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LOCKDOWN: सासाराम में कम्युनिटी किचन दे रहा फ्री फूड सर्विस, ऑनलाइन मैसेज कर मंगा सकते हैं खाना

LOCKDOWN: सासाराम में कम्युनिटी किचन दे रहा फ्री फूड सर्विस, ऑनलाइन मैसेज कर मंगा सकते हैं खाना

सासाराम के फजलगंज स्थित बैंक कॉलोनी में इसके लिए कम्युनिटी किचन बनाई गई है. इस सोशल वर्किंग में 15 से 20 युवा जुड़े हुए हैं.

सासाराम के फजलगंज स्थित बैंक कॉलोनी में इसके लिए कम्युनिटी किचन बनाई गई है. इस सोशल वर्किंग में 15 से 20 युवा जुड़े हुए हैं.

होम डिलीवरी (Home Delivery) वाले खाने के पैकेट में ज्यादातर वेज बिरयानी, लिट्टी चोखा और पूरी सब्जी होती है. हर दिन बदल-बदल कर भोजन तैयार होता है.

सासाराम. बिहार (Bihar) के सासाराम में युवाओं द्वारा लॉकडाउन (Lockdown) में जरूरतमंदों और असहायों के घर तक भोजन पहुंचाने की अत्याधुनिक व्यवस्था की गई है. इसके लिए सोशल मीडिया पर निशुल्क होम डिलीवरी के लिए फोन नंबर भी जारी कर किया गया है. दिन में किसी वक्त उस नंबर पर फोन कर भोजन मंगाया जा सकता है. सासाराम के फजलगंज स्थित बैंक कॉलोनी में इसके लिए कम्युनिटी किचन बनाई गई है. इस सोशल वर्किंग में 15 से 20 युवा जुड़े हुए हैं. ये लोग प्रतिदिन दो हजार से अधिक भोजन के पैकेट्स को घर-घर तक पहुंचा रहे हैं.

पूरे सासाराम क्षेत्र में अगर किसी को भी भूख लगी हो या भोजन की आवश्यकता है, तो उस नंबर पर फोन कर अपने घर पर भोजन मंगा सकते हैं. इन लोगों का कहना है कि लॉकडाउन में बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्हें भोजन की समस्या है. लेकिन लॉकडाउन के कारण वे घर से नहीं निकल पा रहे हैं. ऐसे लोगों के लिए ही यह व्यवस्था की गई है, ताकि के घर पर ही रहें. जो लोग भोजन पहुंचाने घर-घर जा रहे हैं उन्हें कोई परेशानी ना हो इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों से भी बात की गई है.

कम्युनिटी किचन बनाकर पूरे सासाराम में होम डिलीवरी करने के इस कार्यक्रम का संचालन कर रहे समाजसेवी प्रेम प्रकाश उर्फ छोटू जी ने बताया कि जब से लॉकडाउन हुआ है, तभी से यह सिलसिला शुरू है. पहले चरण में एक दो मोहल्ले में यह कार्यक्रम चलाया गया. लेकिन अब धीरे-धीरे पूरे सासाराम क्षेत्र में जहां कहीं भी किसी को भोजन की आवश्यकता होती है, वे सोशल मीडिया पर जारी फोन नंबर पर खाना मंगा सकते हैं. इसमें स्थानीय युवाओं का सहयोग भी मिल रहा है. प्रतिदिन दो हजार से अधिक फूड पैकेट वे लोग वितरित कर रहे हैं. यह सब निजी स्तर पर किया जा रहा है.

कैसे होती है ऑनलाइन डिलीवरी?
सोशल मीडिया पर जारी नंबर पर अगर कोई जरूरतमंद फोन करते हैं, तो उनसे पूरे परिवार में सदस्यों की संख्या पूछी जाती है. उनका पता नोट किया जाता है और उसके बाद स्वयं सेवक बाइक से खाना लेकर घरों तक पहुंच जाते हैं. यह सेवा पूरी तरह से निशुल्क है. इसके अलावा अगर कोई आदमी आकर खाना ले जाना चाहे तो उन्हें भी आपूर्ति दी जाती है. प्रेम प्रकाश का कहना है कि वे लोग मानवता की सेवा करने में लगे हैं. बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें दो वक्त का भोजन मिलना मुश्किल है. लेकिन इस लॉकडाउन में उन लोगों ने संकल्प लिया है कि अपने निजी स्तर से वे लोग सासाराम के सभी असहायों को दोनों टाइम का भोजन कराएंगे. लॉकडाउन के 10 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक यह सेवा निरंतर जारी है और जब तक लॉकडाउन रहेगी, तब तक यह सेवा चलती रहेगी.

अन्य समाजसेवियों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है फूड पैकेट
जो दूरदराज के गरीबों तक भोजन पहुंचाना चाहते हैं, वैसे समाजसेवियों को यहां फूड पैकेट मिल जाता है. वह चाहे तो यहां से खाने का पैकेट लेकर गांव में जाकर बांट सकते हैं. इस प्रकार प्रतिदिन दो से ढाई हजार लोगों तक यहां से खाना पहुंच रहा है.

घर-घर पहुंच रही है वेज बिरयानी, लिट्टी चोखा और पूरी सब्जी
होम डिलीवरी वाले खाने के पैकेट में ज्यादातर वेज बिरयानी, लिट्टी चोखा और पूरी सब्जी होती है. हर दिन बदल-बदल कर भोजन तैयार होता है. यहां तक कि सुबह में पूरी सब्जी और जलेबी, तो दोपहर में वेज पनीर बिरयानी की व्यवस्था होती है. इस प्रकार लोगों को स्वाद बदल बदल कर व्यंजन परोसे जा रहे हैं, ताकि एक ही तरह के खाने से लोग बोर ना हो जाएं. इतना ही नहीं अगर कोई आदमी प्रतिदिन दोनों टाइम के भोजन का डिमांड करते हैं, तो स्वयंसेवक प्रतिदिन भोजन पहुंचा रहे हैं.

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Tags: Bihar News, Corona Virus, Coronavirus in India, Food, Home delivery, Lockdown, Sasaram, रोहतास

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