Bihar Corona News: बिहार में कोरोना के एक्टिव केस में गिरावट, खाली होने लगे अस्पतालों के बेड

बिहार में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या में गिरावट से हालात में दिख रहा सुधार.

बिहार में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या में गिरावट से हालात में दिख रहा सुधार.

Bihar Corona News: बिहार में पिछले 3 दिनों से कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 10000 से नीचे रह रही है. राजधानी पटना में भी आंकड़ों में गिरावट. प्रदेश में अब कोरोना के 89563 एक्टिव केस हैं.

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पटना. बिहार में पिछले एक माह से लगातार कोरोना के सेकेंड स्ट्रेन से मच रही तबाही के बाद अब धीरे-धीरे हालात बेहतर होते जा रहे हैं. पिछले 3 दिनों से कोरोना का आंकड़ा 10000 से लगातार नीचे रह रहा है. राज्य में पिछले 24 घंटे में 7 हजार 494 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है. अच्छी बात ये है कि एक्टिव केस की संख्या में भी तेजी से कमी आ रही है. वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 89 हजार 563 पर पहुंच गई है.

प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ कोरोना के हॉट स्पॉट बन चुके राजधानी पटना में भी संक्रमण में कमी आने लगी है. पटना में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 967 नए मरीज मिले हैं. इसके अलावा कटिहार में 389, पूर्वी चंपारण में 321, गोपालगंज में 387, मधुबनी में 220, पूर्णिया में 441, नालन्दा में 201, सहरसा में 264, मुजफ्फरपुर में 291, समस्तीपुर में 240, मुंगेर में 231, गया में 350, बेगूसराय में 273, सुपौल में 268 और सीवान में 202 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई है.

स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट अब बढ़कर 85.38 तक पहुंच गया है. हालांकि चिंता की बात ये है कि राज्य में संक्रमण की रफ्तार में कमी आने के बाद भी मौत के आंकड़ों में ज्यादा कमी नहीं आई है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्यभर में 77 मरीजों की कोरोना से मौत हो गई है.

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इधर राहत की बात ये है कि पटना के अस्पतालों से लेकर आइसोलेशन सेंटरों में अब ऑक्सीजन बेड खाली होने लगे हैं, जिससे अस्पतालों पर दवाब कम होने लगा है. सभी आइसोलेशन सेंटर में 80 फीसदी बेड खाली पड़े हैं. जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह की माने तो जिला प्रशासन अब भी अलर्ट पर है, क्योंकि तीसरे स्ट्रेन को लेकर सभी को पहले से ही निर्देश दिए जा रहे हैं. जहां भी संसाधनों की कमी है वहां संसाधन मुहैया करवाया जा रहा है, ताकि कोरोना की तीसरी लहर में मरीजों को परेशानी नहीं हो.

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