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बक्सर रेप केस: बिहार में महफूज नहीं हैं बेटियां, रोजाना दर्ज होते हैं 4-5 मामले

News18 Bihar
Updated: December 3, 2019, 1:55 PM IST
बक्सर रेप केस: बिहार में महफूज नहीं हैं बेटियां, रोजाना दर्ज होते हैं 4-5 मामले
बिहार में महिला उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं (सांकेतिक चित्र)

महिला आयोग अध्यक्ष दिलमणि मिश्रा भी मानते हैं कि हर रोज आयोग में महिला उत्पीड़न के मामले आते हैं. कई बार पुलिस का रवैया भी पीड़िता के लिए ठीक नहीं होता है जिस कारण पीड़िता को आयोग आना पड़ता है.

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पटना. बिहार के बक्सर में मंगलवार को हुई रेप (Rape) के बाद हत्या (Murder) की घटना ने एक बार फिर से हैदराबाद गैंगरेप (Hyderabad Gang rape Case) केस की यादें ताजा कर दी है. यहां जिले के इटाढ़ी इलाके में हैदराबाद की घटना की तर्ज पर ही एक युवती के साथ पहले रेप किया गया फिर उसकी गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई. हत्या की इस घटना को अंजाम देने के बाद युवती के शव को जलाया भी गया ताकि किसी को कोई साक्ष्य नहीं मिल सके.

देश में हर घंटे होता है रेप

बक्सर में हुई इस घटना ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. खुद बिहार की पुलिस और महिलाओं के हक की रक्षा के लिए बना महिला आयोग भी इस बात को मानता है. NCRB रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में हर घंटे में चार बलात्कार होते हैं. बिहार की बात करें तो बिहार में भी महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़, अपहरण, दहेज के लिए हत्या एवं प्रताड़ना के मामलों में वृद्धि देखी गई है.

2019 में दर्ज हुए 433 मामले

पटना में हर रोज 4 से 5 मामले किसी न किसी थाने या हेल्पलाइन में बलात्कार, छेड़छाड़ या अपहरण के दर्ज होते हैं. 2019 में अब तक महिला उत्पीड़न के 433 मामले महिला हेल्पलाइन में दर्ज हैं जिसमे सबसे ज्यादा मामले डॉमेस्टिक वाइलेन्स के हैं जिनकी संख्या 268 है. दूसरे नंबर पर छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए है जो 95 है जबकि तीसरे नंबर पर दहेज उत्पीड़न के मामले हैं जिनकी संख्या 56 है यानी कि महिला घर के साथ-साथ बाहर भी सुरक्षित नहीं हैं.



पटना सिटी एसपी ने बताया कि महिलाओं का शारीरिक उत्पीड़न के लिए साइबर क्राइम एक नया माध्यम बन गया है. सिर्फ अक्टूबर 2019 के आंकड़े को देखा जाए तो एक महीने में 50 मामले पुलिस की रिकार्ड में दर्ज हुए हैं जो चौंकाने वाले हैं. पुलिस के अधिकारी भी मानते हैं कि ऐसी घटनाएं हर महीने नोटिस में आती हैं जिन पर पुलिस कार्रवाई भी करती है लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल है कि छेड़खानी के अधिकांश मामलों में लड़कियां पुलिस तक रिपोर्ट ही दर्ज नहीं करवाती जिसके कारण मनचले पकड़ में नहीं आते हैं.


हैदराबाद की घटना से जहां पूरा देश सिहर उठा था वहीं अब बक्सर से आई दिल को दहला देने वाली इस घटना ने बेटियों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.

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First published: December 3, 2019, 1:41 PM IST
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