महाराणा प्रताप की लगेगी आदमकद प्रतिमा, आनंद मोहन पर CM नीतीश ने कही बड़ी बात

स्मृति समारोह में मुख्यमंत्री ने राजधानी में महाराणा की प्रतिमा लगाने का किया एलान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा कि आनंद मोहन (Anand Mohan) उनके पुराने साथी रहे हैं. उन्‍हें उनसे लगाव रहा था, पर कुछ मामले ऐसे होते हैं जिन पर हमारा वश नहीं. आनंद मोहन DM कृष्‍णैया हत्‍या मामले में जेल में बद हैं.

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पटना. बिहार की सियासत जाति बेहद अहम है. राजनीतिक दल चाहे किसी भी मुद्दे को उठाए, लेकिन चुनाव तक आते-आते जाति की राजनीति तमाम मुद्दों पर भारी पड़ जाती है. इसी साल अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव (Bihar assembly Election) होने वाला है. ऐसे में इसकी शुरुआत महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) के शौर्य दिवस के बहाने JDU ने कर दी.

राजधानी पटना के मिलर स्कूल में आयोजित स्मृति समारोह में बड़ी संख्या में राजपूत समुदाय के लोग मौजूद थे. उनके सामने जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने सीएम नीतीश के सामने मांग की कि पटना में महाराणा प्रताप की प्रतिमा लगे और उनकी पुण्यतिथि सरकारी समारोह के तौर पर मनाई जाए. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कौन नहीं जानता कि महाराणा प्रताप ने कभी हार स्वीकार नहीं की. अपने फायदे के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर तबके के हित और अधिकार के लिए जीवन में संघर्ष किया. किसी भी परिस्थिति में सिद्धांतों से समझौता नहीं किया. मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समाज में एकजुटता की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि टकराव से बचना चाहिए.

सीएम नीतीश ने याद किए पुराने दिन
मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि जिन्होंने समाज को प्रेरणा दी है, उन्हें याद रखना है. महाराणा प्रताप की स्मृति से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी. महाराणा प्रताप के आचरण से सभी को सीखना चाहिए. अगर कोई देश के इतिहास को जानना चाहता है तो उसे महाराणा प्रताप के इतिहास को जानना चाहिए. उनके संघर्ष से सबक सीखना चाहिए. सीएम ने कहा कि जब वह सांसद थे तो हल्दीघाटी गए थे और वहां की मिट्टी का तिलक लगाया था.

पटना के मिलर स्कूल मैदान पर महाराणा प्रताप स्मृति दिवस पर उपस्थित लोगों की भीड़


जेल में बंद आनंद मोहन पर दिया बड़ा बयान
तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या मामले में सजा काट रहे बिहार पीपुल्स पार्टी के संस्थापक आनंद मोहन की रिहाई की मांग उठी तो उन्होंने कहा कि जिनके बारे में आप नारेबाजी कर रहे हैं वे हमारे पुराने साथी रहे हैं. हमलोगों का उनसे लगाव रहा था. मुझे उनकी चिंता नहीं है क्या? पर कुछ मामले ऐसे होते हैं जिन पर हमारा वश नहीं. हमलोगों से जितना संभव हो सकेगा वह करेंगे.

राजपूत वोट बैंक पर नजर
बहरहाल राजपूत वोटर की अहमियत को देख नीतीश कुमार की नज़र इस वोट बैंक पर है. जब से राजद ने इसी जाति से आने वाले जगदानंद सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, तभी से एनडीए की नज़र राजपूत वोट बैंक पर टिक गई है. आनंद मोहन से दोस्ती का हवाला दे नीतीश ने बड़ा दांव तो खेल दिया है. हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इसपर चुटकी लेते हुए कह दिया कि बड़ी देर से याद आए महाराणा प्रताप और आनंद मोहन.


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