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CM नीतीश पर बरसे चिराग पासवान, कहा- मुझपर आरोप लगाने के बजाय BJP से मुकाबला करे JDU

CM नीतीश पर बरसे चिराग पासवान, कहा- मुझपर आरोप लगाने के बजाय BJP से मुकाबला करे JDU

चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को उन पर षडयंत्र रचने का आरोप लगाने के बजाए बीजेपी से मुकाबला करने की नसीहत दी है (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को उन पर षडयंत्र रचने का आरोप लगाने के बजाए बीजेपी से मुकाबला करने की नसीहत दी है (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

Bihar News: चिराग पासवान ने सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को अपनी पार्टी की पराजय के लिए मुझे दोष देना बंद कर देना चाहिए. जेडीयू वास्तव में बंटी हुई है. आर.सी.पी सिंह को पार्टी छोड़ने के लिए विवश किया गया, लेकिन नीतीश कुमार को ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा जैसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है

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पटना. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और सांसद चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और उनकी पार्टी जनता दल युनाटेड (जेडीयू) पर निशाना साधा है. चिराग ने उन्हें चुनौती दी कि वो उनपर षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाने के बजाय बीजेपी से सीधा मुकाबला करे. सोमवार को पटना (Patna) में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चिराग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके बजाय अपने करीबी सहयोगियों से अधिक खतरा होने का दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू के नेता ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और अपनी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आर.सी.पी सिंह (RCP Singh) का अपमान किया है, और इससे पहले शरद यादव और जॉर्ज फर्नांडिस को भी अपमानित किया था.

चिराग ने कहा कि इससे पहले किसी ने किसी पार्टी के अपने पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नहीं सुना, लेकिन ऐसा नीतीश कुमार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह को अपनी पार्टी की पराजय के लिए मुझे दोष देना बंद कर देना चाहिए. जेडीयू वास्तव में बंटी हुई है. आर.सी.पी सिंह को पार्टी छोड़ने के लिए विवश किया गया, लेकिन नीतीश कुमार को ललन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा जैसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है.

जेडीयू के इस दावे पर कि नीतीश कुमार ने डेढ़ दशक से अधिक समय के अपने शासनकाल में बिहार को बदल दिया है. इस पर चिराग ने नीति आयोग की रिपोर्ट में राज्य की खराब रैंकिंग का हवाला देते हुए तंज कसा कि रविवार को जब दिल्ली में नीति आयोग की बैठक हुई तो हमारे मुख्यमंत्री ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया, जबकि यह उनके लिए प्रधानमंत्री के समक्ष (सामने) राज्य की मांगों को उठाने का एक अवसर था. उन्होंने सवाल किया कि नीतीश कुमार को बैठक में शामिल होने में क्या समस्या थी, भले ही वो बीजेपी का विरोध करते हैं. क्या वो ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल जो कि वहां मौजूद थे, की तुलना में इस दल के अधिक प्रबल विरोधी हो सकते हैं.

चिराग ने पूछा कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ कुर्सी पर बने रहने के प्रयास में लगे हुए हैं जबकि प्रदेश में बाढ़ और सुखाड़, बेरोजगारी और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है. उन्होंने जेडीयू के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू को हराने के लिए ‘मोहरा’ के रूप में काम किया था.

एलजेपी सांसद ने कहा कि मैं अपने दिवंगत पिता के द्वारा ग्रहण किए गए मूल्यों के अनुसार कार्य करता हूं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने कभी भी उचित सम्मान नहीं दिया. जेडीयू को मेरे खिलाफ आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए और अगर उसे संदेह है कि बीजेपी ने साजिश रची है तो उसे सीधे सहयोगी से भिड़ना चाहिए. चिराग ने जेडीयू के नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पिछले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उनके पास मुद्दों की कमी थी, तो उन्होंने लोगों को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को वोट देने से रोकने के लिए जंगलराज का हौवा खड़ा किया. अब वो उससे हाथ मिलाने के मूड में लग रहे हैं. (भाषा से इनपुट)

Tags: Bihar News in hindi, Bihar politics, Chirag Paswan, CM Nitish Kumar

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