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बिहार: STET अभ्यर्थियों का संशय खत्म, शिक्षा विभाग ने जारी की नई गाइडलाइन

STET अभ्यर्थियों के लिए नई गाडडलाइन जारी (सांकेतितक तस्वीर)

STET अभ्यर्थियों के लिए नई गाडडलाइन जारी (सांकेतितक तस्वीर)

समिति की अनुशंसा पर जिला परिषद माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक, नगर निकाय में सभी नियोजन इकाईयों को समिति की अनुशंसा पर हुए निर्णय को लेकर विभाग ने आदेश जारी कर दिया है और नए गाइडलाइन के तहत कार्रवाई का निर्देश भी दिया है.

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पटना. शिक्षा विभाग ने छठे चरण के शिक्षक नियोजन को लेकर एसटीईटी (STET) अभ्यर्थियों के लिए नया आदेश जारी किया है. ये आदेश उन अभ्यर्थियों के नियोजन से जुड़ा है जो कि 2012 में एसटीईटी परीक्षा उतीर्ण हुए हैं. इसके मुताबिक वर्ष 2012 में एसटीईटी पास ऐसे अभ्यर्थी जो बीएड के लिए सत्र 2015-17 तक नामांकित हुए हों और वर्ष 2018 तक जिनका परीक्षाफल प्रकाशित हो गया हो, वे छठे चरण के नियोजन के लिए योग्य अभ्यर्थी माने जाएंगे.

इसी तरह वर्ष 2011 के एसटीईटी परीक्षा में शामिल वैसे अभ्यर्थी जिनकी पुनर्परीक्षा वर्ष 2013 में हुई थी और जिनका वर्ष 2013 में रिजल्ट प्रकाशित हुआ था, वैसे अप्रशिक्षित उतीर्ण अभ्यर्थी जो बीएड के लिए सत्र 16-18 तक नामांकित हुए हों और अगस्त 19 तक जिनका रिजल्ट प्रकाशित हुआ हो, वे छठे चरण के लिए योग्य अभ्यर्थी माने जाएंगे.

समिति की अनुशंसा पर जिला परिषद माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक, नगर निकाय में सभी नियोजन इकाईयों को समिति की अनुशंसा पर हुए निर्णय को लेकर विभाग ने आदेश जारी कर दिया है और नए गाइडलाइन के तहत कार्रवाई का निर्देश भी दिया है.

नियमावली के तहत ये प्रावधान रखा गया था कि माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2011 के ऐसे अप्रशिक्षित उम्मीदवार जो शिक्षक पात्रता परीक्षा में सम्मिलित होकर उतीर्ण होंगे उन्हें 5 वर्ष की अवधि में 1 वर्ष के बीएड प्रशिक्षण की योग्यता ग्रहण करनी होगी.

बिहार में शिक्षा विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के बाद अभ्यर्थियों का संशय खत्म हो गया है.


समिति ने पात्रता परीक्षा से लेकर शिक्षक नियोजन तक की अवधि की गणना के आधार पर ही ये गाइडलाईन जारी की है क्योंकि वर्ष 2013 में भी कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जो पुनर्परीक्षा दिए थे और उसी आधार पर 2011 -12 के अभ्यर्थियों की भी गणना की गई है.

दरअसल 2011 में बीएड सत्र की अवधि भी 1 वर्ष की ही थी और वर्ष 2015 से बीएड की अवधि 2 वर्ष कर दी गयी है. ऐसे में नए गाइडलाइन जारी होने के बाद शिक्षक बनने के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों का संशय भी खत्म हो गया है.

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