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कोरोना से जंग: अब मरीज को अस्पताल में भरना होगा ऐसा शपथ पत्र
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News18Hindi
Updated: April 7, 2020, 6:55 PM IST
कोरोना से जंग: अब मरीज को अस्पताल में भरना होगा ऐसा शपथ पत्र
घोषणा पत्र के अनुसार, शपथ पत्र में लिखना होगा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान मैं स्वयं आपातकालीन उपचार के लिए आया हूं. यदि मैं कोविड-19 का लक्षण विहीन वाहक या डायग्नोसिस मरीज हुआ तो मैं चिकित्सा चिकित्साकर्मियों के लिए खतरा हो सकता हूं.

घोषणा पत्र के अनुसार, शपथ पत्र में लिखना होगा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान मैं स्वयं आपातकालीन उपचार के लिए आया हूं. यदि मैं कोविड-19 का लक्षण विहीन वाहक या डायग्नोसिस मरीज हुआ तो मैं चिकित्सा चिकित्साकर्मियों के लिए खतरा हो सकता हूं.

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पटना. बिहार में कोरोना (Corona) की जंग के बीच अब संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर शपथ पत्र की तैयारी की जा रही है. अस्पतालों (Hospitals) में आने वाले मरीज को यह घोषणा करनी होगी कि वह करोना से संक्रमित नहीं है और बचाव को लेकर हर सावधानी का पालन कर रहा है. अस्पताल और अन्य मरीजों को करोना का संक्रमण न हो इसके लिए संबंधित मरीजों की पूरी सावधानी बरतनी होगी. आईएमए की तरफ से एक ऐसा फॉर्मेट तैयार किया गया है, जिसे इलाज के दौरान मरीजों को भरना होगा. बताया जा रहा है कि इस तरह की तैयारी हर आस्पताल करे, तो इलाज के दौरान संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाएगा.

ऐसी व्यवस्था से कम होगा संक्रमण के फैलने का खतरा

आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद का कहना है कि अस्पतालों में ऐसी व्यवस्था से संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाएगा. संबंधित घोषणापत्र में मरीज से संबंधित सभी जानकारी दर्ज होगी. इसमें मरीज का नाम, पता और मोबाइल नंबर के साथ उसके हस्ताक्षर भी होंगे. इस घोषणापत्र में अस्पताल का नाम पता और संबंधित डॉक्टर का भी पूरा ब्यौरा दर्ज करना है. इससे काम भी काफी आसान हो जाएगा. पटना के अस्पतालों में इसका अनुपालन भी शुरू हो गया है.



ऐसे देनी होगी पूरी जानकारी



घोषणापत्र के अनुसार, शपथ पत्र में लिखना होगा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान मैं स्वयं आपातकालीन उपचार के लिए आया हूं. यदि मैं कोविड-19 का लक्षण विहीन वाहक या डायग्नोसिस मरीज हुआ तो मैं चिकित्साकर्मियों के लिए खतरा हो सकता हूं. यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उचित सावधानियां बरतूं और चिकित्साकर्मियों द्वारा बताए गए प्रोटोकॉल का पालन करूं. मैं यह जानता हूं कि मैं अस्पताल से संक्रमित हो सकता हूं. मैं संक्रमण से बचने के लिए सारी सावधानियां बरतूंगा. यदि मुझे या मेरे साथ आए किसी व्यक्ति को संक्रमण होता है, तो मैं चिकित्सक या चिकित्साकर्मी को दोषी नहीं ठहराऊंगा.

अस्पताल में बनी थी करोना की चैन
कतर से आया मुंगेर का सैफ करोना से संक्रमित था. सैफ ने पहले मुंगेर में इलाज कराया इसके बाद उसे पटना के शरणम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान एम्स में उसकी मौत हो गई थी. मुंगेर और गया से लेकर पटना तक सैफ के संक्रमण का जाल फैल गया. इस खुलासे के बाद अब अस्पताल इलाज के लिए काफी अलर्ट हो गए हैं. बताया जा रहा है जब अस्पतालों में किसी भी मरीज को भर्ती करने में काफी सावधानी बरती जा रही है. कई छोटे अस्पताल तो संसाधन के अभाव में मरीजों को भर्ती ही नहीं कर रहे हैं.

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First published: April 7, 2020, 6:42 PM IST
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