Covid 19 Update: क्या बिहार में फिर लगेगा लॉकडाउन? अस्पतालों में बेड होने लगे फुल, 33% कर्मी ही जाएंगे ऑफिस

लॉकडाउन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लॉकडाउन (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Bihar News: बिहार सरकार के निर्देश के अनुसार सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. शादी समारोह व श्राद्ध कार्यक्रम में अधिकतम 200 और अंतिम संस्कार में 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी.

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पटना. बिहार में  फिर  2174 कोरोना के पॉजिटिव मरीज पाए गए. इसके साथ ही राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 9397 तक  पहुंच गई. शुक्रवार की शाम तक 24 घंटे में पटना में सबसे ज्यादा 661 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई. गया में 191, भागलपुर में 163 और मुजफ्फरपुर में 106 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई. जाहिर है तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों के इस आंकड़े ने सरकार की नींद उड़ा कर रख दी है. वहीं बिहार सरकार ने स्कूलों को 11 अप्रैल से हफ्ते बढ़ाकर 18 अप्रैल तक बंद करने का आदेश दे दिया है. जबकि सभी दुकानों को शाम 7:00 बजे के बाद खुला रखने पर पाबंदी लगा दी गई. यानि बिहार में एक बार फिर लॉकडाउन जैसे हालात बनते जा रहे हैं.








बता दें कि शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि  सभी तरह के सरकारी और निजी कार्यालयों में 33% कर्मी ही रोजाना आएंगे. लेकिन, औद्योगिक इकाइयां, पुलिस, अग्निशमन, डाकघर, बैंक, आपदा प्रबंधन समेत अनिवार्य सेवा से जुड़े सभी कार्यालयों को इससे छूट रहेगी. हालांकि सरकारी कार्यालयों में उपसचिव और इससे ऊपर के अधिकारियों को रोजाना कार्यालय आना अनिवार्य होगा.

प्रधान सचिव ने कहा कि राज्य के सभी पार्क, उद्यान या ऐसे अन्य स्थानों पर मास्क का उपयोग के साथ ही कोरोना से बचाव के उपायों का पालन करना अनिवार्य होगा. सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. शादी समारोह व श्राद्ध कार्यक्रम में अधिकतम 200 और अंतिम संस्कार में 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी. सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट 50% सीटों का ही उपयोग करेंगे.











दरअसल जिस तरह से हर रोज सैकड़ों पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं उनमें पटना कोरोना का हॉटस्पॉट बनने लगे हैं.संक्रमित मरीजों में लगातार हो रहे इजाफे का सारा दबाव अब अस्पतालों पर पड़ने लगा है.  पटना AIIMS में सारे बेड पहले ही फुल हो चुके हैं. एम्स में कुल 110 बेड की क्षमता है जहां 116 मरीज एडमिड हैं. AIIMS ने बेड फुल होने की वजह से पिछले 5 दिनों में कोई नए मरीज को एडमिड नहीं किया है जिसके चलते अब पटना के दूसरे अस्पतालों में भी दबाव बढ़ने लगा है.

AIIMS के बाद पीएमसीएच में भी मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है. यहां 100 बेड की क्षमता है, लेकिन शुक्रवार की देर शाम तक 82 बेड फूल हो चुके थे. NMCH में भी 100 बेड की ही क्षमता है यहां 50 फीसदी बेड फूल हो चुके हैं.  पटना में पारस अस्पताल में सभी 30 बेड फूल हो गए हैं इसके अलावा पटना के दूसरे प्राइवेट अस्पतालों में भी कुछ यही हाल है. हर जगह बेड फुल हो चुके हैं. हालांकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग यह दावा कर रहा है कि बेडों की अभी कोई समस्या नहीं है. इसकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है. हालांकि जिला प्रशासन भी कह रहा है कि जिस तरह से संक्रमण बढ़ रहा है अस्पतालों पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

गौरतलब है कि राज्य में अबतक 2 लाख 76 हजार 04 व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें 2 लाख 65 हजार 048 संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं. जबकि अबतक 1598 संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है. हालांकि मार्च के मध्य तक एक्टिव मरीजों की संख्या 400 के नीचे चली गई थी, लेकिन अचानक इसमें वृद्धि से बिहार में भी एक बार हालात मुश्किल होते जा रहे ैहं.

अकेले पटना में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 3838 तक जा पहुंची है. 99 प्रतिशत से अधिक रिकवरी रेट वाले बिहार में पिछले 2 दिनों में असर पड़ने लगा है. लगातार बिहार में रिकवरी रेट में गिरावट आ रही है और 96.3 अभी रेट है. वही पटना के एनएमसीएच में शिशु रोग विभाग में काम कर रहे 2 डॉक्टर भी संक्रमित पाए गए हैं.
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