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​चिल्ड्रन होम: लड़कियों से मारपीट, नशे का इंजेक्शन और रेप को मजबूर करती थीं ये महिलाएं

​चिल्ड्रन होम: लड़कियों से मारपीट, नशे का इंजेक्शन और रेप को मजबूर करती थीं ये महिलाएं

मुजफ्फरपुर चिल्ड्रेन होम यौन शोषण मामले में आरोपित महिलाएं ( न्यूज 18 फोटो)

मुजफ्फरपुर चिल्ड्रेन होम यौन शोषण मामले में आरोपित महिलाएं ( न्यूज 18 फोटो)

बिहार के मुजफ्फरपुर चिल्ड्रन होम यौन उत्पीड़न मामले में जिन 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें 7 महिलाएं हैं. इन पर लड़कियों को प्रताड़ित करने से लेकर बाहरी लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने के आरोप लगाए गए हैं.

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    मुजफ्फरपुर चिल्ड्रन होम यौन उत्पीड़न मामले में जिन दस लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें सात महिलाएं हैं. इन पर लड़कियों को प्रताड़ित करने से लेकर बाहरी लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने के जघन्य आरोप लगाए गए हैं.

    इन सभी सात महिलाओं को मुजफ्फरपुर पुलिस ने दो जून को हिरासत में लिया और पीड़ित लड़कियों के बयान के आधार पर पोक्सो एक्ट के तहत अगले ही दिन जेल भेज दिया गया. चिल्ड्रन होम में इन महिलाओं की भूमिका पर एक नजर...

    1. इंदु कुमारी - ब्रह्मपुरा रोड में संजय सिनेमा के पास रहने वाली इंदु कुमारी यौन उत्पीड़न के मास्टर माइंड ब्रजेश ठाकुर की करीबी मानी जाती है. ब्रजेश ठाकुर का एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति ही इस चिल्ड्रन होम को चलाता था. ब्रजेश ने इंदु को सुपरिंटेंडेंट का पद दिया था. ब्रजेश ठेकेदारी और अन्य कामकाज से जब बाहर रहता था तो इंदु ही पूरे चिल्ड्रन होम को मैनेज करती थी. इंदु पर बाहरी लोगों को चिल्ड्रेन होम में प्रवेश देने और यौन प्रताड़ना में सहभागी होने का आरोप है.

    2. चंदा देवी - छोटी कल्याणी की रहने वाली चंदा देवी का पोस्ट गृहमाता का था. ये बच्चियों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रही थी. चिल्ड्रन होम में 14 बच्चियां दिव्यांग थी, जिन्हें खास देखभाल की जरूरत होती थी. पुलिस ने चंदा देवी पर लड़कियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है.

    3. हेमा मसीह - जिले के ही गुदरी बहलखाने की रहने वाली हेमा मसीह चिल्ड्रन होम में स्वीपर का काम करती थी. इसकी जिम्मेदारी बच्चों के कमरों और कॉमन हॉल की साफ-सफाई करना था. साबुन, तेल या रोजमर्रा की किसी और ज़रूरत को पूरा करने की जिम्मेदारी हेमा मसीह की थी. पुलिस ने इस पर लड़कियों के साथ हुए जघन्य अपराध में साथ देने का आरोप लगाया है.

    4. किरण कुमारी - सरैया थाने के चकना की रहने वाली किरण हेल्पर का काम करती थी. इस पर बच्चियों को चिल्ड्रन होम के बाहर ले जाने का आरोप है. कई लड़कियों ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है कि किरण उन्हें जान से मारने की धमकी देती थी.

    5. मीनू देवी- छपरा जिले में रसूलपुर थाने के रामपुर गांव की है. ये भी हेल्पर का काम करती थी और कई बार नाइट ड्यूटी में रहती थी. पीड़ित लड़कियों ने मीनू पर बाहरी लोगों को रूम में लाने में साथ देने का आरोप लगाया है.

    6. नेहा कुमारी - मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के पठान टोला की रहने वाली नेहा नर्स का काम करती थी. इसकी जिम्मेदारी बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखना था लेकिन इसके उलट नेहा पर आरोप है कि ये बच्चियों को नशे का इंजेक्शन लगाती थी. कई बार लड़कियां अपने साथ हो रहे गलत व्यवहार का विरोध करती थी और उन्हें काबू में करने के लिए बेहोशी की दवा भी देने का आरोप लगाया गया है.

    7. मंजू देवी - मिठनपुरा की रहने वाली मंजू का काम लड़कियों की विशेष जरूरतों को पूरा करना था. ये काउंसिलिंग का काम करती थीं. दिव्यांग बच्चों की मदद करना इनकी जिम्मेदारी थी. लेकिन इसके उलट ये बच्चियों के साथ गलत व्यवहार करती थीं. कई लड़कियों ने आरोप लगाया है कि ये उन्हें फर्श पर पटक देती थीं और प्राइवेट पार्ट पर मारती थी.

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    Tags: Muzaffarpur news, Muzaffarpur Shelter Home Rape Case

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