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बिहार में 8 हजार सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए इसी महीने आएगा विज्ञापन
Patna News in Hindi

Rajneesh Kumar | News18 Bihar
Updated: February 5, 2020, 1:59 PM IST
बिहार में 8 हजार सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए इसी महीने आएगा विज्ञापन
अब तक सभी विश्वविद्यालयों में 30 प्रतिशत स्थायी प्रोफेसर और बाकि के गेस्ट लेक्चरर के भरोसे ही पढ़ाई चल रही है. (फाइल फोटो)

राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में वर्षों से प्रोफेसरों की कमी है और विषयवार शिक्षक नहीं होने की वजह से पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है.

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पटना. राजभवन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) के पदों पर नियुक्ति की कवायद शुरू कर दी है. सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए और नए नियम प्रावधान तैयार करने लिए सबसे पहले उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया गया है. कमिटी विश्विद्यालय सेवा आयोग (UGC) के लिए सबसे पहले नई गाइडलाईन तय करेगी और मापदंड तैयार किया जाएगा.

 गवर्नर ने की थी बैठक

राज्यपाल फागू चौहान ने निर्देश देने से पहले सभी विश्वविद्यालयों के वीसी के साथ बैठक भी की थी और नए गाईडलाईन तय करने पर सहमति मांगी थी. गठित उच्चस्तरीय कमिटी में मगध विश्वविद्यालय के वीसी, मुंगेर के वीसी, पूर्णिया के वीसी शामिल हैं जो विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसरों के खाली पड़े पदों पर होने वाली नियुक्तियां को लेकर रूपरेखा तय करेंगे और अपनी राय भी देंगे.

31 जनवरी तक मांगी गई थीं रिक्तियां

राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कमिटी के जल्द नियम और मापदंड तय करने के बाद इसी माह फरवरी के अंतिम सप्ताह तक सहायक प्रोफेसर के खाली पड़े पदों पर विज्ञापन निकाला जा सकता है जिसको लेकर विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने सभी विश्वविद्यालयों से इस साल के 31 जनवरी तक की रिक्तियां भी मंगवा ली है. आयोग की मानें तो लगभग 8 हजार रिक्तियां के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा.

ऑनलाइन लिए जाएंगे आवेदन

आयोग के अध्यक्ष राजवर्धन आजाद ने सभी सदस्यों को बतौर समय सीमा के भीतर बहाली करने में सहयोग देने की अपील भी की है. विज्ञापन निकाले जाने के बाद आवेदन ऑनलाइन तरीके से लिये जाएंगे जिसके लिए आयोग ने पोर्टल भी तैयार कर लिया है. हालाकि नियुक्ति प्रक्रिया में काफी देरी हुई है लेकिन राजभवन की सक्रियता के बाद अब प्रतीत हो रहा है कि जल्द ही सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति सम्भव हो सकेगी.सभी विश्वविद्यालयों में है प्रोफेसर्स की कमी

बता दें कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में वर्षों से प्रोफेसरों की कमी है और विषयवार शिक्षक नहीं होने की वजह से पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है. अब तक सभी विश्वविद्यालयों में 30 प्रतिशत स्थायी प्रोफेसर और बाकि के गेस्ट लेक्चरर के भरोसे ही पढ़ाई चल रही है.

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First published: February 5, 2020, 1:45 PM IST
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