लाइव टीवी

मुजफ्फरपुर इंसेफेलाइटिस मामले में बड़ा खुलासा, लीची नहीं है बच्चों की मौत का कारण

Rajneesh Kumar | News18 Bihar
Updated: February 5, 2020, 10:12 AM IST
मुजफ्फरपुर इंसेफेलाइटिस मामले में बड़ा खुलासा, लीची नहीं है बच्चों की मौत का कारण
बिहार में इंसेफेलाइटिस के कारण हर साल सैकड़ों बच्चों की मौत होती है (फाइल फोटो)

रिसर्च में लिए हुए अध्ययन से यह साफ हो गया कि एईएस बीमारी न तो लीची से हो रही है और ना ही कुपोषण से बल्कि यह बीमारी गर्मी के मौसम में ही बैक्टीरिया की वजह से होती है.

  • Share this:
पटना. पिछले 7 साल से लाइलाज बीमारी बन चुकी एईएस यानि एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (AES) से हो रही बच्चों की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. ये खुलासा बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) के डॉक्टरों ने किया है जिन्होंने रिसर्च के बाद ये पाया कि मुजफ्फरपुर में 300 बच्चों की मौत स्क्रब टाइफस नामक बैक्टीरिया से हुई है. ये बैक्टीरिया चूहों और छोटे जानवरों के संक्रमण की वजह से बच्चों को बीमार करता है.

6 महीने तक किया रिसर्च

रिसर्च पीएमसीएच के शिशु रोग विभाग के चिकित्सकों ने आईसीएमआर प्रोजेक्ट के तहत किया है जिसमें 6 माह में 500 बीमार मरीजों पर डॉक्टरों ने अध्धयन के बाद पाया कि यह बैक्टीरिया गर्मी के महीनों में पुराने कपड़ों में पैदा होता है और सीधे जानवरों को पहले संक्रमित करता है. पीएमसीएच के शिशु विभाग के एचओडी डॉ एके जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि यह रिसर्च रिपोर्ट इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कंटेम्पररी पीडियाट्रिक्स नामक जर्नल में भी प्रकाशित हुई है.

डॉक्टरों ने बताए रोकथाम के उपाय

रिसर्च में लिए हुए अध्ययन से यह साफ हो गया कि एईएस बीमारी न तो लीची से हो रही है और ना ही कुपोषण से बल्कि यह बीमारी गर्मी के मौसम में ही बैक्टीरिया की वजह से होती है. डॉक्टरों की टीम ने रिपोर्ट में कहा है कि अब जरूरत है कि इन बैक्टीरिया को पैदा होने से रोका जाए ताकि संक्रमण की नौबत ही नहीं आये. हालांकि डॉक्टरों ने यह भी दावा किया कि इस बीमारी में एजिथ्रॉल ग्रुप की दवा उपयोग करना बेहद कारगर साबित होगा क्योंकि बीमार बच्चों में इस दवा का उपयोग कर यह भी पता कर लिया गया है कि इस ग्रुप की दवा aes में कारगर है.

जानलेवा बीमारी है एईएस

बताते चलें कि इस रिपोर्ट के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर और यूपी के गोरखपुर में चिकित्सकों ने जहां राहत की सांस ली है वहीं बच्चों पर मंडरा रहे खतरे भी अब टलने की संभावना है क्योंकि अब तक चमकी,एईएस पर न जाने कितने रिसर्च हुए लेकिन बीमारी की वजह पता नहीं चल पाया था और कभी लीची से तो कभी कुपोषण से बीमारी होने की बात कही जाती थी. इस बीमारी का लक्षण है अचानक बच्चों में तेज बुखार के साथ चमकी उठ जाना. जाहिर है रिसर्च के आधार पर सरकार को भी बीमारी दूर करने की कवायदें तेज करनी होंगी ताकि बिहार का मुजफ्फरपुर फिर से बच्चों का कब्रगाह नहीं बने.ये भी पढ़ें- पटना की सड़कों पर पोस्टर वार जारी,JDU ने जिन्न के बहाने लालू यादव पर बोला हमला

ये भी पढ़ें- ...जब अधिकारियों के सामने ही चूक गया बिहार पुलिस के DGP का निशाना

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए पटना से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 5, 2020, 10:07 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर