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BJP की हार पर बोली JDU, उभारे जा रहे थे भावनात्मक मुद्दे, राहुल पर टिप्पणी से हुआ नुकसान
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News18 Bihar
Updated: December 12, 2018, 5:37 PM IST
BJP की हार पर बोली JDU, उभारे जा रहे थे भावनात्मक मुद्दे, राहुल पर टिप्पणी से हुआ नुकसान
केसी त्यागी (फाइल फोटो)

केसी त्यागी ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ निरादरपूर्ण टिप्पणियों से फायदा कम, नुकसान ज्यादा होता है. जनता की भावनाएं आहत होती हैं. भाजपा नेताओं को इससे परहेज करना चाहिए.

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मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बीजेपी की शिकस्त के बाद एनडीए के घटक दल भी सवाल उठा रहे हैं. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा है कि 2014 में किसान, स्वाभिमान, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के सवाल उठाकर बीजेपी सत्ता में आई थी. लेकिन हाल में हुए विधानसभा चुनावों में इन सवालों के जवाब गैर हाजिर थे. वहीं इसके बदले भावनात्मक मुद्दे उभारे जा रहे थे. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से भी नुकसान हुआ है.

जेडीयू नेता ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ निरादरपूर्ण टिप्पणियों से फायदा कम, नुकसान ज्यादा होता है. जनता की भावनाएं आहत होती हैं. भाजपा नेताओं को इससे परहेज करना चाहिए. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों को सबक लेना चाहिए कि विजय अहंकारों और महत्वाकांक्षाओं से भरी होती है और पराजय निरादर से. विजय वाले व्यक्ति को और भी विनम्र होना चाहिए.

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केसी त्यागी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए कई अच्छी योजनाएं चलाई थीं और उनकी हार का हमें अफसोस है. लेकिन मंदसौर के किसानों के आंदोलन की कीमत उन्हें चुकानी पड़ी. छत्तीसगढ़ में आदिवासी कराह रहे थे, लेकिन सरकार ने उसकी अनदेखी की. उन्होंने कहा कि अब यह पता लगाया जाना चाहिए कि हम कहां गलत साबित हुए.



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उन्होंने कहा कि मैं नहीं मानता हूं कि 2019 की मंजिल दूर है. प्रकाश सिंह बादल और नीतीश कुमार जैसे नेताओं की सक्रिय हिस्सेदारी और नीति निर्माण में भी उनकी अहम भूमिका होनी चाहिए. 5 महीने के वक्त अब भी बचा है औरअब तेज गति से फैसले लिए जाने चाहिए. तब एनडीए की राह आसान हो सकती है.

सरकार को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. हालांकि कर्ज माफी तात्कालिक इलाज है लेकिन इसका स्थायी निदान होना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि एक उच्च स्तरीय किसान आयोग बनना चाहिए और अगर पीएम मोदी चाहेंगे तो यह हो सकता है. हालांकि आने वाले समय में बेरोजगारी पर सवाल एक बड़ी समस्या होगी.

इनपुट- दिवाकर

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First published: December 12, 2018, 5:23 PM IST
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