बिहार: हरित आवरण 15 से 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य, सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाने के निर्देश

बिहार के सीएम नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

Bihar News: सीएम नीतीश कुमार ने प्रत्येक माह के मंगलवार को जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि निरंतर इस बात का आकलन और समीक्षा करें कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत कार्य तेजी से पूरे हों.

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पटना. बिहार में चल रहे नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक जल जीवन हरियाली अभियान की मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. बिहार के हरित आवरण को 15 प्रतिशत से बढ़ा कर 17 प्रतिशत करने और किसानों को जैविक खेती करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया. साथ नीतीश कुमार ने बिहार के सभी सरकारी भवनों पर सोलर प्लेट लगाने का भी निर्देश दिया.

बता दें कि जल जीवन हरियाली अभियान पूरे बिहार में बड़े ही जोरशोर से चलाया जा रहा है. इस अभियान की प्रगति को देखने के लिए मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उच्च स्तरीय बैठक की. इसमें उन्होंने कहा कि हमलोगों को जब से बिहार में काम करने का मौका मिला है राज्य में विकास के कई कार्यों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. वृक्षारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण को लेकर भी कार्य किए जा रहे हैं.

सीएम नीतीश ने कहा कि झारखंड से बिहार के बंटवारे के बाद बिहार का हरित आवरण 9 प्रतिशत रह गया था. वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की स्थापना की गई और 24 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया.  इसके तहत लगभग 22 करोड़ पौधे लगाए गए हैं. अब राज्य का हरित आवरण 15 प्रतिशत से अधिक हो चुका है, हमलोगों ने इसे 17 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए तेजी से वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि 5 जून 2020 से 9 अगस्त 2020 तक 2 करोड़ 51 लाख पौधा लगाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन उससे अधिक 3 करोड़ 94 लाख वृक्षारोपण किया गया. 5 जून 2021 को 5 करोड़ पौधा लगाने के लक्ष्य की शुरुआत की गई है. उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण इस तरह से कराएं कि उनका अधिक से अधिक सर्वाइवल हो और वृक्षों के रखरखाव पर भी ध्यान दें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर 19 जनवरी 2020 को 5 करोड़ 16 लाख से अधिक लोगों ने मानव श्रृंखला बनायी. पर्यावरण संरक्षण को लेकर ही सभी दलों के विधान पार्षदों एवं विधायकों के साथ वर्ष 2019 में बैठक की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय किया गया कि जल-जीवन-हरियाली अभियान को मिशन मोड में चलाया जाए. जल-जीवन-हरियाली अभियान पर 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने का प्रावधान किया गया है, यह बिहार जैसे गरीब राज्यों के लिए बड़ी बात है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के जल-जीवन-हरियाली अभियान की विश्व स्तर पर प्रशंसा हो रही है. उन्होंने कहा कि बिल गेट्स जब पटना आए थे, उस समय उनसे जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर चर्चा हुई थी. यहां से जाने के बाद उन्होंने दिल्ली में इसकी प्रशंसा की थी.

बैठक में नीतीश कुमार ने कहा कि किसानों को मौसम के अनुकूल कृषि तथा जैविक खेती करने को लेकर प्रेरित करें. फसल प्रबंधन अवशेष को लेकर किसानों को जागरुक करें उन्हें बताएं कि फसल अवशेष को नहीं जलाएं. सार्वजनिक चापाकल हर हाल में फंक्शनल रहे. जीर्णोद्धार कराए गए कुओं एवं चापाकलों के किनारे सोख्ता का निर्माण जरुर कराएं. अतिक्रमण मुक्त कराए गए जल संचयन क्षेत्रों के किनारे बसे गरीब लोगों के पुनर्वास हेतु कार्रवाई करें.

सीएम ने कहा कि सौर ऊर्जा के उपयोग एवं उसके उत्पादन तथा ऊर्जा की बचत के लिए लोगों को प्रेरित करें. कॉलेज, पुराने सरकारी स्कूलों के भवन, नए बनाए गए इंस्टीच्यूट के भवनों पर सौर प्लेट लगाएं. बिहार में चल रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान के बारे में लोगों के बीच प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों को इस अभियान के उद्देश्य, फायदे के बारे में बताएं. उन्होंने कहा कि लोगों को जलवायु संरक्षण के प्रति जागरुक करना है.

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