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अब बिहार पुलिस भी होगी स्‍मार्ट, ADG बोले- अपराधियों का बचना होगा मुश्किल

Sanjay Kumar | News18 Bihar
Updated: November 13, 2019, 10:49 PM IST
अब बिहार पुलिस भी होगी स्‍मार्ट, ADG बोले- अपराधियों का बचना होगा मुश्किल
पटना और नालंदा के 20 थानों चल रहा है ट्रायल.

बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Headquarter) की पहल पर राज्य में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्‍टम (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) पर काम शुरू हो गया है. इस वक्‍त पटना और नालंदा के 20 थानों में इस परियोजना के ट्रायल का काम चल रहा है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 10:49 PM IST
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पटना. आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जब बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police Headquarter) की पहल पर राज्य में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्‍टम (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) पर काम शुरू हो गया है. सीसीटीएनएस (CCTNS) परियोजना इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम का वह हिस्सा है, जिसके तहत न्यायालय, थाना अभियोजन और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (Forensic Science Laboratory) को एक साथ जोड़ा जाएगा. इस योजना के लागू होने के बाद बिहार के सभी थाने देश के अन्‍य थानों से जुड़ जाएंगे. जबकि एफआईआर (FIR) से लेकर थाने का सभी डाटा दूसरे थाने की पुलिस देख सकेगी. वहीं इससे थाना कोर्ट से भी जुड़ जाएंगे और एफआईआर से लेकर वारंट तक ऑनलाइन हो जाएंगे.

यहां चल रहा है योजना का ट्रायल
फिलहाल पटना और नालंदा के 20 थानो में इस परियोजना के ट्रायल का काम चल रहा है. इसमें पटना के 13 और नालंदा के 7 थाने शामिल हैं. जबकि जल्द ही राज्य के 1065 थानों में से 894 में काम शुरू हो जाएगा. वहीं दूसरे चरण में बचे हुए सभी थानों को भी इससे जोड़ दिया जाएगा. पहले चरण के 894 थानों और 432 पुलिसकर्मियों के लिए 2018 सितंबर में समझौता किया गया था. जबकि यह काम टीसीएस कंपनी को सौंपा गया है.

बहरहाल, सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजन कुमार सिंह का कहना है कि सीसीटीएनएस परियोजना अपने आप में कई विशेषताओं को समेटे हुए हैं, जो निश्चित तौर पर अपराधियों के लिए काल साबित होगा. इस परियोजना के लागू होन से आम लोगों को कई सहुलियतें मिल सकेंगी.

आम लोगों को मिलेगी ये सुविधा
>>खोने और लापता चीजों की जानकारी.
>>चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र लेना.>>गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी हासिल करना.
>>अज्ञात शवों के बारे में जानकारी लेना.
>>पासपोर्ट वैरिफिकेशन करवाना.
>>किरायेदार, वरीय नागरिकों और नौकर का सत्यापन.
>>चोरी हुए वाहनों की जानकारी.

पुलिस मुख्‍यालय में दिखा उत्‍साह
इस परियोजना को लेकर बिहार पुलिस में उत्साह का माहौल है. बिहार पुलिस एसोसिएशन ने सरकार और बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा इस ओर उठाए गए कदम की सराहना की है. बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष की मानें तो थाना स्तर पर पुलिस अधिकारी उस दिन के इंतजार में हैं, जब पूरे बिहार में यह परियोजना लागू हो जाएगी. राज्य पुलिस प्रशासन के अलाधिकारियों की मानें तो प्राथमिकता के आधार पर राज्य के सभी थानों में सीसीटीएनएस परियोजना को लागू करने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय गंभीर है. एडीजी मुख्‍यालय जितेन्द्र कुमार का कहना है कि राज्य पुलिस मुख्यालय इस परियोजना को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है. निश्चित तौर पर अब वह दिन दूर नहीं जब आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की निगाहों से बचे रहने का अपराधियों का ख्वाब चूर-चूर हो जाएगा.

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First published: November 13, 2019, 10:42 PM IST
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