'आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए 2021 में जातिगत जनगणना करवाए केंद्र सरकार'

नीतीश कुमार ने कहा कि नया जो संविधान संशोधन हुआ है उसमें 10 प्रतिशत आरक्षण अलग से दिया गया है और इसका विरोध नहीं होना चाहिए. क्योंकि इसमें वर्तमान आरक्षण सीमा में किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप नहीं किया गया है.

News18 Bihar
Updated: February 13, 2019, 4:44 PM IST
'आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए 2021 में जातिगत जनगणना करवाए केंद्र सरकार'
नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
News18 Bihar
Updated: February 13, 2019, 4:44 PM IST
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि 2021 की जनगणना जातिगत आधार पर होनी चाहिए और इसके आधार पर आरक्षण का दायरा भी बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए बिहार के सदन से एक सर्वसम्मत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए ताकि इस पर केंद्र सरकार भी आगे बढ़े.

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि अभी तक जो जनगणना होती है उसमें अनुसूचित जाति- जनजाति और धर्म के आधार पर जनगणना तो की जाती है, लेकिन शेष जनगणना जाति के आधार पर नहीं होती है. उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि एक बार अगर सही आंकड़े आ गए तो आरक्षण के दायरे को 50 प्रतिशत से अधिक किया जा सकता है.

नीतीश कुमार ने कहा कि नया जो संविधान संशोधन हुआ है उसमें 10 प्रतिशत आरक्षण अलग से दिया गया है और इसका विरोध नहीं होना चाहिए. क्योंकि इसमें वर्तमान आरक्षण सीमा में किसी भी प्रकार से हस्तक्षेप नहीं किया गया है.



ये भी पढ़ें-  बिहार कांग्रेस ने मांगी आधी लोकसभा सीटें, तेजस्वी यादव ने दिया ऐसा जवाब

विधानसभा में कई मुद्दों पर जवाब देते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि वर्ष 2011 में जो आर्थिक-सामाजिक सर्वेक्षण करवाया गया वह उपयुक्त नहीं है. उन्होंने कहा कि वह सेंसस भी नहीं है. इसमें एक ही जाति का नाम अलग-अलग इलाकों में दिखाया गया है.

उन्होंने विरोधी दलों के हंगामे पर कहा कि हम सबकी राय है कि 2021 की जनगणना जातिगत आधार पर होनी चाहिए और बिहार के लोगों का भी कोई अलग मत नहीं है. राज्य और केंद्र दोनों की यह कॉमन जिम्मेदारी है.

इनपुट- अमित कुमार
Loading...

ये भी पढ़ें-  लोकसभा चुनाव 2019: यूपी की तरह बिहार में कांग्रेस के लिए अकेले आसान नहीं है डगर !
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...