बिहार: सबसे बड़े अस्पताल PMCH में पोस्टमार्टम बना धंधा, परिजनों से वसूले जा रहे 400 से 800 रुपये

पीएमसीएच के पोस्टमॉर्टम रूम के इर्द-गिर्द लोगों की भीड़ लगी रहती है. वजह ये है कि शव लेकर पीएमसीएच पहुंचने वाले परिजनों को यहां घंटों इतजार करना पड़ता है. आलम यह है कि जैसे ही कोई कर्मी नजर आता है तभी हंगामा शुरू हो जाता है.

News18 Bihar
Updated: May 22, 2019, 2:39 PM IST
बिहार: सबसे बड़े अस्पताल PMCH में पोस्टमार्टम बना धंधा, परिजनों से वसूले जा रहे 400 से 800 रुपये
फाइल फोटो
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Updated: May 22, 2019, 2:39 PM IST
बिहार के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच पटना में पोस्टमार्टम करने के तौर-तरीके, हालात और सिस्टम... सभी सवालों के घेरे में हैं. यहां पोस्टमार्टम कर्मी ना तो मुर्दों पर तरस खाते हैं और ना ही परिजनों पर. पोस्टमार्टम के नाम पर खुलेआम लूट मची है. पोस्टमार्टम के लिए परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. सबसे हैरान करने वाली बात ये कि पोस्टमार्टम करनेवाला कर्मी भी अनट्रेंड स्वीपर होता है.

पीएमसीएच के पोस्टमार्टम रूम के इर्द-गिर्द लोगों की भीड़ लगी रहती है. वजह ये है कि शव लेकर पीएमसीएच पहुंचने वाले परिजनों को यहां घंटों इतजार करना पड़ता है. आलम यह है कि जैसे ही कोई कर्मी नजर आता है तभी हंगामा शुरू हो जाता है.



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पोस्टमार्टमकर्मी की संवेदनहीनता के बीच मतकों के परिजन भी अपनी सारी पीड़ा भूल अपना काम पहले करवाने की होड़ में लग जाते हैं. दरअसल जहां पोस्टमॉर्टम के लिए शव ले जाया जाता है वहां परिजनों को कई-कई घंटों तक इंतजार करना पड़ता है.

बाहर खड़े परिजनों के लिए यहां न तो वेटिंग रूम की सुविधा दी गई है और न ही शव के रखने के लिए कोई जगह. हालात ऐसे हैं कि सूबे का सबसे बड़ा अस्पताल होने के नाते यहां शवों के आने का सिलसिला लगा रहता है. मजबूरी में शवों को फर्श पर छोड़ दिया जाता है.

परिजन आरोप लगाते हैं कि किसी से 400 रूपये लिए जाते हैं तो किसी से 600 और 800. अगर जेब ढीला नहीं किया गया तो शव पोस्टमॉर्टम रूम के अंदर प्रवेश ही नहीं कराने दिया जाता.

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पैसे लेने के तरीके भी अलग हैं. किसी से कफन के नाम पर तो किसी से पॉलिथीन के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं. पोस्टमॉर्टम के फोर्थ ग्रेड कर्मी खुद कहता है कि ज्यादातर स्वीपर पोस्टमॉर्टम करता है और स्वीपर ही शव की सिलाई भी करता है.

फोरेंसिक विभाग के डॉक्टरों का काम अनट्रेंड स्वीपर करता है ऐसे में जहां पोस्टमार्टम पर भरोसा करना सही नहीं है वहीं शव के साथ भी एक भद्दा मजाक ही है जिसे स्वीपर अंजाम दे रहा है.

हालांकि पीएमसीएच के प्राचार्य रामजी प्रसाद इन आरोपों को एक सिरे से नकारते हैं और जल्दी ही व्यवस्था सही करने का दावा करते हैं. हालांकि इसका असर भी हुआ है और  प्राचार्य ने इस मसले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि जल्दी ही वेटिंग रूम का ताला खोल दिया जाएगा.

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प्राचार्य ने यह भी कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को हर हाल में रहने की हिदायत दे दी गई है और उनकी मौजूदगी में ही स्टिच होगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बीएमएसआईसीएल को जल्द फोरेंसिक बिल्डिंग पीएमसीएच को सुपुर्द करने का निर्देश दिया गया है.

बहरहाल प्राचार्य के निर्देश पर आगे क्या होता है यह देखने वाली बात होगी, लेकिन उन्होंने नजराना वसूले जाने को लेकर कोई बात नहीं कही. सवाल फिर वही कि पोस्टॉमार्टम हाउस में घंटों पोस्टमार्टम के लिए इंतजार कब तक करना पड़ेगा, कब तक नजराने का खेल जारी रहेगा?

रिपोर्ट- रजनीश कुमार

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