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Bihar Politics: जनसंख्या नियंत्रण पर अपने ही घर में घिरे CM नीतीश! उपमुख्यमंत्री ने उठाया सवाल

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान से भाजपा नाखुश!

जनसंख्या नियंत्रण कानून पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान से भाजपा नाखुश!

Controversy on Population control Law: बिहार की डिप्टी सीएम रेणु देवी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि बेटे की चाहत में पति और ससुराल वाले महिला पर अधिक बच्चे पैदा करने का दबाव बनाते हैं, जिसमें परिवार का आकार बड़ा होता है.

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    पटना/मोतिहारी. रविवार को विश्व जनसंख्या दिवस (World Population Day) के मौके पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून (Population Law) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया. योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार के इस फैसले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा कि कोई राज्य कुछ करना चाहे तो करे, इस पर मुझे कुछ नहीं कहना. मेरा मानना है कि अगर घर की महिला पढ़ी-लिखी होगी, तो जनसंख्या खुद नियंत्रित हो जाएगी.


    नीतीश ने उदाहण देते हुए कहा कि चीन में पहले एक, फिर दो बच्चों की बात, अब क्या हो रहा है. मेरा साफ मानना है कि महिलाएं अगर पढ़-लिख जाएंगी, तो अपने आप नियंत्रण हो जाएगा. मुझे लगता है कि 2040 तक बिहार में जनसंख्या पर नियंत्रण हो जाएगा. जाहिर है नीतीश कुमार के इस बयान से साफ जाहिर हो रहा है कि जनसंख्या कानून को लेकर एनडीए के भीतर ही गहरे मतभेद हैं. हालांकि, अब जदयू के भीतर भी इसको लेकर एकमत न होने की बात सामने आ रही है. वहीं, बिहार में सहयोगी भाजपा (BJP) भी नीतीश की बातों से सहमत नहीं है.

    नीतीश सरकार में नंबर दो पर काबिज बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने सीएम नीतीश कुमार के इस बयान पर कि महिलाओं को शिक्षित किया जा रहा है, कड़ा एतराज जताया है. उन्होंने इस पर कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को जागरूक करने की जरूरत है. डिप्टी सीएम ने कहा कि पुरुषों के अंदर जनसंख्या नियंत्रण करने के लिए नसबंदी को लेकर भी काफी डर के स्थिति है. बिहार के कई जिलों में तो नसबंदी की धर्म मात्र एक प्रतिशत ही है

    डिप्टी सीएम ने उठाए सवाल
    उपमुख्‍यमंत्री रेणु देवी ने अपने बयान में आगे कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि बेटे की चाहत में पति और ससुराल वाले महिला पर अधिक बच्चे पैदा करने का दबाव बनाते हैं, जिसमें परिवार का आकार बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए पुरुष और महिलाओं में भेदभाव समाप्त करने की जरूरत है. बता दें कि इससे पहले उपेंद्र कुशवाहा ने भी सीएम नीतीश के बयान से अलग सीएम योगी के जनसंख्या नियंत्रण प्लान का समर्थन किया था.

    योगी ने कहा- कानून पर न हो पॉलिटिक्स
    बता दें कि न्यूज 18 ने जब योगी आदित्यनाथ से इस पर हो रही सियासत को लेकर सवाल पूछा तो उन्‍होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण केवल और केवल जागरूकता से ही हो सकता है. उन्होंने कहा कि हर निर्णय या योजना को राजनीतिक चश्मा लगाकर नहीं देखा जा सकता है. हमारी हर योजना के पीछे राज्य में खुशहाली लाना है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसंख्या नीति पर आगे कहा कि 21-30 की नीति को 2016 या 17 में तो नहीं लाता. विपक्ष हर वर्ग को गरीब रखना चाहता है, पिछले 7 सालों में केंद्र सरकार की सभी योजना के पीछे लोक कल्याण की भावना है.

    योगी ने बताया इसके पीछे ठोस वजह
    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगले 10 साल की जनसंख्या नीति घोषित करने के पीछे कई ठोस कारण हैं. उन्होंने कहा कि विकास के सही संतुलन के लिए ये जरूरी है. साथ ही बच्चे और मां के विकास के लिए जनसंख्या कंट्रोल बेहद आवश्यक है. आबादी में संतुलन से ही कुपोषण को रोका जा सकता है. जनसंख्या नीति का मकसद किसी के खिलाफ नहीं है ये केवल हर घर में खुशहाली लाने की पहल है. इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि जनसंख्या नीति का ड्राफ्ट तैयार हो गया है.

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