Exclusive : सुशांत सिंह राजपूत के साथ अन्याय हुआ, CBI जांच से मिलेगा इंसाफ- CM नीतीश कुमार

बिहार सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत के मौत की जांच सीबीआई को देने की सिफारिश की. (फाइल फोटो)
बिहार सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत के मौत की जांच सीबीआई को देने की सिफारिश की. (फाइल फोटो)

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या (SSR Death Case) की आत्महत्या की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने न्यूज 18 हिंदी से की बातचीत. पढ़िए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के प्रमुख अंश.

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पटना. बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या (SSR Death Case) को लेकर चल रही देशव्यापी चर्चा के बीच आज बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई (CBI) को देने की सिफारिश कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने इस फैसले के तुरंत बाद News 18 बिहार के संपादक प्रभाकर कुमार के साथ बात की. इस एक्सक्लूसिव बातचीत में सीएम ने कहा कि सुशांत की जिस तरह से मृत्यु हुई, उसको लेकर देशभर में चिंता है. उसके साथ अन्याय हुआ, यह सब जानते हैं. सुशांत के पिता ने इसको लेकर ही पटना में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद बिहार पुलिस (Bihar Police) इसकी जांच कर रही है. लेकिन मामले की जांच करने गए बिहार के पुलिस अधिकारी के साथ जिस तरह से महाराष्ट्र में व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं है. सीएम ने कहा कि इस मामले में उन्होंने पहले ही कहा था कि अगर सुशांत के पिता चाहेंगे तो मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की जाएगी. आज इसी आधार पर सरकार ने यह सिफारिश की है.

सीएम नीतीश ने न्यूज 18 को बताया कि आज सुबह सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के पिता के साथ बिहार के डीजीपी ने बातचीत की. उन्होंने सीबीआई जांच कराने की बात पर सहमति जताई. डीजीपी ने जब मुझे इसकी जानकारी दी, तब सीबीआई जांच की सिफारिश की गई. सीएम ने कहा, 'सुशांत के पिताजी ने एफआईआर दर्ज कराई थी, इसके आधार पर बिहार पुलिस जांच कर रही थी. लेकिन सब जगह से यह मांग हो रही थी कि मामले की सीबीआई जांच हो. हमने शुरू में ही कह दिया था कि सुशांत के पिताजी चाहेंगे तो सीबीआई जांच कराएंगे. आज उन्होंने सहमति दी, जिसके बाद सिफारिश की गई. आज ही यह प्रस्ताव भेज दिया जाएगा.'

यह राजनीतिक नहीं, कानूनी मामला
बिहार और महाराष्ट्र पुलिस के बीच मामले को लेकर जारी टकराव और पुलिस अफसर को क्वारंटाइन किए जाने के सवाल पर सीएम ने कहा, 'इस मामले की एफआईआर पटना में दर्ज हुई थी, इसलिए यहां की पुलिस जांच कर रही थी. यह बिहार पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है. ऐसे में बिहार के पुलिस अधिकारी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार किया जाना, उचित नहीं है. ये कानूनी चीज है, जिसके आधार पर वे जांच के लिए गए थे. यहां से सूचना देकर टीम गई थी, फिर भी उन्हें क्वारंटाइन कर रोक दिया गया, यह सही नहीं है. वहां तो सहयोग करना चाहिए था. यह आम धारणा है कि सुशांत के साथ अन्याय हुआ. इसलिए पूरे देश को लगता है कि मामले की जांच होनी ही चाहिए.'




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महाराष्ट्र के अधिकारी बात ही नहीं करते
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र में बिहार पुलिस के अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, 'इस मामले में बिहार पुलिस की टीम अपने ढंग से, जो भी संभव है, पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है. यहां के अधिकारी लगातार बात कर रहे थे, लेकिन वहां के लोग बात ही नहीं करते थे. यह बात मुझे डीजीपी ने बताई. यह स्थिति थी, जो ठीक नहीं है.' मामले को लेकर महाराष्ट्र के सीएम से बातचीत के सवाल पर सीएम नीतीश ने कहा, 'मुख्यमंत्री के स्तर पर इस मामले में बात हो ही नहीं सकती. यह पॉलिटिकल नहीं, बल्कि कानूनी मामला है. यह पुलिस की ड्यूटी है, जो बिहार पुलिस निभा रही थी. बताइए डीजीपी वहां फोन करे और वहां कोई फोन न उठाए, आश्चर्यजनक है. अच्छी बात है कि अब यह मामला सीबीआई के पास चला जाएगा.'

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सुशांत मामले को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है. इस मामले में बिहार सरकार के रुख को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम नीतीश ने कहा, 'कल सर्वोच्च न्यायालय में राज्य सरकार अपनी तरफ से हर बात कही जाएगी. इस संबंध में जो जानकारी मांगी गई है, वह बिहार सरकार की ओर से अदालत में रखी जाएगी.'
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