बिहार में हर घर नल-जल योजना बनेगा चुनावी मुद्दा, यहां पढ़ें- क्या है जमीनी हकीकत?

गया जिले के एक गांव की तस्वीर.
गया जिले के एक गांव की तस्वीर.

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में इस बार हर घर नल-जल योजना बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है.

  • News18 Bihar
  • Last Updated: September 30, 2020, 11:53 PM IST
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पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) में इस बार हर घर नल-जल योजना बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है. नीतीश सरकार की सात निश्चय के तहत हर घर नल से पीने का पानी पहुचाने की बड़ी योजना की शुरुआत हुई थी, लेकिन इसका फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा है. गया जिले के कैलाशपुर मोहल्ले में न्यूज 18 की टीम योजना की जमीनी हकीकत जानने पहुंची तो नजारा कुछ और ही दिखा. यहां एक हैंडपम्प पर पानी के लिए भीड़ है. पानी के लिए बहसबाजी और झगड़ा आम बात है. जानकर हैरानी होगी कि इस एक हैंडपम्प पर 25 घर निर्भर हैं. लोगों का कहना है कि सरकारी योजना शुरू हुई थी, लेकिन नल से पानी थोड़े ही दिन मिल सका.

इसके बाद टीम गया जिले के ही गुरारू गांव पहुंची. यहां लगभग दो साल पहले पानी बोरिंग हुई, टंकी लगी और यहां से लोगों के घरों में पानी सप्लाई शुरू हुई, लेकिन डेढ़ दो महीना ही लोगों को पानी मिला. एक साल से ज्यादा हो गए हैं. मोटर खराब है और पानी की सप्लाई ठप. यहां के लोगों का कहना है कि चुनाव में इस बार इसका हिसाब लिया लिया जाएगा.





हैंडपम्प का सहारा
घरों में हैंडपम्प से अब भी पानी का काम चलता है, लेकिन परेशानी की बात ये है कि कई जमीन के पानी का स्तर नीचे चला जाता है, जिससे दिक्कत बढ़ जाती है. गांव की मुन्ना देवी बताती हैं कि गांव में ये समस्या आम है. सरकार ने समस्याओं को दूर करने की योजना तो बनाई, लेकिन आम जनता को उसका लाभ सही से नहीं मिली. अब राज्य सरकार की इतनी बड़ी योजना में जब खामियां हों तो चुनाव में जनता सरकार से सवाल तो पूछेगी ही.
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