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आपके लिए इसका मतलब: BJP में ऐसे चमकते गए शाहनवाज हुसैन, जानें किनसे मिलने के बाद बढ़ता गया उनका सियासी सफर

 शाहनवाह हुसैन (फाइल फोटो)
शाहनवाह हुसैन (फाइल फोटो)

Patna News- सुपौल के रहने वाले शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz Hussain) पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Former PM Atal Bihari Vajpayee) के सानिध्य में काम करने का सौभाग्य पाने वाले बिहार के चुनिंदा नेताओं में से एक हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 6:13 PM IST
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पटना. पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन (Shahnawaz Hussain) का बिहार विधानपरिषद के लिए चुना जाना तय है. इसके साथ ही यह भी लगभग पक्की बात है कि वह नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल होने जा रहे हैं. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी उनका उपयोग कई मोर्चों पर अतीत में भी करती रही है और इस बार भी इसके जरिये कई संदेश देने की कोशिश कर रही है. सबसे बड़ा संदेश नेताओं व कार्यकर्ताओं को दिया गया है कि वे धैर्य से रहें तो पार्टी उनका ध्यान जरूर रखेगी. अब कहा जा रहा है कि बिहार में चेहरा बनने के बाद शाहनवाज को बिहार के सीमांचल के साथ ही पश्चिम बंगाल में भी उनके चेहरे का उपयोग पार्टी के विस्तार में करेगी.

दरअसल, पश्चिम बंगाल में करीब 100 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं (Muslim voters) की अच्छी संख्या है. यही नहीं, 70 से अधिक सीटों पर तो मुस्लिम समुदाय निर्णायक स्थिति में है. ऐसे में शाहनवाज हुसैन का चेहरा बंगाल को भेदने में जुटी बीजेपी के लिए तुरुप का इक्‍का साबित हो सकता है.





अटल बिहारी वाजपेयी के सामने दिया था भाषण
बता दें कि सुपौल के रहने वाले शाहनवाज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Former PM Atal Bihari Vajpayee) के सानिध्य में काम करने का सौभाग्य पाने वाले बिहार के चुनिंदा नेताओं में से एक हैं. उनकी वाजपेयी से 1987 में पहली मुलाकात हुई थी. उसके बाद 1997 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक मुस्लिम सम्मेलन में वाजपेयी जी के सामने शाहनवाज ने भाषण दिया और यहीं से उनका भाग्य विस्तार होता चला गया.

1999 में सांसद बने और पहली बार मंत्री भी
एक साल के बाद 1998 में किशनगंज से सांसद प्रत्याशी बनाए गए, लेकिन छह हजार वोटों से हार गए. पार्टी ने फिर भरोसा किया और 1999 में जीत मिली. शहनवाज हुसैन 1999 में हिंदुस्तान के सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री बनाए गए. 14 अक्टूबर 1999 को पहली बार अटल मंत्रिमंडल में शाहनवाज खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाए गए थे.

कई मंत्रालयों में शाहनवाज ने किया काम
आगे और मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली, लेकिन 8 फरवरी 2001 से पहली सितंबर 2001 तक स्वतंत्र प्रभार के कोयला मंत्री रहे. बतौर कोयला मंत्री अटल को शाहनवाज का काम अच्छा लगा और उन्होंने पहली सितंबर 2001 को उन्‍हें नागरिक उड्यन मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री बना दिया.

कश्मीर में कमल खिलाने में रहे कामयाब
साफ-सुथरी व सौम्य छवि की वजह से 12 वर्षों से वह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने हुए हैं. पब्लिक फोरम पर पार्टी का पक्ष रखते समय उनका तार्किक संवाद विरोधियों को निरुत्तर कर देता है. हाल में कश्मीर जिला विकास परिषद (डीएलसी) चुनाव में उन्होंने कमाल कर दिया और कश्मीर घाटी में भी कमल खिलाने में कामयाब रहे.

भाजपा के विश्वस्त चेहरों में एक हैं शाहनवाज
जनहित और राष्ट्रहित के मुद्दों पर मुखर रहने वाली भाजपा (BJP) को जब कभी वाकपटु प्रवक्ताओं की जरूरत महसूस हुई तो अभिव्यक्ति की अपनी क्षमता के जरिए शाहनवाज अपेक्षा पर खरे उतरे. यही कारण है कि शाहनवाज की शख्सियत धीरे-धीरे बड़ी होती चली गई और आज एक बार फिर भाजपा की मुख्यधारा की राजनीति के लिए वह सबसे विश्वस्त चेहरों में से एक बन गए हैं.
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