पासवान के दामाद का छलका दर्द, 'चिराग को विदेश और बेटी को गांव में छोड़ा'

राम विलास पासवान के परिवार का अंदरूनी कलह सतह पर आ गया है. पहले से नाराज चल रहे दामाद अनिल साधू और बेटी आशा देवी ने शुक्रवार को राम विलास पासवान और चिराग पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ने के इरादे जाहिर कर दिए. साधू ने तेजस्वी यादव की जम कर तारीफ की और राष्ट्रीय जनता दल से टिकट मिलने की उम्मीद भी जताई.

News18 Bihar
Updated: September 14, 2018, 4:03 PM IST
पासवान के दामाद का छलका दर्द, 'चिराग को विदेश और बेटी को गांव में छोड़ा'
राम विलास पासवान की बेटी आशा और दामाद अनिल साधु
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Updated: September 14, 2018, 4:03 PM IST
राम विलास पासवान के परिवार का अंदरूनी कलह सतह पर आ गया है. पहले से नाराज चल रहे दामाद अनिल साधु और बेटी आशा देवी ने शुक्रवार को राम विलास पासवान और चिराग पासवान के खिलाफ चुनाव लड़ने के इरादे जाहिर कर दिए. साधु ने तेजस्वी यादव की जम कर तारीफ की और राष्ट्रीय जनता दल से टिकट मिलने की उम्मीद भी जताई.

अपनी पहली पत्नी राजकुमारी देवी से पासवान को दो बेटियां हुई थीं. आशा बड़ी बेटी है. 1981 में राम विलास पासवान ने राजकुमारी देवी से तलाक ले लिया और 1983 में रीना से शादी कर ली जिससे चिराग पासवान का जन्म हुआ.

अनिल साधु पहले से ही अपने ससुर राम विलास से नाराज चल रहे थे, लेकिन अब उनकी पत्नी भी साथ हो गई हैं. अनिल साधु ने राम विलास पासवान पर जम कर प्रहार किए. उन्होंने कहा, "राम विलास की नीयत साफ नहीं है. उन्होंने परिवार को ठगने का काम किया. देश के बहुजन को भी ठगा है. आज क्या परिस्थिति आई कि उनकी अपनी बेटी जनता से भीख मांग रही है कि मुझे न्याय दिलाओ".

साधु का कहना था,  "बेटी और बेटा में फर्क कर रहे हैं. बेटी को उसका अधिकार मिला होता तो आशा मेरे साथ नहीं होती बल्कि रामविलास के साथ होती. बेटी को गांव में भी नहीं पढ़ाया. बेटा को विदेश भेजा."

उन्होंने कहा कि आशा और वो खुद राम विलास पासवान और चिराग के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे. वो कहते हैं, "हमारा मकसद है दोनों को हराना. यदि तेजस्वी जी, लालू जी हमें टिकट देते हैं तो हम हराएंगे. प्रचार करूंगा. पूरे बिहार में तेजस्वी के नेतृत्व में प्रचार करूंगा. सामाजिक न्याय की बात करने वाली पार्टी है आरजेडी. जेपी की बात करने वाले गांधी के हत्यारों के साथ हैं."

साधु ने कहा कि तेजस्वी यादव ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है जबकि राम विलास हमेशा अपमानित करते रहे. उन्होंने दावा किया कि 2019 में राम विलास पासवान को अपने ही समुदाय के लोगों का समर्थन नहीं मिलेगा.

अनिल साधु लोक जन शक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट पर बोचहां विधानसभा से 2015 का चुनाव लड़ चुके हैं जिसमें उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा. हालांकि अपनी हार के लिए भी साधु, चिराग पासवान को जिम्मेदार ठहराते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी के लोगों ने ही उनके खिलाफ प्रचार किया. चुनाव के बाद तेजस्वी की मौजूदगी में अनिल साधु ने आरजेडी का दामन थामा था.
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