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Covid-19: लॉकडाउन के डर से दूसरे राज्यों में काम करने वाले मजदूर फिर लौटने लगे बिहार

उनके साथ मुजफ्फरपुर के ही लगभग चार परिवार और बस स्टैंड पहुंचे थे. (सांकेतिक फोटो)

देहरादून में मजदूरी करने वाला एक बिहारी प्रवासी मजदूर मदन राम पूरे परिवार के साथ बस स्टैंड पहुंचे थे. तब शाम के छह बज रहे थे. उन्हें मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जाना था.

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    पटना. महाराष्ट्र (Maharashtra) सहित पूरे देश में कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इससे लोगों के बीच दहशत का माहौल बन रहा है. वहीं, कई राज्यों में तो नई गाइडलाइन (Guideline) नीति बनाई गई है. साथ ही कई शहरों में नाइट कर्फ्यू भी लग गया है. ऐसे में दूसरे राज्ये में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों का पलायन फिर से शुरू हो गया है. खासकर मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों से मजूदरों का बिहार आने का सिलसिला शुरू हो गया है. मजदूरों के बीच इस बात का भय है कि कहीं फिर से लॉकडाउन न लग जाए. वहीं, कई राज्यों में सख्ती के साथ-साथ बिहार में स्कूल-कॉलेज भी बंद हो गए हैं. इससे दोबारा लॉकडाउन के डर से प्रवासी मजदूर बिहार लौटने लगे हैं.

    इसी तरह देहरादून में मजदूरी करने वाला एक बिहारी प्रवासी मजदूर मदन राम पूरे परिवार के साथ बस स्टैंड पहुंचे थे. तब शाम के छह बज रहे थे. उन्हें मुजफ्फरपुर जाना था. मदन राम ने बताया कि वह देहरादून में राजमिस्त्री का काम करता है. तीन बच्चों और पत्नी के साथ देहरादून में रह रहे थे. पिछले साल लॉकडाउन खत्म होने के बाद नवम्बर में देहरादून आए थे. उन्होंने कहा कि सोचा था कि अब जिन्दगी पटरी पर लौट आएगी, लेकिन जैसे ही होली का समय आया, दोबारा कोरोना संक्रमण की लहर से वे फिर से डर गए हैं. उन्हें ऐसा लग रहा है कि कहीं ऐसा न हो कि फिर से लॉकडाउन लग जाए.

    वे भी पूर्णिया जाने के लिए वह बस स्टैंड आए हुए थे
    उनके साथ मुजफ्फरपुर के ही लगभग चार परिवार और बस स्टैंड पहुंचे थे. बस स्टैंड पर धीरे-धीरे प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ती ही जा रही थी. राजधानी के मीठापुर बस स्टैंड में बाहर से आने वाले यात्रियों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. शाम होने के बावजूद कई लोग निजी वाहन बुक करके घर को जाते दिख रहे हैं. इसके बावजूद बस स्टैंड में कोरोना से लड़ने का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा है. न तो कोई स्क्रीनिंग की व्यवस्था है और न मास्क चेक करने की. वहीं, हरियाणा के एक निजी कंपनी में काम करने वाले मनोज भी सोमवार को ट्रेन से पटना पहुंचे थे. वेभी पूर्णिया जाने के लिए वह बस स्टैंड आए हुए थे.
    Published by:Bankatesh Kumar
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