अलर्ट! बिहार में बढ़ने लगे ब्लैक फंगस के मरीज, पटना AIIMS में सोमवार से खुलेगा स्‍पेशल वार्ड

बिहार में मिले ब्लैक फंगस के  29 मरीज

बिहार में मिले ब्लैक फंगस के 29 मरीज

Bihar Black Fungus Cases: विशेषज्ञों के अनुसार कोविड संक्रमण से ठीक होने के बाद खासकर शुगर, ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीजों में ज्यादा यह बीमारी पकड़ रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या काफी बढ़ेगी.

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पटना. कोविड संक्रमण से ठीक हुए मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा सामने आ रहा है. देश के कई राज्यों के साथ ही अब बिहार में भी इसके मामले सामने आने लगे हैं. शनिवार शाम तक के आंकड़ों के अनुसार बिहार में इसके 30 के मिल चुके हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक मई के अंत तक बिहार में ब्‍लैक फंगस के 1000 से 1500 तक मामले समाने आ सकते हैं. मरीजों की अचानक वृद्धि को देखते हुए एम्‍स में सोमवार से 20 बेड का ब्‍लैक फंगस वार्ड खोलने की तैयारी की जा रही है.

बता दें कि पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी पटना एम्स में शनिवार को पांच नए मरीज पहुंचे. यहां पहले से भी 10 मरीज हैं. अभी तक एम्स में कुल ब्लैक फंगस के 20 मरीज भर्ती हैं. एम्स में जो मरीज भर्ती हुए हैं, उनमें पटना, नेउरा, आरा, बक्सर, नवादा, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, के मरीज शामिल हैं.

शनिवार को मिले 10 नये मरीज

मिली जानकारी के अनुसार पटना में शनिवार को ब्लैक फंगस के 10 नये मरीज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए. जिनमें पटना एम्स में सबसे अधिक आठ, आईजीआईएमएस में एक और पारस अस्पताल में एक मरीज शामिल हैं. बताया जा रहा है कि बिहार में सरकारी और कुछ प्राइवेट अस्पतालों में अभी तक ब्लैक फंगस के कुल 29 मरीजों की पहचान की गई है.
ब्‍लैक फंगस संक्रमण के लक्षण पहचानें

ब्‍लैक फंगस से संक्रमित मरीजों के नाक, चेहरे, दांत, आंख और सिर में दर्द रहता है. उनके नाक से पानी और खून निकल सकता है. नाक में काली पपड़ी भी जम सकती है. आंखें लाल हो सकतीं हैं, उनमें सूजन हो सकती है. कई मामलों में आंखें बाहर निकल आती हैं तथा रोशनी भी जा सकती है. शुरुआत में पहचान हो जाने पर यह संक्रमण दवा के कुछ डोज से ही ठीक हो जाता है. वहीं, देर होने पर सर्जरी की जरूरत पड़ती है.

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