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Exclusive: बिहार के 38 में से 28 जिलों में नहीं पहुंच पाया कोरोना, चेन ब्रेक फार्मूला ने कैसे किया कमाल
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News18 Bihar
Updated: April 10, 2020, 10:09 AM IST
Exclusive: बिहार के 38 में से 28 जिलों में नहीं पहुंच पाया कोरोना, चेन ब्रेक फार्मूला ने कैसे किया कमाल
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए डॉक्टर कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण रोकने के लिए बिहार सरकार शुरू से ही सभी एहतियाती कदम उठा रही है और उसे जमीन पर लागू भी कर रही है. शुक्रवार को राज्य में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 60 पर पहुंच गई.

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प्रभाकर कुमार

पटना. चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. इसके संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज है कि अमेरिका, इटली और स्पेन जैसे शैक्षिक-आर्थिक-सामाजिक रूप से विकसित देशों ने भी घुटने टेक दिए हैं. भारत में पहला मामला 29 जनवरी को सामने आने के साथ ही सरकार ने एहतियाती कदम उठाने शुरू किए पर इसके संक्रमण की रफ्तार बढ़ती ही गई है. महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना जैसे राज्यों में लगातार बढ़ रहे मामले देखकर बिहार जैसे राज्य के लिए बड़े खतरे की आशंका थी. हालांकि फिलहाल राहत की बात ये है कि 22 मार्च को प्रदेश में पहला मामला सामने आने के बाद से बिहार ने इसे सिर्फ 10 जिलों से बाहर फैलने नहीं दिया है.

बिहार के लिए सुकून वाली बात यह है कि अब तक इसका संक्रमण राज्य के 38 जिलों में से 28 में नहीं हुआ है. खास बात यह भी है कि कोरोना संक्रमित पटना के सभी छह, मुंगेर के सात में से छह (कतर से लौटे एक युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से पहले मौत हो गई थी) और भागलपुर के सात में से छह मरीज बिल्कुल स्वस्थ होकर घर वापस लौट चुके हैं.



सरकार ने उठाए एहतियाती कदम



दरअसल, बिहार सरकार शुरू से ही सभी एहतियाती कदम उठा रही है और उसे जमीन पर लागू भी कर रही है. इसके तहत बाहर से आने वाले लोगों के लिए गांव के बाहर रहने के लिए क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए हैं, वहीं बाहर से आने वाले लोगों पर नजर भी रखी जा रही है. ग्रामीण भी इसके लिए जागरूक नजर आ रहे हैं. कई गांवों में बाहर से आने वाले लोगों को ग्रामीण अपने गांव में नहीं प्रवेश करने दे रहे. चम्पारण के थरुहट इलाके के तो 50 गांव के लोगों ने एक साथ अपने इलाकों में सीलबंदी कर दी थी.

वहीं, बिहार सरकार ने केंद्र सरकार के 24 मार्च की आधी रात से लॉकडाउन के फैसले से पहले 23 मार्च की सुबह से ही प्रदेश में तालाबंदी कर दी थी. इसके बाद भारत-नेपाल सीमा को सबसे पहले पूर्ण रूप से सील कर दिया गया. जिन जिलों में कोरोना संक्रमित मरीज नहीं भी थे, वहां संदिग्धों की तलाश की गई, और करीब 12 हजार से अधिक लोगों को क्वारेंटाइन किया गया. इसके साथ ही किसी भी प्रकार का शक होने पर तुरंत उसे अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई. इसके लिए सभी जिला अस्पतालों में क्वारेंटाइन वार्ड भी बनाए गए थे.
मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार के अनुसार बिहार सरकार ने 150 शिविर बनाए अपने राज्य के सीमा पर, जहां बाहर से आने वाले लोगों को रखा जा रहा है. कुल 17,964 लोग ऐसे शिविरो में रह रहे हैं. वही 3147 स्कूल में क्वारेंटाइन सेंटर चल रहे हैं, जहां लगभग 35,000 लोग रह रहे हैं.

