CAA को CM नीतीश का 'खुल्लमखुल्ला' समर्थन, पढ़ें NRC और NPR पर क्या कहा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने CAA का समर्थन किया और NPR के 2010 के प्रावधान पर लागू करने की बात कही.

सीएए का समर्थन करते हुए कहा कि 2003 में ही ये प्रस्ताव आया था तब कांग्रेस के लोगों ने इसका पूरा समर्थन किया था. इसके साथ ही सीएम नीतीश ने पीएम मोदी 22 दिसंबर 2019 के दिल्ली में दिए भाषण का हवाला देते हुए कहा कि जब से मेरी सरकार आई है इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है.

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    पटना. बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में सीएए, एनआरसी और एनपीआर (CAA, NRC and NPR) पर हंगामे के बाद सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कहा कि एनआरसी का कोई प्रस्ताव आया ही नहीं है और एनपीआआर 2010 के प्रवाधान पर ही लागू होगा. इसके साथ ही सीएम नीतीश कुमार ने साफ-साफ कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) तीन देशों की अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि  ये केंद्र का कानून है और ये सही है या गलत, ये सुप्रीम कोर्ट तय करेगा.

    उन्होंने वर्ष 2003 में सीएए के प्रस्ताव का जिक्र कर कहा कि ये  कांग्रेस के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के बयान को कोट करते हुए कहा कि तब कांग्रेस ने इसका समर्थन किया था. CAA बनाने वाली कमेटी में लालू प्रसाद भी थे. मैंने CAA के सभी दस्तावेज को देखा है. उसका
    प्रियरंजन दास और नजमा हेपतुल्ला ने भी समर्थन किया था.

    सीएम नीतीश ने सीएए का समर्थन करते हुए कहा कि 2003 में ही ये प्रस्ताव आया था तब कांग्रेस के लोगों ने इसका पूरा समर्थन किया था. इसके साथ ही सीएम नीतीश ने पीएम मोदी  22 दिसंबर 2019 के दिल्ली में दिए भाषण का हवाला देते हुए कहा कि जब से मेरी सरकार आई है NRC पर कोई चर्चा नहीं हुई है. उन्होंने ये भी दावा किया कि बिहार में NRC लागू नहीं होगी.

    सीएम नीतीश ने एनपीआर के बारे में कहा कि ये वर्ष 2010 के प्रावधान के अनुसार ही बिहार में लागू किया जाएगा. इसके बाद सीएम नीतीश ने कहा कि एक बार फिर जातिगत जनगणना का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजने वाले हैं.

    गौरतलब है कि सीएम नीतीश से पहले बोलते हुए बिहार के डिप्टी सीएम व बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने भी कहा कि बिहार में  NPR 2010 के हिसाब से ही लागू होगा.

    बता दें कि इससे पहले इन्हीं मुद्दों पर  बिहार विधानसभा के अंदर  को उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल हो गया जब कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बीजेपी और आरजेडी विधायकों में मारपीट के हालात हो गए. हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को 15 मिनट तक स्थागित करनी पड़ी.

    दरअसल जब नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी के मुद्दे पर आरजेडी की ओर से कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया जा रहा था तो बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया. इसके बाद सदन में हंगामा होने लगा. इस दौरान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भाषण दे रहे थे.

    हंगामे के दौरान आरजेडी और बीजेपी के विधायक वेल में आ गए. इस दौरान आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र और मंत्री प्रमोद कुमार के बीच हुई हाथापाई की नौबत आ गई. दोनों तरफ से विधायक गोलबंद होने लगे तो विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी.

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