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चिराग पासवान ने खुद को बताया शबरी का वंशज, राम मंदिर के निर्माण के लिए दिया दान

 लोजपा बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा अब नहीं है, लेकिन चिराग अब भी भाजपा के मुखर समर्थक हैं. (सांकेतिक फोटो)

लोजपा बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा अब नहीं है, लेकिन चिराग अब भी भाजपा के मुखर समर्थक हैं. (सांकेतिक फोटो)

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे निधि समर्पण अभियान का शनिवार को आखिरी दिन था. लोजपा नेता चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मंदिर के लिए 1.11 लाख रुपए का दान दिया.

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पटना. लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने खुद को शबरी का वंशज बताते हुए अयोध्या में भव्य राम मंदिर (Ram Mandir Nirman) के निर्माण के लिए शनिवार को एक लाख 11 हजार रुपये का दान दिया. उन्होंने कहा कि इस कार्य में सहभागिता करना समाज के वंचित तबके के प्रत्येक व्यक्ति का कर्त्तव्य है. लोजपा बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा अब नहीं है, लेकिन चिराग अब भी भाजपा के मुखर समर्थक हैं.

पासवान ने ट्वीट किया, ‘‘वंचित वर्ग से आने वाली श्रीराम की परमभक्त माता शबरी का वंशज होने के नाते हम सबका यह कर्तव्य है कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण में अपनी-अपनी सहभागिता दें.’’ उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘‘आज के समाज को भी श्रीराम व माता शबरी के बीच असीम स्नेह के रिश्ते को समझना होगा. दलित समाज के सभी भाइयों-बहनों को प्रेम और सम्मान की ज़रूरत है, ताकि सामाजिक प्रेम हमेशा ही श्री राम व माता शबरी के जैसा बना रहे. मुझे माता शबरी का वंशज होने पर गर्व है.’’

निधि समर्पण अभियान समाप्त



आपको बता दें कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लिए दुनिया का सबसे बड़ा फंड कलेक्शन अभियान इस संत रविदास जयंती यानी शनिवार 27 फरवरी को पूर्ण हो रहा है. विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सभी रामभक्तों से अपील की है कि वे जांच करें कि परिवार का कोई सदस्य, रिश्तेदार, मित्र, पड़ोसी या कारोबारी सहयोगी इस पवित्र कार्य से वंचित तो नहीं रहा. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे सभी मदद करने वाले हाथ,सहायक कर्मचारी,या वे लोग जो हमारे जीवन को आसान बनाते हैं (यथा ड्राइवर, प्रेसमैन, सफाई कर्मी, नाई, मोची आदि), को भी भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य-दिव्य मंदिर से जुड़ने का यह अनुपम व पवित्र अवसर मिला या नहीं.
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