Bihar Assembly Election: दिल्ली में बड़ी बैठक, आखिर किस तरफ है चिराग पासवान का इशारा?
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Bihar Assembly Election: दिल्ली में बड़ी बैठक, आखिर किस तरफ है चिराग पासवान का इशारा?
चिराग पासवान ने पार्टी सदस्यों को दिल्ली तलब किया है. (फाइल फोटो)

Bihar Assembly Election 2020 Update: सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान (Chirag Paswan)की कोशिश है कि राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए पार्टी की तरफ से कोई चूक न हो. उनकी तरफ से हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयारी की जा रही है.

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पटना. एलजेपी बिहार (LJP Bihar) के संसदीय बोर्ड की अहम बैठक गुरुवार को होगी. एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने दिल्ली (Delhi) में पार्टी के बिहार के संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों को बुलाया है. गुरुवार को शाम 5 बजे दिल्ली में पार्टी कार्यालय 12 जनपथ में बिहार प्रदेश के संसदीय बोर्ड के सभी सदस्य पहुंचेंगे, जहां उनकी चिराग पासवान से मुलाकात होगी. इसके पहले बिहार संसदीय बोर्ड (Bihar Parliamentary Board) के अध्यक्ष राजू तिवारी (Raju Tiwari) ने चिराग पासवान से मुलाकात की है. मुलाकात के दौरान बिहार में चुनाव को लेकर की जा रही तैयारियों पर चर्चा की गई. अब प्रदेश के संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों को बुलाकर चिराग पासवान दिल्ली में मीटिंग करने की तैयारी कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, चिराग की कोशिश है कि राज्य के मौजूदा हालात को देखते हुए पार्टी की तरफ से कोई चूक न हो. उनकी तरफ से हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयारी की जा रही है.

गौरतलब है कि एलजेपी अध्यक्ष चिराग पासवान ने लॉकडाउन शुरू होने से पहले बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट यात्रा के जरिए लगातार नीतीश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल खड़े किए थे. उसके बाद लॉकडाउन के दौरान भी राज्य सरकार की भूमिका और लिए गए फैसले को लेकर भी कई सवाल उठाए थे. लगातार उनके निशाने पर जेडीयू और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रहे हैं. चिराग पासवान ने कई बार यहां तक बोल दिया है कि उनका गठबंधन बीजेपी के साथ है.

किया था बड़ा दावा



अभी पिछले हफ्ते ही कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह की तरफ से एलजेपी आलाकमान के संपर्क में होने का दावा किया गया था, जिसके बाद सियासी पारा बढ़ गया था. इससे यह संकेत गया कि अगर बीजेपी और जेडीयू की तरफ से एलजेपी को विधानसभा चुनाव में ठीक भागीदारी नहीं होती है तो एलजेपी कोई बड़ा निर्णय भी ले सकती है. विरोधी लोगों की तरफ से भले ही इसे प्रेशर पॉलिटिक्स का हिस्सा माना जा रहा हो, लेकिन, चिराग पासवान की तरफ से अपने सहयोगी दलों को यह संदेश बार-बार दिया जा रहा है कि हमें कमतर न आंका जाए.
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लागू हो सकता है ये फॉर्मूला

सूत्रों के मुताबिक, उनकी तरफ से साफ कर दिया गया है कि 2015 के फॉर्मूले के हिसाब से ही सीटों का बंटवारा होना चाहिए, वरना कोई दूसरा फॉर्मूला चिराग को मंजूर नहीं है. 2015 में एलजेपी 40 सीटों पर चुनाव मैदान में थी. लेकिन, अभी तक बीजेपी –जेडीयू की तरफ से उस पर हामी नहीं भरी गई है. जवाब के इंतजार में लगे चिराग पासवान अपने प्रदेश के संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों को दिल्ली तलब कर अपने सहयोगियों को संकेत देना चाहते हैं.
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