Covid-19 Update: बिहार में कोरोना के 1007 नए मामले आए सामने, 21 और मरीजों की मौत

राज्य में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए पांच मई से ही लॉकडाउन एवं पाबंदियां लागू हैं. (सांकेतिक फोटो)

राज्य में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए पांच मई से ही लॉकडाउन एवं पाबंदियां लागू हैं. (सांकेतिक फोटो)

स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के मुताबिक, राज्य में अबतक कोरोना वायरस संक्रमण के 7,12,197 मामले सामने आए हैं जिनमें से 6,97,229 मरीज अभी तक ठीक हो चुके हैं. विभाग ने बताया कि राज्य में अबतक कुल 5,340 लोगों की जान गई है.

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पटना. बिहार (Bihar) में शनिवार को कोविड-19 (COVID-19) के 1,007 नए मामले सामने आए. वहीं, इस अवधि में 21 और मरीजों की मौत हो गई. हालांकि, इसके बावजूद राज्य में महामारी (Epidemic) के हालात में स्थिरता आई है और उपचाराधीन मरीजों की संख्या 10 हजार से नीचे आ गई है. जबकि राज्य में संक्रमण से मुक्त होने की दर 97.90 प्रतिशत तक पहुंच गई है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में अबतक कोरोना वायरस संक्रमण के 7,12,197 मामले सामने आए हैं जिनमें से 6,97,229 मरीज अभी तक ठीक हो चुके हैं. विभाग ने बताया कि राज्य में अबतक कुल 5,340 लोगों की जान गई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 9,627 रह गई है जबकि अप्रैल में यह संख्या करीब एक लाख से ऊपर पहुंच गई थी. मई के मध्य से अबतक राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर में करीब 20 प्रतिशत का सुधार हुआ है. राज्य में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए पांच मई से ही लॉकडाउन एवं पाबंदियां लागू हैं. वहीं, टीकाकरण की बात करें तो बिहार में अबतक 1.10 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो चुका है.

होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं

वहीं, शुक्रवार को खबर सामने आई थी कि कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लगती नजर आ रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़े के अनुसार अब संक्रमण दर कम होकर 1.01 प्रतिशत हो गई है. गुरुवार को प्रदेश में 1106 नए कोरोना मरीजों के सामने आने के साथ ही दिन-ब-दिन इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है. कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर भी बढ़कर 97.64 प्रतिशत हो गई है. बता दें कि एक दिन पहले यह दर 97. 48 प्रतिशत थी. हालांकि, राज्य में अभी 11,430 सक्रिय मरीज हैं जो विभिन्न अस्पतालों में या फिर होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं.

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