बिहार में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवान घाटों पर तैनात हैं और प्रशासन अलर्ट पर है.

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