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धनकुबेर निकला बिहार का MVI, बालू माफियाओं से सांठ-गांठ कर फ्लैट, जमीन सहित खरीदी अकूत संपत्ति

धनकुबेर निकला बिहार का MVI, बालू माफियाओं से सांठ-गांठ कर फ्लैट, जमीन सहित खरीदी अकूत संपत्ति

बिहार में इन दिनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है

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EOU Raid In Bihar: आय से अधिक संपत्ति मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने बुधवार को बिहार के निलंबित एमवीआई विनोद कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की और अकूत संपत्ति का पता लगाया. जिस अधिकारी के घर रेड हुई है वो अवैध बालू उत्खनन में निलंबित है.

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पटना. बालू के अवैध खनन मामले में बिहार की आर्थिक अपराध इकाई की टीम (EOU Raid) ने भोजपुर के पूर्व और निलंबित मोटरयान निरीक्षक (MVI) विनोद कुमार के तीन ठिकानों पर छापेमारी कर अकूत संपत्ति का पता लगाया है. मोटरयान निरीक्षक विनोद कुमार के पटना के रूपसपुर इलाके में शांति एनक्लेव अपार्टमेंट में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आज एसटीएफ (Bihar STF) के सहयोग से छापेमारी की. फ्लैट नंबर 204 में विनोद कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं. मोटरयान निरीक्षक के दूसरे ठिकाने और पुश्तैनी घर बक्सर जिले के नवानगर में भी बुधवार को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने छापेमारी की.

मोटरयान निरीक्षक का तीसरा ठिकाना आरा शहर में मोतीझील इलाके में स्थित उनका मकान है जहां पर छापेमारी की गई. आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान के निर्देश पर इन तीनों ठिकानों पर छापेमारी के बाद आर्थिक अपराध इकाई की टीम को अवैध संपत्ति से संबंधित कई दस्तावेज मिले हैं, जिसे टीम ने जब्त कर लिया है. छापेमारी में इस बात का पता चला है कि मोटरयान निरीक्षक ने खुद और अपनी पत्नी के नाम से जमीन खरीद के अलावा अकूत संपत्ति अर्जित की है. आर्थिक अपराध इकाई की टीम कागजातो का विश्लेषण करने में जुट गई है.

आर्थिक अपराध इकाई किस बात की जानकारी दी है कि विनोद कुमार को 2016 में 44 हज़ार रुपये घूस लेते हुए निगरानी द्वारा पहले भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. विनोद कुमार भोजपुर में मोटरयान निरीक्षक के पद पर जब पदस्थापित थे तब इस दौरान उनके द्वारा बालू माफियाओं को सहयोग किए जाने का आरोप लगा है. बताया जा रहा है कि अवैध रूप से हर दिन जिले में बालू की ओवरलोडिंग होती थी और मोटरयान निरीक्षक को इसका पूरा संज्ञान था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने आंखें बंद रखीं सरकार को आर्थिक तौर पर राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ा.

माफिया के जरिए काली कमाई कर मोटरयान निरीक्षक धनकुबेर बनते गए. इसी आधार पर 7 सितंबर को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के तहत केस दर्ज करते हुए न्यायालय में मोटरयान निरीक्षक के खिलाफ सर्च वारंट की अनुमति के लिए आवेदन दिया. न्यायालय से वारंट मिलते ही आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने उनके तीन ठिकानों पर छापेमारी की. मोटरयान निरीक्षक विनोद कुमार चौथे ऐसे अधिकारी है जिनके खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने अवैध बालू खनन के मामले में उनकी संपत्ति को खंगाला है.

इसके पहले डेहरी ऑन सोन के निलंबित एसडीओ सुनील कुमार सिंह, पालीगंज के पूर्व डीएसपी तनवीर अहमद और भोजपुर के पूर्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज रावत के ठिकानों पर भी आर्थिक अपराध इकाई की टीम छापेमारी कर चुकी है. इन अधिकारियों  की काली कमाई का भी भांडाफोड़ हो चुका है.

Tags: Bihar News, PATNA NEWS, Sand mafia, Sand Mining

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