COVID-19: बिहार में भी शुरू हुआ प्लाज्मा थेरेपी, पटना AIIMS में ट्रांसफ्यूजन आज
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COVID-19: बिहार में भी शुरू हुआ प्लाज्मा थेरेपी, पटना AIIMS में ट्रांसफ्यूजन आज
बिहार में कोरोना संक्रमित मरीज का प्लाज्मा थेरेपी से होगा इलाज.

कोरोना निगेटिव होने के 14 दिन बाद प्लाज्मा दे सकते हैं. इसके लिए एम्स ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. नेहा सिंह को 9993028936, डॉ. नवनीता को 9599274710 तथा डॉ. नीरज को 8505864856 पर कॉल कर सकते हैं.

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पटना. बिहार में भी कोरोना (Corona) के गंभीर मरीजों को स्वस्थ्य करने के लिए आखिरकार पलाज्मा डोनर (Plasma donor) मिल गया. राज्य का यह पहला प्लाज्मा डोनर है जिसने कोरोना से जंग जीतने के बाद किसी दूसरे कोरोना मरीज की जान बचाने के लिए प्लाज्मा डोनेट किया है. दरअसल इस मरीज के परिवार के चार लोग कोरोना पॉजिटिव थे. खाजपुरा कोरोना के लिए हॉटस्पॉट था और यह डोनर भी खाजपुरा से ही मिला है. वैसे  प्लाज्मा डोनेशन के लिए राज्य के विभिन्न जिलों के ठीक हो चुके मरीजों से संपर्क किया गया पर सबसे पहले राज्य में पटना के दीपक कुमार  ही डोनेशन के लिए तैयार हुए.

खाजपुरा के रहने वाले हैं पहले प्लाज्मा डोनर
खाजपुरा के रहने वाले शख्स दीपक कुमार को प्लाज्मा देने के लिए पटना एम्स की ब्लड बैंक की इंचार्ज और इस कार्यक्रम की प्रिंसिपल इनवेस्टीगेटर डॉ. नेहा सिंह ने काफी प्रेरित किया. नेहा सिंह ने उन्हें समझाया कि प्लाज्मा डोनेशन करने में कोई दिक्कत नहीं है. 72 घंटे के अंदर प्लाज्मा फिर शरीर में तैयार हो जाएगा. आपके इस डोनेशन से कोरोना के पांच गंभीर मरीज को स्वस्थ्य बनाने में कामयाबी मिल सकती है. सारी स्थितियों को बेहतर तरीके से समझने के बाद दीपक कुमार राजी हो गए. उन्हें डोनेशन के लिए शुक्रवार को बुलाया गया. नई आई एफ्रेसीस मशीन की मदद से दीपक के शरीर से सिर्फ 500 एमएल प्लाज्मा निकाला गया.

मरीज में प्लाज्मा का ट्रांसफ्यूजन आज



डाॅ. नेहा सिंह ने बताया कि एम्स में ही भर्ती पाॅजिटिव काेराेना मरीज काे डाेनेटेड प्लाजमा दिए जाने की संभावना जाएगा. इसके लिए प्रकिया शुरू हाे गई है. इस गंभीर मरीज का प्लाजमा टेस्ट के लिए भेजा जाएगा. दीपक औरर इस मरीज के प्लाजमा के मैच करने के बाद इसे उस मरीज में ट्रांसफ्यूजन किया जाएगा.  डाॅ. नेहा के अनुसार चार माह से पहले किसी मरीज में प्लाजमा देने से वह ठीक से काम करता है. वैसे एक साल तक प्लाजमा ठीक रहता है पर उसमें जितना एंटीबाॅडी रहना चाहिए, नहीं रहता है.



बिहार के लिये बड़ी उपलब्धि
डॉ. नेहा ने बताया कि प्लाज्मा थेरेपी राज्य के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने कहा कि पलाज्मा डोनेशन के लिए लोगों को आगे आना चाहिए. प्लाज्मा डोनेशन करने में कोई नुकसान नहीं. 500 एमएल के प्लाज्मा से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है. एक मरीज को 100 एमएल प्लाज्मा चढ़ाने की जरूरत होती है. किसी-किसी मरीज में 200 एमएल प्लाज्मा की जरूरत भी होती है और भला ऐसे हालात में इसलिए इससे बड़ा नेक कार्य क्या हो सकता है.

AIIMS के डॉक्टर ने कही ये बात
डॉ. नेहा कि माने तो कोरोना जंग जीत चुके लोगों में प्लाज्मा डोनेशन के प्रति जागरूकता की कमी है.उन्हें बताना जरूरी है कि डोनेशन तभी लिया जाएगा जब डोनर की शारीरिक स्थिति गाइडलाइन के मुताबिक हर तरह से फिट हो. डोनर के शरीर में खून, एंटी बॉ़डी टाइटर ठीक होने पर ही डोनेशन लिया जाता है. हालांकि कोरोना से स्वस्थ होने के 14 दिन से 28 दिन के बाद प्लाज्मा डोनेशन किया जा सकता है.

यहां कर सकते हैं कॉल

कोरोना निगेटिव होने के 14 दिन बाद प्लाज्मा दे सकते हैं. इसके लिए एम्स ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. नेहा सिंह को 9993028936, डॉ. नवनीता को 9599274710 तथा डॉ. नीरज को 8505864856 पर कॉल कर सकते हैं. प्लाज्मा देने वाले को आने-जाने के खर्च के लिए पांच सौ रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे.

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First published: June 6, 2020, 7:32 AM IST
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