लॉकडाउन का सख्ती से पालन

इस तत्परता के साथ ही पूरे प्रदेश में लॉकडाउन को सख्ती से पालन करवाने में भी शासन ने कई तरह से पहल की. एक तरफ जहां पुलिसवालों ने पीपुल्स फ्रेंडली रवैया अपनाया, वहीं सख्ती में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. बीते 17 दिनों में लॉकडाउन तोड़नेवाले 11 हजार से अधिक वाहन जब्त किए गए और उनसे ढाई करोड़ से अधिक जुर्माना भी वसूला गया. वहीं 750 से अधिक FIR किए गए, जबकि 540 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया.

बिहार जैसे राज्य में अप्रवासियों के आने से कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण का खतरा था. इसके मद्देनजर देश के विभिन्न राज्यों में बिहार के प्रवासी श्रमिकों बिहार भवन, नई दिल्ली में स्थापित नियंत्रण कक्ष किया गया. 9 अप्रैल तक नियंत्रण कक्ष द्वारा साढ़े आठ लाख से अधिक व्यक्तियों की समस्याओं पर एक्शन लिया गया. जाहिर है बिहार सरकार ने हर स्तर पर तैयारी की और फिलहाल कोरोना चेन को रोकने में कामयाबी पाई है.

covid-19-28-out-of-38-districts-safe-from-coronavirus-in-bihar-how-chain-break-formula-works | बिहार के 38 में से 28 जिलों में नहीं पहुंच पाया कोरोना, चेन ब्रेक फार्मूला ने कैसे किया कमाल
बिहार में बाहर से आए लोगों की वजह से संक्रमण न फैले, इसका पुख्ता इंतजाम किया गया.


खतरा गंभीर है

हालांकि सीवान और बेगूसराय का मामला बेहद खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है. एक दिन में सीवान में जहां 10 मरीज सामने आए और उनमें से भी 9 एक ही परिवार से, ये बेहद गंभीर स्थिति की ओर भी इशारा कर रहा है. वहीं बेगूसराय में जिन दो नाबालिग जमातियों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया और इसके बाद दो और मरीजों के सामने आने के साथ ये आंकड़ा पांच तक पहुंचा तो सरकार सचेत भी हो गई है.

दरअसल खतरा इसलिए बड़ा लग रहा है क्योंकि बेगूसराय के कोरोना पॉजिटिव जमातियों ने कई क्षेत्रों में भ्रमण किया और धर्म का प्रचार किया है. वहीं सीवान में जिस महिला से एक परिवार के 9 सदस्य कोरोना के शिकार हुए वह ओमान से आई थी. जाहिर है कई दिनों तक बिना जानकारी के इनलोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा. अब जरूरी ये है कि इनके संपर्क में आने वाले सभी लोगों की पहचान कर तत्काल क्वारेंटाइन किया जाए.

बिहार में 60 कोरोना पॉजिटिव

बिहार में कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों की संख्या अब बढ़कर 60 हो गई है. सबसे अधिक मरीज सीवान जिले से सामने आए हैं. गुरुवार को यहां 17 मामले और शुक्रवार की सुबह-सुबह दो और केस सामने आने के साथ जिले में ही कोरोना के कुल 29 मामले पॉजिटिव पाए गए हैं. हालांकि इनमें से चार मरीज ठीक भी हो चुके हैं. खास बात ये है कि इनमें एक ही परिवार के 23 सदस्य हैं. इसके अलावा मुंगेर में 7 और बेगूसराय, पटना व गया में भी 5-5 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. इसी तरह गोपालगंज में 3, नालंदा में 2 और सारण, लखीसराय, भागलपुर तथा नवादा में 1-1 केस सामने आए हैं.

(प्रभाकर कुमार News 18 Bihar के सीनियर एडिटर हैं.)

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First published: April 10, 2020, 9:05 AM IST
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