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दिल्ली से अलग है बिहार का चुनाव, इन छह कारणों से नहीं दिखेगा NDA की हार का साइड इफेक्ट
Patna News in Hindi

Anand Amrit Raj | News18 Bihar
Updated: February 12, 2020, 9:33 AM IST
दिल्ली से अलग है बिहार का चुनाव, इन छह कारणों से नहीं दिखेगा NDA की हार का साइड इफेक्ट
बिहार में इसी साल के अंत में विधानसभा का चुनाव होना है (फाइल फोटो)

जेडीयू (JDU) के नेता और मंत्री अशोक चौधरी कहते हैं कि ये ठीक है कि हम दिल्ली चुनाव (Delhi Election) हार गए लेकिन हार क्यों हुई है इसकी समीक्षा करेंगे और बिहार में ये ग़लती ना हो इसका भी ख्याल रखेंगे

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पटना. दिल्ली चुनाव परिणाम (Delhi Assembly Election) के बाद अब सभी की नजरें बिहार विधानसभा (Bihar Assembly Election) चुनाव पर टिक गई हैं. जिस तरह से दिल्ली चुनाव का परिणाम आया है उसके बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि कहीं दिल्ली चुनाव परिणाम का साइड इफ़ेक्ट बिहार के चुनाव पर ना पड़ जाए लेकिन बिहार में बीजेपी (BJP) के नेता हों या जेडीयू (JDU) के, दोनों पार्टी के नेता साफ़-साफ़ लफ़्ज़ों में बोल रहे हैं कि दिल्ली का असर बिहार के चुनाव पर नही पड़ सकता है. आख़िर वो कौन-कौन सी वजहें हो सकती हैं जिसकी वजह से बिहार में एनडीए को दिल्ली वाली मुश्किलें नहीं आ सकती हैं, या फिर वो कौन-कौन सी वजह हो सकती है जो एनडीए के लिए मददगार हो सकती हैं.

  1. दिल्ली में जनता ने विकास के नाम पर वोट किया और बिहार में एनडीए नीतीश के विकास के नाम पर ही वोट मांगने की तैयारी में है. यानी विकास का एजेंडा एनडीए के पास प्रमुख हथियार के तौर पर है.

  2. दिल्ली चुनाव परिणाम में भले ही एनडीए के पक्ष में ना रहा हो लेकिन दिल्ली चुनाव परिणाम ने बिहार के बाहर एनडीए की एकता पहली बार दिखाई पड़ी है इसका असर बिहार में दिखेगा


  3. जेडीयू बीजेपी के उग्र हिंदुत्व वाले बयान देने वाले नेताओं की वजह से असहज रहते थे. जब दिल्ली में इसका असर नहीं पड़ा तो बिहार में भी इन मुद्दों से बीजेपी शायद परहेज़ करे ताकि नीतीश अल्पसंख्यकों का वोट भी हासिल कर सके.

  4. दिल्ली में केजरीवाल के सामने बीजेपी ने कोई चेहरा नहीं उतारा था लेकिन बिहार में नीतीश कुमार के चेहरे पर एनडीए चुनावी समर में उतर रही है जबकि इसके मुक़ाबले फ़िलहाल महागठबंधन के पास कोई ऐसा चेहरा नहीं जो नीतीश को टक्कर दे सके.

  5. केजरीवाल ने दिल्ली में कई ऐसी लुभावनी घोषणाएं कर रखी थीं जिसका फ़ायदा उन्हें मिला. नीतीश कुमार ने भी कई ऐसी लोक लुभावनी योजनाएं लागू कर रखी हैं जिसका फ़ायदा उन्हें मिल सकता है.
  6. बिहार का चुनाव विकास के साथ साथ जातीय समीकरण से भी लड़ा जाता है और फ़िलहाल बिहार में एनडीए जातिगत समीकरण के साथ अपने विरोधियों पर भारी है.


जेडीयू के नेता और मंत्री अशोक चौधरी कहते हैं कि ये ठीक है कि हम दिल्ली चुनाव हार गए लेकिन हार क्यों हुई है इसकी समीक्षा करेंगे और बिहार में ये ग़लती ना हो इसका भी ख्याल रखेंगे, इसके साथ ही अशोक चौधरी ये भी कहते हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव पर दिल्ली चुनाव परिणाम का कोई असर नहीं पड़ेगा. इस मसले पर बीजेपी विधायक अरुण सिन्हा कहते हैं कि दिल्ली की हवा बिहार आ ही नहीं सकती है, क्योंकि बिहार में सिर्फ़ विकास की रजनीति ही होती है.

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First published: February 12, 2020, 9:27 AM IST
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