बिहारः सियासत की राजधानी पटना में मुर्गों की लड़ाई भी हो रही फेमस, लगता है हजारों का सट्टा

पटना में प्रचलित हो रहा है मुर्गा युद्ध (सांकेतिक चित्र)

पटना में प्रचलित हो रहा है मुर्गा युद्ध (सांकेतिक चित्र)

Cock Fight In Patna: राजधानी पटना में मुर्गा की लड़ाई का खेल काफी प्रचलित हो रहा है. इन मुर्गों के मालिक नट समुदाय के लोग होते हैं जो इन्हें लड़ाई के लिए विशेष तौर पर ट्रेनिंग देते हैं और आक्रमकता और ताकत बढ़ाने के लिए जड़ी खिलाते हैं.

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पटना. सियासी उठापटक के लिए पहचाना जाने वाले पटना में इन दिनों मुर्गों की लड़ाई और उस पर सट्टा लगाने का फैशन तेज से फैल रहा है. इस शौक की बानगी अब राजधानी पटना में भी दिखने लगी है. पटना के बेली रोड के किनारे राजस्थान के नट समुदाय के लोग लगभग पचास की संख्या में रहते हैं और इन्हीं लोगों ने लगभग आठ से दस लड़ाकू जाति के मुर्गों को रखा है जो सट्टे की लड़ाई के लिए विशेष तौर पर तैयार किया जाते हैं.

इन्हें लगातार लड़ाई के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. NEWS 18 की टीम ने इस लड़ाई की जानकारी के लिए नट समुदाय से बात की तो देखा कि लगभग आठ से दस मुर्गे जो बाक़ी मुर्ग़ों से अलग लग रहे थे , लड़ाई कर रहे हैं. दो-दो मुर्गों को आपस में लड़ाया जा रहा था और मुर्ग़े के मालिक अलग-अलग तरीके से मुर्गों को उकसा रहे थे. पहले तो लगा कि मुर्गे की लड़ाई हो रही है, लेकिन जब मुर्गे के मालिक से पता चला कि इनकी ट्रेनिंग हो रही है तो पूछने पर उसने बताया की मुर्गे पर सट्टा लगता है. मुर्गे के मालिक सम्राट ने बताया कि बड़े-बड़े साहब लोग आते हैं और वही सट्टा लगाते हैं. ये सट्टा दो हजार से शुरू होकर पंद्रह हजार तक का लगता है.

लड़ाकू मुर्गों की प्रजाति अलग होती है

नट समुदाय मुर्गा मालिक सम्राट ने बताया की लड़ाकू मुर्गों को विशेष तौर पर तैयार किया जाता है. इनकी प्रजाति भी अलग होती है. हम ये मुर्ग़ा राजस्थान से लाते हैं और ये वहीं ज़्यादा पाए जाते हैं. कीकर और ताज जाति के ये मुर्गे होते हैं जो लड़ाई के लिए ही तैयार किये जाते हैं. इस मुर्गे के खानपान पर भी ध्यान दिया जाता है.
जड़ी के जरिए बढ़ाते हैं आक्रामकता और ताकत

इनको एक विशेष जड़ी भी खिलाई जाती है जिससे इसकी ताक़त बढ़ती है और साथ ही आक्रामकता भी. साथ ही एक प्रकार का तरल पदार्थ भी पिलाया जाता है, जिससे मुर्गा कुछ ज़्यादा ही आक्रामक होता है. जो मुर्गा जितना ज़्यादा आक्रामक होता है, उसकी उतनी ही डिमांड होती है.
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