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पाटलिपुत्र बिल्डर्स के MD अनिल सिंह के खिलाफ ED की कार्रवाई, रांची में करोड़ों की ज़मीन कुर्क

पाटलिपुत्र बिल्डर्स के MD अनिल सिंह के खिलाफ ED की कार्रवाई, रांची में करोड़ों की ज़मीन कुर्क

प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA एक्ट 2002 के तहत पाटलिपुत्र बिल्डर्स के एमडी अनिल सिंह की रांची स्थित जमीन जिसकी कीमत 2.62 करोड़ रुपये बताई गई है, उसे कुर्क कर लिया है

प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA एक्ट 2002 के तहत पाटलिपुत्र बिल्डर्स के एमडी अनिल सिंह की रांची स्थित जमीन जिसकी कीमत 2.62 करोड़ रुपये बताई गई है, उसे कुर्क कर लिया है

Bihar News: ईडी के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 एक्ट के प्रावधानों के तहत रांची स्थित जमीन जिसकी कीमत 2.62 करोड़ रुपये बताई गई है उसे कुर्क कर लिया गया है. यह कारवाई PMLA एक्ट के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी के आदेश पर की गई है. ईडी के द्वारा अनिल सिंह की जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है उसे अपराधिक आय से अधिग्रहित किया गया बताया जाता है

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पटना/रांची. पाटलिपुत्र बिल्डर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर यानी एमडी अनिल सिंह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अनिल सिंह की एक और संपत्ति को कुर्क किया है. ईडी (ED) ने यह कारवाई झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) के तामटोली शहर अंचल मौजा कोंका में की है. ईडी के द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA) एक्ट के प्रावधानों के तहत रांची स्थित जमीन जिसकी कीमत 2.62 करोड़ रुपये बताई गई है उसे कुर्क कर लिया गया है. बता दें कि यह कारवाई PMLA एक्ट के तहत न्यायनिर्णायक प्राधिकारी के आदेश पर की गई है. ईडी के द्वारा अनिल सिंह की जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है उसे अपराधिक आय से अधिग्रहित किया गया बताया जाता है.

इससे पहले भी अनिल सिंह के पटना स्थित कई भूखंड और बैंकों में जमा राशि को प्रवर्तन निदेशालय, पटना जोनल कार्यालय के द्वारा PMLA एक्ट के प्रावधानों के तहत दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) और आरोप पत्र के आधार पर जब्त की जा चुकी है जिसमें एक कोतवाली थाना और दूसरा आलमगंज थाना के द्वारा दायर आरोप पत्र के तहत जांच के बाद की गई थी.

बता दें कि अनिल सिंह के विरुद्ध इन दोनों थाना में IPC 1860 की धारा 420 और 484 का जिक्र किया गया था. पीएमएलए के तहत यह अनुसूचित अपराध है. PMLA एक्ट के तहत चल रही जांच को मजबूत करने के लिए अनिल कुमार सिंह, एमडी, मैसर्स पाटलिपुत्र बिल्डर्स लिमिटेड, पटना के खिलाफ दायर एलईएएस/ईओयू/पीएस से अन्य एफआईआर/चार्जशीट प्राप्त की गई है. इस संबंध में, कोतवाली पर आधारित पी.एस पटना एफआईआर संख्या 316/14 दिनांक 21.05.2014 जिसके लिए आरोप पत्र संख्या 963/19 दिनांक 31.12.2019 दायर किया गया था, जिसमें आईपीसी, 1860 की धारा 419, 420 और 471 का जिक्र पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध है.

एक अन्य ईसीआईआर असर संख्या पीटीजेडओ/07/2021 दिनांक 13.09.2021 उसी अनिल कुमार @ अनिल कुमार सिंह के खिलाफ दर्ज किया गया, (प्रबंध निदेशक, मैसर्स पाटलिपुत्र बिल्डर्स लिमिटेड और इसकी अन्य समूह कंपनियां) अनिल कुमार @ अनिल कुमार सिंह, मैसर्स पाटलिपुत्र बिल्डर लिमिटेड और अन्य कंपनियों के प्रबंध निदेशक होने के नाते, धोखाधड़ी जैसे अपराधों के कमीशन में शामिल होकर विभिन्न घर खरीदारों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. धोखाधड़ी बेईमानी और जनता का पैसा हड़पना, उन पर आईपीसी के तहत जबरन वसूली हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ दायर विभिन्न अन्य एफआईआर/चार्जशीट में भी आरोप लगाया गया है. अनिल कुमार उर्फ ​​अनिल कुमार सिंह ने रुपये की राशि का गबन किया. 9,47,18,011/- द न्यूजपेपर्स एंड पब्लिकेशन्स लिमिटेड के कर्मचारियों को देय और अपनी कंपनी पाटलिपुत्र बिल्डर्स लिमिटेड के नाम पर संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए धन का उपयोग किया. जांच के दौरान अनिल कुमार उर्फ ​​अनिल कुमार सिंह पूरी तरह से असहयोगी थे और वो जान-बूझकर पीएमएलए के तहत जारी समन से बच रहे थे जिससे चल रही जांच में अनुचित देरी हो रही थी.

मांगे गए दस्तावेजों को प्रस्तुत न करना और प्रस्तुत न करना स्पष्ट रूप से उनके दुर्भावनापूर्ण इरादे को दर्शाता है जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय, पटना ने मुख्य संदिग्ध अनिल कुमार उर्फ ​​अनिल कुमार सिंह को 07.09.2021 को गिरफ्तार किया था और विशेष PMLA कोर्ट पटना ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. उनके द्वारा अपने बैंक खातों और उनकी कंपनी पाटलिपुत्र बिल्डर्स लिमिटेड और उसकी अन्य समूह कंपनियों के बैंक खातों में 9,99,33,585/- रुपये की भारी नकदी जमा की गई. नकदी में उत्पन्न अपराध की आय को उनकी कंपनी के नाम पर संपत्तियों के अधिग्रहण और बैंकिंग चैनलों के उपयोग के माध्यम से दागी धन की वास्तविक उत्पत्ति को छिपाने के लिए स्तरित किया गया है.

Tags: Anil Singh, Bihar News in hindi, Enforcement directorate, Jharkhand news, PATNA NEWS

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