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Exclusive: पढ़ें वह पूरी FIR जो BJP विधायक ललन पासवान ने लालू प्रसाद यादव पर की है

 लालू प्रसाद यादव को एक बार फिर रिम्स शिफ्ट कर दिया गया है. (फाइल फोटो)
लालू प्रसाद यादव को एक बार फिर रिम्स शिफ्ट कर दिया गया है. (फाइल फोटो)

News 18 के पास FIR की एक्सक्लूसिव कॉपी है जो ललन पासवान (Lalan Paswan) ने लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) से हुई बातचीत को लेकर निगरानी थाना में किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 26, 2020, 10:02 PM IST
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पटना. राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (RJD President Lalu Prasad Yadav) के कथित ऑडियो वायरल मामले में बिहार की सियासत और गर्म हो गई है. भाजपा के विधायक ललन पासवान (Lalan Paswan) ने निगरानी थाना में इस मामले को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज करवा दी है. पटना में लालू प्रसाद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह एफआईआर दर्ज करवाई गई है. इसमें हिरासत से टेलीफोन कॉल करने और मंत्रिस्तरीय सीट देने की पेशकश करने एवं जिसमें एक लोक सेवक को रिश्वत देने और उसका भुगतान करने का आरोप लगाया गया है.

इसकी जानकारी बिहार के पूर्व डि़प्टी सीएम सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi) ने अपने ट्विटर के जरिये भी दी है जिसमें उन्होंने न्यूज 18 को भी टैग किया है. पीरपैती से भाजपा विधायक ललन पासवान ने लालू प्रसाद यादव द्वारा दिए गए प्रलोभन की चर्चा करते हुए फोन पर हुई सारी बातों का केस में जिक्र भी किया है. ललनपासवान ने News 18 से बात करते हुए कहा कि वह इस मामले में विधि सम्मत कार्रवाई चाहते हैं.

हमारे पास उस एफआईआर की एक्सक्लूसिव कॉपी उपलब्ध हो गई है जो ललन पासवान ने निगरानी थाने में किया है. निगरानी थाना के थानाध्यक्ष के नाम से दिए गए आवेदनम में आइये एक नजर डालते हैं कि क्या लिखा गया है.



थानाध्यक्ष, निगरानी थाना पटना
मैं ललन कुमार, पिता स्वर्गीय शिवनाथ पासवान, निवासी 12 थाना इसीपुर बाराहाट, जिला-भागलपुर, विधायक पिरपैंती विधानसभा क्षेत्र संख्या 154 से नवनिर्वाचित सदस्य बिहार विधानसभा 2020 . आज दिनांक 26-11-2020 को आपको यह लिखित सूचना दे रहा हूं कि दिनांक 24-11-2020 को समय 6.19 अपराह्न मेरे मोबाइल संख्या 9771710340 पर मोबाइल संख्या 8051216302 से एक टेलीफोन आया. फोन उठाने पर दूसरी तरफ से बताया गया कि मैं लालू प्रसाद यादव बोल रहा हूं. तब मैंने समझा कि शायद चुनाव जीतने के कारण वह मुझे बधाई देने के लिए फोन किए हैं, इसीलिए मैंने उनको कहा आपको चरण स्पर्श. उसके बाद उन्होंने मुझे कहा कि मुझे आगे बढ़ाएंगे और मुझे मंत्री पद दिलवाएंगे, इसलिए दिनांक 25- 11-2020 को बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में में अनुपस्थित होकर अपना वोट नहीं दूं.




ललन पासवान ने आगे अपने एफआईआर में लिखा, उन्होंने (लालू यादव) यह भी बताया कि इस तरह से वह कल एनडीए की सरकार गिरा देंगे. इस पर मैंने उन्हें कहा कि मैं पार्टी का सदस्य हूं ऐसा करना मेरे लिए गलत होगा. इस पर उन्होंने मुझे अपना प्रलोभन दिया और कहा कि आप सदन से गैरहाजिर हो जाइए और कह दीजिए कि कोरोनावायरस हो गया है. बाकी हम देख लेंगे.


ललन पासवान ने FIR में आगे लिखा,  इस तरह लालू प्रसाद यादव, जो कि राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं एवं रांची में चारा घोटाला केस में सजायाफ्ता हैं, उन्होंने जानबूझकर सोची समझी साजिश के तहत मुझे राजनीति में आगे बढ़ाने एवं मंत्री बनाने का लालच देकर मुझे विधायक, जो एक जनसेवक (पब्लिक सर्वेंट) होता है उसका वोट खरीदने एवं  राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी की सरकार को गिराने के लिए जेल के अंदर से फोन लगाकर मुझसे मोबाइल फोन पर सम्पर्क किया एवं मेरा वोट अपने एवं अपनी पार्टी के महागठबंधन के पक्ष में लेने की कोशिश की एवं मुझसे भ्रष्ट आचरण कराने का प्रयास किया. अतः श्री लालू प्रसाद यादव के विरुद्ध भारतीय दंड विधान एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाय.


बता दें कि भागलपुर की पीरपैंती सीट से चुनकर आए ललन पासवान का दावा है कि उन्होंने लालू प्रसाद के उस प्रस्ताव को ठुकराया है जिसमें लालू प्रसाद ने उन्हें राजद का साथ देने की बात कही थी. ललन पासवान के मुताबिक, उन्हें जेल में बंद लालू प्रसाद यादव का फोन आया था जिसमें कहा गया था कि स्पीकर के चुनाव में वह महागठबंधन का साथ दें और इसके बदले में उन्हें राजद की तरफ से आगे बढ़ाने का काम किया जाएगा.
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