Bihar Assembly Election: कृषि बिल को बिहार में चुनावी मुद्दा बनाएगी कांग्रेस, जानें क्या है गेम प्लान

बिहार में किसान बिल को चुनावी मुद्दा बनाएगी कांग्रेस (फाइल फोटो)
बिहार में किसान बिल को चुनावी मुद्दा बनाएगी कांग्रेस (फाइल फोटो)

Bihar Assembly Election: कृषि बिल (Farm Bill) के सहारे चुनावी संग्राम में वोट बटोरने में लगी काग्रेस (Congress) ने बिहार में खास रणनीति तैयार की है. पार्टी के बड़े नेताओं की अगुआई में बिहार कोंग्रेस ने संगठन को धार देने की की तैयारी कर रखी है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 24, 2020, 10:20 AM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के ठीक पहले कांग्रेस ने संसद में हाल में पारित कृषि बिल को एक बड़े हथियार के रूप में चुनावी मुद्दा बनाने का फैसला किया है. इसी कड़ी में आज यानी 24 सितंबर से को पार्टी पटना में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) के अलावा बिहार प्रभारी राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल समेत कई नेता शिरकत करेंगे. पार्टी सूत्रों की मानें तो इसको लेकर दल की तरफ से जोरदार तैयारी की गई है.

अगले महीने भर तक पार्टी कृषि बिल के खिलाफ जनमानस में बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार के मक़सद से कार्यक्रम आयोजित करेगी. पार्टी सूत्रों की मानें तो उत्तर बिहार की तरह दक्षिण बिहार में भी विधानसभा वार वर्चुअल रैली आयोजित की जाएगी लेकिन इन रैलियों का मुख्य एजेंडा नया कृषि कानून होगा. रणनीति कुछ इस तरह तैयार की गई है कि एक ओर पार्टी की विधानसभा क्षेत्र में वर्चुअल रैली चल रही होगी तो दूसरी तरफ कांग्रेस के नेता से लेकर कार्यकर्ता सत्ता पक्ष के खिलाफ जमीनी लड़ाई लड़ते नजर आएंगे.





राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस के हाथ लगाने या किसी कानून ऐसा हथियार है जिसे कांग्रेस हर हाल में भुनाने को तैयार बैठी है. दक्षिण बिहार के अलावा जिला से लेकर प्रखंड तक पार्टी ने कृषि कानून के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाने का मसौदा तैयार किया है. इस आयोजन में पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन के साथ ही राज्यपाल से मुलाकात कर कृषि कानून की वापसी क मामला  कांग्रेसी नेता रखेंगे.
महागठबंधन में सीट शेयरिंग का मामला अभी अधर में लटका है लेकिन अलग से अब कांग्रेस लगातार संगठन की मजबूती पर ध्यान दे रही है. पार्टी ने 20 जिलों में लगभग 100 के करीब वर्चुअल रैली आयोजित की थी जिसके जरिए केंद्र की मोदी सरकार के अलावा बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार की नाकामियों को प्रमुखता से उठाया गया था.
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