धारा 370: मांझी और जेडीयू ने बताया काला दिन तो कांग्रेस बोली अलोकतांत्रिक प्रक्रिया

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये अलोकतांत्रिक प्रक्रिया है. पहले कश्मीर के लोगों को विश्वास में लेना चाहिए था

News18 Bihar
Updated: August 5, 2019, 1:44 PM IST
धारा 370: मांझी और जेडीयू ने बताया काला दिन तो कांग्रेस बोली अलोकतांत्रिक प्रक्रिया
जीतन राम मांझी की फाइल फोटो
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Updated: August 5, 2019, 1:44 PM IST
जम्मू-कश्मीर अब भारत का केंद्र शासित प्रदेश बन गया है. सोमवार को उम्मीद के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 पेश किया. इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के ही लद्दाख को भी एक अलग केंद्रशासित प्रदेश के रूप में अलग कर दिया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख के लिए केंद्र शासित प्रदेश के गठन की घोषणा की.

चंडीगढ़ की तरह से विधानसभा नहीं होगी. शाह ने राज्यसभा में घोषणा की कि कश्मीर और जम्मू डिवीजन विधान के साथ एक अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा, जहां दिल्ली और पुडुचेरी की तरह विधानसभा होगी. इस बिल के पेश होने के बाद जहां जेडीयू ने राज्यसभा से वॉक आउट कर दिया वहीं बिहार में भी विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

बीजेपी बोली

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के एमएलसी संजय पासवान ने कहा कि 35 A और 370 पर जेडीयू का अपना एजेंडा और हमारा अपना एजेंडा है. तीन तलाक़ पर भी था उनका अलग रुख़ था. चुनावी दृष्टिकोण से है हमारा और जेडीयू का संबंध है. पासवान ने कहा कि सरकार ने बेहतरीन काम किया है. हम अपने एजेंडे पर काम कर रहे हैं और अब जश्न मनाएंगे, उत्सव मनाएँगे, महोत्सव मनाएंगे.

मांझी बोले

बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने धारा 370 संशोधन पर बयान देते हुए कहा कि आज़ाद भारत के लिए आज का दिन काला दिन है. मोदी सरकार देश की एकता और अखंडता से खेल रही है और सरकार को इस बिल पर पुनर्विचार करने की जरूरत है. मांझी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार इस मामले पर अपना स्टैंड साफ़ करें. हम सब मिलकर इस तुगलकी फ़ैसले का विरोध करेंगें.

370 पर जेडीयू
बिहार सरकार के मंत्री श्याम रजक

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कांग्रेस का विरोध

कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये अलोकतांत्रिक प्रक्रिया है. पहले कश्मीर के लोगों को विश्वास में लेना चाहिए था फिर सभी राजनितिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए था,. बिना विश्वास में लिए कोई फैसला मनमाना ढंग से लागू करना सही नहीं है. मिश्रा ने कहा कि बहुमत का मतलब कोई भी फैसला लेना नहीं होता है. इस फैसले से कश्मीर में हिंसा की आशंका बढ़ गई है. सरकार जम्मू कश्मीर में हालात काबू में रखे.

जेडीयू का विरोध

इस बिल के पास होने पर जेडीयू की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई. बिहार सरकार के मंत्री जय कुमार सिंह ने बयान देते हुए कहा कि जेडीयू बिल के प्रारूप को देखेगी तभी कोई फ़ैसला लिया जाएगा. इसके साथ ही मंत्री ने साफ किया कि किसी भी विवादास्पद मुद्दे पर पार्टी का स्टैंड वही है जो पहले था. सरकार को तमाम पार्टियों को विश्वास में लेकर कोई फ़ैसला लेना चाहिए. जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रज़क ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि आज का दिन हिंदुस्तान के लिए काला दिन है. आज संविधान की हत्या की गई है और हमारी पार्टी इसका पुरज़ोर विरोध करती है.
First published: August 5, 2019, 12:47 PM IST
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