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7 साल बाद बिहार में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी, एसआरएस की रिपोर्ट में खुलासा

7 साल बाद बिहार में नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी, एसआरएस की रिपोर्ट में खुलासा

बिहार में नवजात मृत्यु दर में आई कमी (सांकेतिक चित्र)

बिहार में नवजात मृत्यु दर में आई कमी (सांकेतिक चित्र)

एसआरएस रिपोर्ट को लेकर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि साल दर साल शिशु मृत्यु दर में हो रही कमी से ये पता चलता है कि कुपोषण को लेकर राज्य सरकार कितनी तत्पर है

पटना. पिछले कई सालों से नवजात मृत्यु (New Born Baby) दर में वृद्धि को लेकर चिंतित बिहारवासियों के लिए अच्छी खबर है. नवजात मृत्यु दर को लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति ने सैम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे एसआरएस (SRS Report) की रिपोर्ट जारी किया है जिसमें वर्ष 2018 में नवजात मृत्यु दर में 3 अंकों की कमी आई है यानि बिहार की नवजात मृत्यु दर जो वर्ष 2017 में 28 थी वो 2018 में घटकर 25 तक पहुंच गई है. अब बिहार की नवजात मृत्यु दर देश के मृत्यु दर 23 के करीब पहुंच गई है वहीं बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों की मृत्यु दर 26 अब भारत के नवजात मृत्यु दर 27 से एक कम है.

पिछले सात सालों से स्थिर था आंकड़ा

बिहार का एनएमआर पिछले 7 वर्षों से स्थिर था जिसमें 3 अंकों की कमी आयी है जबकि बिहार के आईएमआर में लिंग अंतर भी पिछले वर्षों की तुलना में बहुत कम हो गया है. वर्ष 2016 में लिंग अंतर 15 था जो कि वर्ष 18 में घटकर 5 रह गया है. सैम्पल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2018 के अनुसार बिहार में नवजात शिशुओं और 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में आई कमी के आधार पर यह आंकलन किया जा सकता है कि मृत्यु दर में आई कमी से 2017 के संदर्भ में 2018 के दौरान अनुमानित 9739 नवजात और 12985 अंडर-5 बच्चों की मृत्यु को रोका जा सकता है.

स्वास्थ्य मंत्री ने जताई खुशी

एसआरएस रिपोर्ट को लेकर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि साल दर साल शिशु मृत्यु दर में हो रही कमी से ये पता चलता है कि कुपोषण को लेकर राज्य सरकार कितनी तत्पर है साथ ही जागरूकता अभियान भी इसकी वजह है. उन्होंने कहा कि वो दिन दूर नहीं जब यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत दर के बराबर पहुंचेगा और बिहार स्वस्थ राज्यों की श्रेणी में शुमार हो जाएगा. मालूम हो कि बिहार में हर साल एईएस समेत अन्य बीमारियों से कई बच्चों की मौत होती है.

Tags: Bihar News, Mangal Pandey, PATNA NEWS

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