COVID-19: बिहार में जीविका दीदियों ने बनाए 27 लाख मास्क, रोज 1500 का होता है निर्माण

जीविका दीदियां मास्क बनाने में जुटी हुई हैं.

जीविका दीदियां पूरे बिहार (Bihar) में 22 अप्रैल से मास्क (Mask) बनाने में लगी हैं. जीविका इन्हें कच्चा माल उपलब्ध कर रही है

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पटना. बिहार की जीविका दीदियों ने इस कोरोना काल (Corona Time) में भी हार नहीं मानी है और अपने स्तर पर लोगों की मदद करने में जुटी हुई है. मास्क (Mask) की बढ़ती मांग को देखते हुए जीविका समूहों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. कोरोना से बचाव और लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए जिस प्रकार सरकार लगातार तत्पर है, उसी प्रकार जीविका दीदियां भी इस महामारी (Corona Epidemic) को मात देने में लगी है. 22 अप्रैल से जीविका दीदियां पूरे बिहार में मास्क बनाने में लगी हैं. जीविका इन्हें कच्चा माल उपलब्ध कर रही है, जिससे ये दीदियां अपने घरों में या ब्लाक ऑफिस में मास्क बना रही हैं. सेंटर पर भी ये मास्क बनाए जा रहे हैं और इस काम में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया जा रहा है.

ए​क दिन में बना रही हैं इतने मास्क

बिहार के लगभग हर ब्लॉक में जीविका की दीदियां कोरोना से लड़ाई के लिए मास्क बनाने में जुटी हैं. अब तक जीविका दीदियों ने 27 लाख से ज्यादा मास्कों का निर्माण किया है.
जीविका के दानापुर का प्रोजेक्ट देख रहे राजेश कुमार ने पटना जिले के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि केवल पटना जिले में ही 1 लाख 70 हजार मास्क का निर्माण हुआ है. इस निर्माण कार्य में जीविका के 250 से ज्यादा सेंटर शामिल है. दानापुर सेंटर पर मौजूद जीविका दीदी ग्राम संगठन की अध्यक्ष माधुरी देवी का कहना है कि पहले ये लोग सिर्फ दो सौ से तीन सौ मास्क बना पाते थे, लेकिन नई तकनीक की मशीन चलाने के बाद अब ये आसानी से एक दिन में एक हजार से पंद्रह सौ मास्क बना रहे हैं.

कॉटन के डबल लेयर मास्क बनाए जा रहे हैं

ये मास्क डबल लेयर कॉटन के मास्क है, जो महज 15 रुपये में सरकारी से लेकर गैर सरकारी ऑफिस द्वारा खरीदे जा रहे हैं. ये मास्क ना सिर्फ सस्ते हैं बल्कि कॉटन से बने होने के कारण इनमें सांस लेने में भी कोई परेशानी नहीं होती. वहीं इन मास्क को थोक भाव में आप जीविका के ऑफिस से खरीद सकते है. जीविका के ऑफिस सभी ब्लाक, जिलें में है या राज्य ऑफिस यानी पटना से लिया जा सकता है. अब तक दो करोड़ से भी ज्यादा रुपयों के ये मास्क बिक चुके है .

मास्क के बाद अब सेनेटाइजर भी बन रहा है

जीविका अधिकारी महुआ मांझी ने बताया कि दो हजार से भी ज्यादा जीविका दीदियां मास्क बनाने में जुटी है और हमें खुशी है हम ज्यादा से ज्यादा डिमांड पूरी कर पा रहे है. कुछ जिलों में अब मास्क के बाद सेनेटाइजर भी बनाया जा रहा है, जिनमें फिलहाल भोजपुर और वैशाली शामिल है ताकि अस्पतालों, सरकारी -गैर सरकारी संस्थानों और क्वारंटाइन सेंटरों में जरूरत के हिसाब से सप्लाई किया जा सकें.

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