सरकार की आलोचना पर गुस्साए CM नीतीश, बोले- घर बैठे कुछ भी ट्वीट करना फैशन बना
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सरकार की आलोचना पर गुस्साए CM नीतीश, बोले- घर बैठे कुछ भी ट्वीट करना फैशन बना
नीतीश कुमार ने करीब एक घंटे के संबोधन में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर सरकार की आलोचना करने वालों पर जमकर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि बिना कुछ जाने घर में बैठक कर कुछ भी ट्वीट कर देना फैशन हो गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 15, 2020, 5:28 PM IST
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पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने शनिवार को अपनी सरकार की कथित तौर पर ‘मूर्खतापूर्ण आलोचना’ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों को उनकी उपलब्धि बेहतर तरीके से समझने के लिए उनके सत्ता में आने से पहले की राज्य की दयनीय हालत पर गौर करना चाहिए. उन्‍होंने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह (Independence Day Celebrations)को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ शिक्षकों की बहाली और पहले ही सेवा में मौजूद कर्मियों को कर्मचारी भविष्य निधि योजना (ईपीएफ) से जोड़ने जैसे लोकप्रिय कदमों की जानकारी दी. आपको बता दें कि लगातार चौथी बार निर्वाचित होने के लिए चुनाव मैदान में जाने से पहले मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस पर यह आखिरी संबोधन था.

विरोधियों पर यूं साधा निशाना
स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर नीतीश कुमार ने करीब एक घंटे के संबोधन के अंत में कहा, 'घर में बैठक कर कुछ भी ट्वीट कर देना फैशन हो गया है, वह भी बिना जाने कि क्या उपलब्धि हासिल की गई है.’ दरअसल, मुख्यमंत्री की नाराजगी कोविड-19 महामारी से निपटने में राज्य सरकार की कथित नाकामी और सामाजिक आर्थिक संकट के खिलाफ सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान की पृष्ठभूमि में आई है. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव, पूर्व सहयोगी और अब प्रतिद्वंद्वी प्रशांत किशोर और गठबंधन में सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी प्रमुख चिराग पासवान नीतीश सरकार के खिलाफ मुखर हैं.

सीएम ने युवा पीढ़ी से की ये अपील
इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों को, खासतौर पर हमारी युवा पीढ़ी को, यह जानना चाहिए कि 15 वर्ष पहले हालात कैसे थे. मैं अपने अधिकारियों से भी लगातार कहता रहता हूं. गड्ढों की वजह से शायद ही सड़क दिखाई देती थी. बिजली आपूर्ति की दयनीय स्थिति थी, जिसे हमने उसे बदला है.


बहरहाल, भाषण देने से पहले 69 वर्षीय नीतीश कुमार ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली. कोविड-19 की वजह से इस कार्यक्रम में सीमित संख्या में लोगों को शामिल होने की अनुमति थी एवं सभी ने मास्क पहना था. इससे पहले नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग पर भी ध्वजारोहण किया.
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