लाइव टीवी

बिहार: चुनावी साल में भी कांग्रेस में नहीं दिख रही सक्रियता, जदयू ने ली चुटकी
Patna News in Hindi

News18 Bihar
Updated: February 24, 2020, 11:26 PM IST
बिहार: चुनावी साल में भी कांग्रेस में नहीं दिख रही सक्रियता, जदयू ने ली चुटकी
चुनावों में भी सक्रिय नहीं दिख रहे बिहार कांग्रेस के नेता

बिहार में चुनावों (Elections) को लेकर तमाम दलों में सक्रियता दिखाई दे रही है लेकिन कांग्रेस की ओर से अब तक कोई सुगबुगाहट नहीं है. कांग्रेसी खुद ये स्वीकार करते हैं जबकि जदयू ने इस पर चुटकी ली है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: February 24, 2020, 11:26 PM IST
  • Share this:
पटना. बिहार विधानसभा के चुनाव (Bihar Assembly election) इसी साल है और इसकी तैयारी में बिहार की सभी पार्टियां जुट भी गई हैं लेकिन कांग्रेस अकेली ऐसी पार्टी है जिसके नेताओं के पांव पटना से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. पार्टी आलाकमान के निर्देशों और बिहार के अलग-अलग हिस्सों में निकलने के टास्क के बाद भी पार्टी के नेताओं के कान पर जूं नहीं रेंग रही है. अब तो कांग्रेस (Congress) के नेताओं को भी ये लगने लगा है कि देर हो रही है.

चुनावों को लेकर कांग्रेस में नहीं दिख रहा उत्साह
बिहार कांग्रेस का कैसे भला होगा, कैसे कांग्रेस खड़ी होगी बिहार में, ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो कांग्रेस के लिए पहेली बन गए हैं. बिहार में ये चुनावी साल है और तमाम पार्टियां चुनावी मोड में आ गई हैं. लेकिन कांग्रेस है की नींद से जाग नहीं रही है. हर पार्टी की तरफ से पिछले कई महीनों से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, चाहे वो एनडीए के दल हों या फिर महागठबंधन के, कांग्रेस को छोड़ कर दोनों गठबंधनों के दल अपने-अपने कार्यक्रमों में जुटे हुए हैं लेकिन कांग्रेस के नेताओं के पैर पटना से बाहर नहीं निकल रहे हैं. ये बात सिर्फ विपक्षियों को नहीं बल्कि कांग्रेस के नेताओं को भी ये लगने लगा है कि अब देर हो रही है.

कांग्रेस भी मानती है कि देर हो रही है



कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा कहते हैं कि ये बात सच है कि देर हो रही है लेकिन पार्टी जल्द एक्टिव होगी और जनता के बीच दिखेगी, हालांकि वो ये भी कहते हैं कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अपने चुनाव को लेकर ही सही जनता के बीच तो हैं और बाकी के नेता भी जल्द अपने-अपने क्षेत्र में जाएंगे.

केंद्रीय नेतृत्व के आदेश को नहीं दी तवज्जो
बिहार के दो प्रभारी सचिवों ने पार्टी के चारों कार्यकारी अध्यक्षों को जिलों में जाने का टास्क दिया था और इसकी रिपोर्ट भी मांगी थी लेकिन कांग्रेस के नेता इसके बाद भी टस से मस नहीं हुए. किसी भी कार्यकारी अध्यक्ष ने आलाकमान के इस आदेश को तवज्जो नहीं दी और अबतक किसी भी कार्यकारी अध्यक्ष ने कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं बनाया है. खुद प्रदेश अध्यक्ष पिछले कई महीनों से अपने एमलसी चुनाव के प्रचार में मधुबनी और दरभंगा के इलाकों में भ्रमण कर रहे हैं लेकिन पार्टी का क्या कार्यक्रम होगा इसपर कोई सोचने वाला नहीं है.

विपक्ष ने कांग्रेस पर ली चुटकी
पिछले 3 दशकों से कांग्रेस बिहार में किसी न किसी बैसाखी के सहारे ही अपना वजुद जिंदा रखे हुए है, ऐसे में विरोधी पार्टियां कांग्रेस को परजीवी बता रही हैं. जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा है कि कांग्रेस अमरबेल की तरह है. वो बिहार में किसी पार्टी के सहारे ही रह सकती है क्योंकि अब कांग्रेस इस हाल में पहुंच चुकी है कि अगर वो अकेली चलना चाहेगी तो खत्म हो जाएगी.

ये भी पढ़ें -
चिराग पासवान ने की बिहार दारोगा परीक्षा की CBI जांच की मांग, नीतीश कुमार को लिखी चिट्ठी
तेजस्वी की रैली में महफिल लूट ले गए तेजप्रताप यादव, खुद को बताया लालू का असली उत्‍तराधिकारी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 24, 2020, 11:26 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर