Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    क्या अबकी बार चिराग पासवान के हाथ में होगी बिहार की सत्ता की चाबी?, तय करेगा एलजेपी की ये सीटें

    10 नवंबर को एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान के पास सत्ता की चाबी आ सकती है. (फाइल फोटो)
    10 नवंबर को एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान के पास सत्ता की चाबी आ सकती है. (फाइल फोटो)

    Bihar Assembly Elections: 10 नवंबर को एलजेपी (LJP) अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) के पास सत्ता की चाबी आ सकती है. लोक जनशक्ति पार्टी दिनारा, सूर्यगढ़ा, संदेश, एकमा, गोविंदगंज, मटिहानी, चेरिया बरियारपुर, खगड़िया, विभुतिपूर, गायघाट और सुरसंड विधानसभा सीट पर कड़ा मुकाबला देने जा रही है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 7, 2020, 5:39 PM IST
    • Share this:
    Bihar Assembly Elections: बिहार विधानसभा के 243 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुके हैं. राजनीतिक दलों के बीच अब सरकार बनाने और बिगाड़ने का खेल शुरू होने वाला है. किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में छोटे दलों की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनडीए (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) में कांटे की टक्कर है. ऐसे में सिंगल पार्टियां खासतौर पर एलजेपी (LJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) की भूमिका महत्वपूर्ण होने जा रही है. जानकार कहते हैं, '10 नवंबर को चिराग पासवान के पास सत्ता की चाबी आ सकती है. लोक जनशक्ति पार्टी दिनारा, सूर्यगढ़ा, संदेश, एकमा, गोविंदगंज, मटिहानी, चेरिया बरियारपुर, खगड़िया, विभुतिपूर, गायघाट और सुरसंड विधानसभा सीट पर कड़ा मुकाबला देगी.'

    एलजेपी के पास आएगी सत्ता की चाबी?
    राजनीतिक विश्लेषक और ग्राउंड जीरो रिसर्च के निदेशक शशि शंकर सिंह कहते हैं, 'तीनों चरणों के मतदान के बाद स्पष्ट लगने लगा है कि एनडीए और महागठबंधन में सीटों का अंतर बहुत कम होगा. चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी इस चुनाव में 10 से 12 सीटें पर कड़ा मुकाबला दे रही है. मुझे लगता है अगर दोनों गठबंधनों की सीटें बराबर-बराबर आईं तो चिराग पासवान की भूमिका एनडीए के लिए निर्णायक साबित होगी. साल 2005 में जिस तरह से रामविलास पासवान सत्ता की चाबी लेकर घूम रहे थे, वही स्थिति कमोबेश इस बार चिराग पासवान की होने वाली है.'

    Chirag Paswan, Nitish Kumar, Bihar Assembly Elections, JDU, LJP, चिराग पासवान, नीतीश कुमार, बिहार विधानसभा चुनाव, जेडीयू, एलजेपी
    10 नवंबर के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्‍यमंत्री नहीं रहेंगे- चिराग पासवान

    महागठबंधन और एनडीए में कांटे की टक्कर


    बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण में 71, दूसरे चरण में 94 और तीसर चरण में 78 सीटों पर चुनाव संपन्न हुए हैं. मतदाताओं के रुझान बता रहे हैं कि इस बार कुछ अलग होने जा रहा है. यह लड़ाई 15 साल बनाम 15 साल के मुद्दे पर शुरू हुई थी, जो बाद में विकास बनाम रोजगार पर जाकर अटक गई.

    तेजस्वी के दावे में कितना दम?
    महागठबंधन के सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव की पहली कैबिनेट में ही दस लाख बेरोजगारों को सरकारी नौकरी देने के ऐलान ने पूरे चुनाव का गणित बिगाड़ दिया. साथ ही समान काम के लिए समान वेतन के नारे ने भी तेजस्वी के प्रति आम मतदाताओं पर असर डाला. वहीं, बिहारी स्वाभिमान के नाम पर रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान ने जेडीयू का खेल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

