बिहार: कोरोना काल के हीरो: सड़क पर भूखे भटकते जानवरों के लिए मसीहा बना पटना का यह शख्स, बताई ये वजह

पटना के सुजीत कुमार ने पेश की मानवता की मिसाल.

पटना के सुजीत कुमार ने पेश की मानवता की मिसाल.

Patna News: सुजीत ने जब देखा कि कोरोना की वजह से लोग घर से कम निकल रहे हैं और कई होटल भी बंद हो गए हैं. इससे जानवरों को खाना मिलने में दिक़्क़त हो रही है. इन्होंने तय किया कि वो सड़क पर रहने वाले बेसहारा जानवरों को भोजन उपलब्ध कराएंगे.

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पटना. कोरोना संक्रमण के इस संकट काल में ज़रूरतमंद लोगों की मदद करते आपने कई लोगों के बारे में देखा- जाना होगा, लेकिन आज हम आपको कोरोना काल के एक ऐसे हीरो के बारे में बताते हैं जो सड़क पर रहने वाले भूखे-प्यासे मजबूर जानवरों को सुबह-शाम भोजन करवाते हैं. अपनी गाड़ी में भोजन भरकर लाते हैं और सड़क किनारे खड़ी कर जानवरों को बड़े प्यार से पेट भरकर भोजन करवाते हैं और उन्हें तृप्ति पहुंचाते हैं. पटना के रहने वाले सुजीत कुमार सड़कों पर रहने वाले बेसहारा, आवारा और मजबूर जानवरों की सेवा अपने जन चेतना अभियान और आंदोलन नाम की संस्था के माध्यम से करते हैं.

दरअसल कोरोना के संक्रमण बढ़ने के बाद सुजीत ने जब देखा कि कोरोना की वजह से लोग घर से कम निकल रहे हैं और कई होटल भी बंद हो गए हैं. इस वजह से जानवरों को खाना मिलने में दिक़्क़त हो रही है. इन्होंने तय किया कि वो सड़क पर रहने वाले बेसहारा जानवरों को जितना भी हो सके, भोजन उपलब्ध कराएंगे. अब सुजीत सुबह और शाम दोनों वक्तअपने घर से निकलते हैं और पटना की सड़कों पर आवारा घूमने वाले जानवरों को भोजन मुहैया करवाते हैं.

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वे अपनी गाड़ी में सड़कों पर घूमने वाले जानवरों के लिए दूध, रोटी और दूसरे खाने वाले सामान लेकर निकलते हैं और जैसे ही उन्हें कहीं जानवर नज़र आ जाता है, सुजीत  तुरंत अपने हाथों से भोजन करवाने लगते हैं. जानवर गंदे हो या आवारा, सुजीत को इससे तनिक भी फ़र्क़ नहीं पड़ता है. वो ख़ास तरह के बर्तन निकालते हैं और दूध रोटी, तो कभी अंडा, तो कभी जानवरों को खाने वाले भोजन कराते हैं.
NEWS 18 की टीम ने जब  सुजीत से पूछा कि आख़िर जानवरों को ही क्यों खाना खिलाते हैं? तो वो कहते हैं इंसान की मदद के लिए तो कई लोग आते हैं, लेकिन जानवरों को देखने वाले बहुत कम. मेरे लिए जानवर भी इंसान ही हैं. इन बेसहारा, भूखे जानवरों की सेवा करने में उन्हें एक अलग तरह के आनंद की अनुभूति होती है.

सुजीत बताते हैं कि वो काफ़ी पहले से जानवरों की सेवा करते आए हैं. ख़ासकर सड़क पर आवारा जानवरों की. लेकिन, जब कोरोना के दौर में सड़क पर रहने वाले जानवरों को देखा तो मेरा मन बेचैन हो गया और मैंने तय कर लिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, पटना की सड़क पर किसी भी जानवर को भूख से परेशान नहीं होने देंगे. शुरू शुरू में सूजीत के इस हरकत को लोग अजीब से नज़र से देखते थे लेकिन अब पटना के कई इलाक़ों के लोग सुजीत को जानने लगे हैं और खूब तारिफ़ करते हैं.
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