'फरार' अनंत सिंह ने उड़ाई बिहार के इस पूर्व IPS की नींद, सरकार ने दी सुरक्षा

News18 Bihar
Updated: August 22, 2019, 2:00 PM IST
'फरार' अनंत सिंह ने उड़ाई बिहार के इस पूर्व IPS की नींद, सरकार ने दी सुरक्षा
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास की फाइल फोटो

अमिताभ दास ने अपनी सुरक्षा के लिए उस गोपनीय पत्र का हवाला दिया है जो उन्होंने 10 साल पहले यानि वर्ष 2009 में बिहार के निर्वाचन पदाधिकारी सुधीर कुमार राकेश को दी थी.

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बिहार में मोकामा (Mokama Mla) के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) का खौफ लोगों के सिर चढ़कर बोलता है इसकी बानगी फिर से देखने को मिली है. 'छोटे सरकार' के नाम से बहुचर्चित इस नेता और बाहुबली (Bahubali) के खौफ से बिहार के एक पूर्व आईपीएस (IPS) भी थर्रा उठे और उन्होंने आनन-फानन में अपनी जान की सुरक्षा के लिए डीजीपी (DGP) से गुहार लगाई. मामला बिहार के पूर्व सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास (IPS Amitabh Kumar Das) से जुड़ा है, जिनको अचानक से अनंत सिंह के फरार होते ही जान पर खतरा महसूस होने लगा. दरअसल अनंत सिंह के घर से एके-47 (AK-47 Rifle) मिलने के बाद इस अधिकारी की नींदें उड़ गई और इस पूर्व नौकरशाह ने अपनी सुरक्षा के लिए दो गोरखा जवानों की मांग की.

10 साल पहले दिया था इनपुट

अमिताभ दास ने बिहार पुलिस के मुखिया गुप्तेश्वर पांडे लिखा था कि फरार चल रहे विधायक अनंत सिंह सुपारी देकर किसी भी वक्त उनकी हत्या करवा सकते हैं. अमिताभ दास ने अपनी सुरक्षा के लिए उस गोपनीय पत्र का हवाला दिया है जो उन्होंने 10 साल पहले यानि वर्ष 2009 में बिहार के निर्वाचन पदाधिकारी सुधीर कुमार राकेश को दी थी. इस रिपोर्ट में अनंत सिंह के घर पर अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा होने की गोपनीय सूचना बिहार के तत्कालीन निर्वाचन पदाधिकारी सुधीर कुमार राकेश को दी थी.

क्या लिखा था इस पूर्व IPS द्वारा DGP को लिखी गई चिट्ठी में

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा कि 5 मार्च 2009 को मैंने मोकामा के विधायक अनंत सिंह के बारे में सूचना दी थी कि उनके लदमा (बाढ़) स्थित आवास में एके-47, एके-56 और लाइट मशीनगन सहित अवैध हथियारों का जखीरा है. इसके बाद 16 अगस्त 2019 को पूरे 10 वर्ष बाद माननीय विधायक के आवास पर पुलिस ने छापेमारी कर एके-47 बरामद किया. मेरी सूचना पुष्ट हुई. सत्यमेव जयते.'

पूर्व आईपीएस की गोपनीय चिठ्ठी


जान को बताया था खतरा
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अपने इनपुट को दस साल बाद सही बताने वाले अधिकारी अमिताभ दास ने आगे लिखा कि उनको सूचना मिली है कि अनंत सिंह मेरी हत्या कराने का षडयंत्र रच रहे हैं. उनके गुर्गों को सुपारी दी जा चुकी है. इसलिए मुझे तत्काल BMP-1 से दो गोरखा अंगरक्षक उपलब्ध कराए जाएं. मेरे साथ यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो सारी जिम्मेदारी पुलिस मुख्यालय की होगी.'

मिले बॉडीगार्ड्स

डीजीपी से लगाई गई गुहार के बाद इस पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को सुरक्षा के लिए दो बॉडीगार्ड दिए गए हैं. इसकी सूचना उनको पुलिस मुख्यालय से दी गई है जिसके बाद अमिताभ दास ने डीजीपी के प्रति अपना आभार जताया है.

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First published: August 22, 2019, 1:24 PM IST
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