    Chirag Paswan, pm modi, Nitish Kumar, Bihar Assembly Elections, JDU, LJP, bjp, nda, सत्ता की चाबी, चिराग पासवान, रामविलास पासवान, लोक जनशक्ति पार्टी, पीएम मोदी, नीतीश कुमार, बिहार विधानसभा चुनाव, जेडीयू, एलजेपी, दिनारा, सूर्यगढ़ा, संदेश, एकमा, गोविंदगंज, मटिहानी, चेरिया बरियारपुर, खगड़िया, विभुतिपूर, गायघाट, सुरसंड विधानसभा सीट, chirag paswan decide who will held the key of power in bihar LJP win these seats tejashwi yadav nitish kumar nodrss
    तेजस्वी यादव और चिराग पासवान (फाइल फोटो)


    चिराग पासवान और नीतीश में फिर से होगी जुगलबंदी?
    चिराग पासवान इस चुनाव में नीतीश कुमार पर हमलावर रहे. उनके कई बयानों ने नीतीश कुमार को नींद उड़ा दी. जेल भेजने से लेकर 10 नवंबर के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे इस तरह का बयान दे कर वह लगातार चर्चा में रहे हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या नीतीश कुमार के बहाने विधानसभा चुनाव में एनडीए से अलग होने वाली लोक जनशक्ति पार्टी सत्ता की चाबी हासिल करेगी?

    जेडीयू की खामोशी के क्या हैं मायने?
    लोक जनशक्ति पार्टी के इस फैसले के बाद जेडीयू खामोश है. नीतीश कुमार अपने साथियों के साथ पूरे चुनावी परिदृश्य पर चर्चा करने में लगे हैं. जाहिर तौर पर चर्चा लोक जनशक्ति पार्टी के फैसले पर भी हो रही है. लोक जनशक्ति पार्टी ने ये स्पष्ट कर दिया है कि उसका मकसद नीतीश कुमार को नुकसान पहुंचाना है. लोजपा साफ तौर पर कह रही है कि वह नीतीश को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहती.

    Chirag Paswan, pm modi, Nitish Kumar, Bihar Assembly Elections, JDU, LJP, bjp, nda, सत्ता की चाबी, चिराग पासवान, रामविलास पासवान, लोक जनशक्ति पार्टी, पीएम मोदी, नीतीश कुमार, बिहार विधानसभा चुनाव, जेडीयू, एलजेपी, दिनारा, सूर्यगढ़ा, संदेश, एकमा, गोविंदगंज, मटिहानी, चेरिया बरियारपुर, खगड़िया, विभुतिपूर, गायघाट, सुरसंड विधानसभा सीट, chirag paswan decide who will held the key of power in bihar LJP win these seats tejashwi yadav nitish kumar nodrssसुशील मोदी ने चिराग पासवान को दो टूक दिया जवाब
    सुशील मोदी ने चिराग पासवान को दो टूक दिया जवाब
    (फाइल फोटो)


    साल 2005 की कहानी दोहराएगी?
    साल 2005 में भी ऐसा ही हुआ था, जब 2005 के पहले विधानसभा चुनाव में लोजपा के 29 विधायक जीत कर आए थे. त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति थी और लोजपा के हाथों में सत्ता की चाबी थी. तब लोजपा के कारण ही बिहार में नीतीश कुमार की सरकार नहीं बन पाई और लालू प्रसाद यादव ने आधी रात को बिहार विधानसभा भंग करवा दिया था. शायद चिराग पासवान उसी इतिहास को दुहराना चाहते हैं.

    ये भी पढ़ें: मुफ्त गेहूं/चावल वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 30 नवंबर को हो जाएगी समाप्त, जानिए इसके बारे में...

    कुलमिलाकर अब चिराग पासवान इस चुनाव में कितनी रोशनी फैलाएंगे ये तो 10 नवंबर को ही पता चलेगा, लेकिन राजनीतिक पंडित उनकी भूमिका से इनकार नहीं कर रहे हैं. खास बात यह है कि अब बीजेपी खासकर पीएम मोदी और अमित शाह का स्टैंड भी सबसे अहम होने वाला है. क्या नीतीश कुमार के सीएम बनाने को लेकर बीजेपी चिराग पासवान को मना पाएगी? क्या चिराग के बीजेपी-एलजेपी सरकार बनाने के दावे का असर दिखेगा?
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज