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चिराग पासवान के बदले स्टैंड से पसोपेश में बिहार NDA! जानें क्या है माजरा
Patna News in Hindi

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: February 26, 2020, 8:42 AM IST
चिराग पासवान के बदले स्टैंड से पसोपेश में बिहार NDA! जानें क्या है माजरा
चिराग पासवान ने दारोगा भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच की मांग की. (फाइल फोटो)

LJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) को शिक्षकों ने घेरा तो उन्‍होंने विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषणा पत्र में वेतनमान देने की मांग को शामिल करने का भरोसा दिलाया.

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पटना. अगले कुछ महीनों के बाद बिहार में विधानसभा का चुनाव (Bihar Assembly Election) होना है. इसकी तैयारियों के बीच महागठबंधन में बिखराव की आशंका की खबरें भी सामने आने लगी हैं. अब तक एकजुट कहे जाने वाले बिहार एनडीए (BIHAR NDA) में भी अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं.विधानसभा में एनआरसी के खिलाफ प्रस्‍ताव पर सर्वसम्मति को जहां बीजेपी ने जेडीयू का 'धोखा' माना है, वहीं लोजपा (लोकजनशक्ति पार्टी) ने सहयोगी दलों के लिए परेशानी खड़ी करनी शुरू कर दी है. दरअसल, हड़ताली नियोजित शिक्षकों औऱ दारोगा अभ्यर्थियों के पक्ष में उतरकर लोजपा सांसद चिराग पासवान ने जदयू और भाजपा को गहरा झटका दिया है.

बता दें कि बिहार के करीब पौने चार लाख शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. पिछले दिनों जब 'बिहार 1st, बिहारी 1st' की यात्रा पर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को शिक्षकों ने घेरा तो चिराग ने उन्हें अगले बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के घोषणा पत्र में वेतनमान देने को शामिल करने का भरोसा दिलाया.

चिराग की मांग से बिहार एनडीए में बेचैनी!
चिराग यहीं नहीं रुके और परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग भी कर दी. चिराग इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भी लिख डाला. जाहिर है कि लोजपा का यह कदम सहयोगी दलों के नेता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं. इन दलों के नेता अब अलग-अलग पार्टियों की अलग-अलग नीतियां जैसी बातों की दुहाई देने में लगे हैं. JDU कोटे से मंत्री अशोक चौधरी की मानें तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही नियोजित शिक्षकों के लिए कुछ कर सकते हैं.



भाजपा नेता संजय मयूख भी नियोजित शिक्षकों के मुद्दे पर सहानुभूति तो रखते हैं, लेकिन वेतनमान के मुद्दे पर अंतिम फैसला वह सरकार पर छोड़ते हैं. संजय मयूख कहते हैं कि लोजपा सहयोगी दल के रूप में जरूर है, लेकिन शिक्षकों और दारोगा अभ्यर्थियों पर उसकी अपनी नीति हो सकती है.



विपक्ष को रास आ रहा चिराग का बयान
वैसे लोजपा का यह स्टैंड भले ही जदयू और भाजपा के लिये गले की फांस बनता जा रहा है, लेकिन महागठबंधन के दल इसे अलग नजरिये से देख रहे हैं. कांग्रेस इस मामले में लोजपा के स्टैंड को नौटंकी करार देने में लगी है. पार्टी नेता प्रेमचंद मिश्रा का कहना है कि अगर लोजपा हड़ताली शिक्षकों और दारोग़ा अभ्यर्थियों के साथ है तो इसके नेताओं को सीधे सरकार से बात करनी चाहिए. राजनीतिक मामलों के जानकार इसे एनडीए के हित में अच्छा नहीं मान रहे हैं. राजनीतिक मामलों के जानकार प्रो नवल किशोर चौधरी की मानें तो लोजपा अगर इस तरह का स्टैंड लेती है तो चुनाव बाद बननेवाली एनडीए सरकार के लिए भारी परेशानी हो सकती है.

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First published: February 26, 2020, 8:12 AM IST
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