Bihar Assembly Election: टि्वटर युद्ध में 'युवा बिहारी' बने चिराग पासवान

लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान के टि्वटर हैंडल की तस्वीर.
लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान के टि्वटर हैंडल की तस्वीर.

Bihar Assembly Election: एनडीए से अलग होकर बिहार चुनाव के मैदान में उतरने वाले लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) का 'युवा बिहारी' टैग चर्चा में. सोशल मीडिया पर इससे पहले बीजेपी 'मैं भी चौकीदार' और कांग्रेस पार्टी 'मैं भी बेरोजगार' अभियान चला चुकी है.

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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की सरगर्मियों के बीच इन दिनों राज्य की सियासत में सबसे ज्यादा जिस शख्स की चर्चा हो रही है, वह हैं चिराग पासवान. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख घटक दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) से अलग होकर चुनाव लड़ने का बिगुल फूंका है. अपने इस निर्णय पर चिराग अडिग हैं. दरअसल, कोरोना वायरस महामारी के देश में प्रसार से पहले चिराग पासवान 'बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट' नाम से प्रदेश में अभियान चला रहे थे. कोरोना ने उनकी इस यात्रा पर अचानक विराम लगा दिया. 'बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट' अभियान के दौरान चिराग ने अपने ऑफिशियल टि्वटर हैंडल पर नाम के साथ 'युवा बिहारी' जोड़ लिया था. यह उपसर्ग अब भी जुड़ा हुआ है. मौजूदा परिस्थितियों में चिराग इसी नाम के सहारे चुनाव मैदान में हैं. उन्हें उम्मीद होगी कि बिहार के नौजवान वोटर उनकी पार्टी के गठबंधन तोड़ने के कारणों को समझेंगे और उनके साथ चुनाव में जुड़ेंगे.

जेडीयू से क्यों अलग हुए चिराग
चिराग पासवान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से प्रदेश के विकास की उम्मीद नजर नहीं आती, इसलिए उन्हें बीजेपी के साथ रहना तो मंजूर है, लेकिन जेडीयू के साथ नहीं. उनके हाल के दिनों के ट्वीट पर नजर डालें तो आपको इसकी झलक दिखेगी. सियासी जानकार इसके पीछे चिराग पासवान का युवा होना और लॉकडाउन के बाद बने हालात में बिहार के युवा मतदाताओं से खुद को जोड़ने की रणनीति बताते हैं. चिराग के नाम के आगे 'युवा बिहारी' लगा होना इसकी तस्दीक भी करता है. वहीं, एनडीए को अपने गठबंधन पर भरोसा है. साथ ही बिहार के मौजूदा सियासी हालात में बीजेपी के लिए नीतीश कुमार का 'त्याग' करना कठिन है, इसलिए पार्टी ने चिराग को 'मुंहतोड़' जवाब दे दिया है. बीजेपी ने कहा है कि बिहार में जिसे नीतीश कुमार स्वीकार हैं, वही एनडीए में रह सकता है.

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'चौकीदार' और 'बेरोजगार'


यह महज संयोग नहीं है कि चिराग पासवान ने बिहार चुनाव के मद्देनजर अपने नाम के आगे 'युवा बिहारी' जोड़ा है. आपको याद होगा कि पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के नेताओं ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर 'चौकीदार' शब्द जोड़ लिया था. इसके जवाब में कांग्रेस के नेताओं ने भी 'चौकीदार चोर है' का इस्तेमाल किया. दोनों ही जुमले चुनाव के दौरान खूब चर्चा में रहे. कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान जब देश में रोजगार की संख्या में कमी के आंकड़े आए, तो कांग्रेस ने प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते एक और प्रयोग किया. पार्टी के नेताओं ने 'मैं भी बेरोजगार' को सोशल मीडिया में ट्रेंडिंग-टॉपिक्स में शुमार करा दिया.
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