#RisingBihar : CM नीतीश बोले-विकास का मतलब चंद लोगों की संपत्ति में इजाफा नहीं

News18Hindi
Updated: March 9, 2018, 8:29 PM IST
#RisingBihar : CM नीतीश बोले-विकास का मतलब चंद लोगों की संपत्ति में इजाफा नहीं
राइजिंग बिहार में सीएम नीतीश कुमार
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Updated: March 9, 2018, 8:29 PM IST


देश का सबसे बड़ा टीवी नेटवर्क, न्यूज 18 नेटवर्क देशभर में नए उद्देश्य और विकास की थीम को आगे बढ़ाते हुए अलग-अलग प्रदेशों के आम और विशिष्टजनों से संवाद स्थापित कर रहा है. इसी कड़ी में #RisingBihar का आयोजन बिहार की राजधानी पटना में किया गया.

इस मौके पर बिहार के नीतीश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सामाजिक न्याय के साथ विकास मेरा उद्देश्य है. बिहार में विकास का मतलब चंद लोगों की संपत्ति का इजाफा नहीं है. उन्होंने कहा कि 2005 और आज के बिहार में काफी अंतर है.

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी विकास हुआ है. नये स्कूलों का निर्माण और बच्चों को शिक्षा तब चुनौती थी लेकिन अब बिहार के एक प्रतिशत से भी कम बच्चे अशिक्षित है.

अस्पतालों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. लोग अब अस्पताल पहुंचने लगे हैं और उनका इलाज हो रहा है. अस्पताल में मुफ्त दवा देने का प्रस्ताव लाये और 2006 के अगस्त महीने में पटना में इस योजना की शुरूआत की गई है.

इसी तरह परिवहन क्षेत्र में हमलोग सुधार कर रहे हैं ताकि बिहार के हरेक क्षेत्र से लोग राजधानी पटना पांच घंटे पहुंच गए हैं. इसके लिए हमलोग कोशिश कर रहे हैं. बिहार के हरेक इलाके का विकास हुआ है.

बिजली की स्थिति में भी सुधार हुआ है. इस साल के अंत तक सभी घरों में बिजली का कनेक्शन देंगे. सबको बिजली की उपलब्धता हो जाएगी तो इसका व्यापक असर होगा. कृषि के लिए अलग से फीडर का इंतजाम किया जा रहा है.




नीतीश 12 सालों से हैं बिहार के सीएम 


 पिछले 12 साल से बिहार की कमान सीएम नीतीश कुमार के हाथों में हैं. उन्हें उनकी काबिलियत और विकास कार्यों के बूते विकास पुरूष कह कर भी संबोधित किया जाता है. 2005 में बिहार की कमान संभालने वाले नीतीश भारतीय राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. उन्होंने छठी बार बिहार की कमान संभाली है.


नीतीश पहली बार साल 2000 में वे बिहार के मुख्यमंत्री बने लेकिन उन्हें सिर्फ सात दिनों में त्यागपत्र देना पड़ा. उसी साल वे केन्द्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कृषि मंत्री बने. मई 2001 से 2004 तक वे वाजपेयी सरकार में केन्द्रीय रेलमंत्री रहे. नीतीश कुमार की अगुआई में नवंबर 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की पंद्रह साल पुरानी सरकार हार गई और नीतीश की बिहार के मुख्यमंत्री तौर पर ताजपोशी हुई. नीतीश के मुख्यमंत्री रहते 2014 में उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव बुरी तरह से हार गई थी. उन्होनें अपनी पार्टी की संसदीय चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

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