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Explained: ...तो भाजपा की दिखाई राह पर अपनी राजनीति आगे बढ़ा रहे तेजस्वी यादव!

बिहार के बदले सियासी माहौल में तेजस्वी यादव अक्सर समाज के सभी वर्गों को अपना बनाने के लिए पुरजोर प्रयास करते हैं.

बिहार के बदले सियासी माहौल में तेजस्वी यादव अक्सर समाज के सभी वर्गों को अपना बनाने के लिए पुरजोर प्रयास करते हैं.

आपके लिए इसका मतलब: राजनीति के जानकार बताते हैं कि तेजस्वी यादव जिस प्रकार से प्रतीकों आसरे मुस्लिम, पिछड़े अतिपिछड़े, सवर्ण, दलित, खिलाड़ी, इंजीनियर, युवा... सबको सियासी तौर पर साधने की कोशिश करते हुए दिख रहे हैं, ऐसे में आने वाले समय में वे भी सर्वसमाज के नेता के तौर पर स्थापित हो सकते हैं.

  • News18Hindi
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पटना. सियासत में समीकरण बेहद मायने रखते हैं. चाहे धार्मिक हो या फिर जातीय. भारत की राजनीति में अधिकतर वक्त यह बात साबित होती रही है कि राजनीतिक दल जातियों की प्रधानता उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी समीकरण (जातिगत समीकरण) बनाने में लगाते हैं. उत्तर भारत में यह बात थोड़ा गहरे तक पैठ कर गई है. उत्तर प्रदेश और बिहार, खास तौर पर जातीय व धार्मिक आधारित राजनीतिक समीकरण के लिए जाना जाता रहा है. ठीक इसी तरह परसेप्शन व प्रतीकात्मक राजनीति भी आजकल खूब ट्रेंड कर रहा है. राजनीतिक के जानकार कहते हैं कि खास तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस राजनीति में माहिर है. अब इसमें एक नया नाम बिहार के राजद नेता व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (RJD Leader Tejaswi Ydav) का जुड़ गया है. दरअसल तेजस्वी ने बिहार के बड़े नेता रहे दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह (raghuvansh prasad singh) और राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) की मूर्ति स्थापना की बात कही है तब से ही बिहार की राजनीति के जानकार भी मानते हैं कि तेजस्वी भी प्रतीकात्मक राजनीति करने का हुनर सीख चुके हैं.

दरअसल तेजस्वी का कहना है कि ये मूर्तियां राज्य सरकार बिहार में स्थापित करे. उन्होंने कहा है कि बिहार के इन दोनों नेताओं की पहली बरसी मनने वाली है. ऐसे में सरकार से मांग है कि इन दोनों नेताओं की मूर्ति बिहार में स्थापित की जाए. तेजस्वी ने सरकार से मांग की है कि इन दोनों नेताओं की जयंती या पुण्यतिथि पर बिहार सरकार की तरफ से राजकीय समारोह के तौर पर मनाया जाए. राजनीति के जानकारों की नजर में तेजस्वी ने मुस्लिम-यादव के साथ ही सवर्ण-दलित समीकरण को मिलाते हुए नया दांव चला है. हाल में तेजस्वी यादव के कुछ कार्यक्रमों पर दृष्टि डालें तो यह बात साबित होती है कि तेजस्वी ने भी भाजपा का फॉर्मूला अपना लिया है और वह इस आसरे प्रतीकात्मक राजनीति आगे बढ़ाने की नीति पर चल भी रहे हैं.

तेजस्वी यादव किस तरह प्रतीकों का इस्तेमाल करने का हुनर बखूबी सीख गए हैं अगर हाल-फिलहाल के उनके कार्यक्रमों पर नजर डालें तो इसकी बानगी 7 अगस्त से शुरू होती है. दरअसल  7 अगस्त 1990 को संसद में मंडल की सिफारिशें लागू करने की घोषणा की थी. इसके तहत पूरे देश में पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला हुआ था. इसे कई राजनीतिक दल मंडल दिवस के तौर पर मनाते हैं. तेजस्वी की पार्टी राजद ने इस दिन जातिगत जनगणना की मांग को लेकर बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया.

इसके बाद 10 अगस्त को उन्होंने दस्यु सुंदरी से राजनेता बनी फूलन देवी की जयंती पर उन्हें ट्वीट कर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लिखा, वह वीरांगना जिनका पूरा जीवन एक संघर्ष गाथा रहा, सामाजिक असमानता, ऊंच-नीच, पितृसत्ता, शारीरिक मानसिक उत्पीड़न और प्रतिशोध की आग में जीवनपर्यंत जल हर अन्याय का मुंहतोड़ जवाब देने वाली वीरांगना पूर्व सांसद फूलनदेवी जी की जयंती पर शत शत नमन.

17 अगस्त को माउंटेन मैन दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने लिखा, इंसान की असली ताकत उसके शरीर में नहीं, उसके शील, चरित्र और संकल्प में होता है” इस बात को चरितार्थ करने वाले चट्टानी संकल्प के पर्याय, बिहार के गौरव ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी जी के परिनिर्वाण दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि.

इसी क्रम में उन्होंने नेताजी सुभाषचंद्र बोस को 18 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि कहते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने ट्वीट किया,  विलक्षण प्रेरणादायी व्यक्तित्व के धनी; कूटनीति, राजनीति और युद्धनीति में समान रूप से कुशल; आज़ाद हिंद फौज की स्थापना करने वाले महान सेनापति नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि! हालांकि, तेजस्वी ने यहां थोड़ी भूल कर दी क्योंकि नेताजी को भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर मृत घोषित नहीं किया है.

इसके बाद वे 19 को नवादा पहुंच गए जहां पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष स्व. जेहल प्रसाद की तीसरी पुण्यतिथि समारोह पूर्वक मनाई गई. इस अवसर पर जेहल प्रसाद की प्रतिमा का अनावरण भी किया. जेहल प्रसाद बीते लोकसभा चुनाव में राजद की नवादा से प्रत्याशी रही विभा देवी के ससुर थे. इस नजरिये से तेजस्वी ने यहां भी अपनी प्रतीकात्मक राजनीति को आगे बढ़ाया और जाति विशेष के समर्थन को और पुख्ता किया.

नवादा में स्व. जेहल प्रसाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए तेजस्वी यादव.

25 अगस्त को उन्होंने वीपी मंडल की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और एक खास सियासी संदेश भी दिया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय आंदोलन के महान विचारक, वंचितों, उपेक्षितों को मुख्यधारा में लाने के लिए जीवनपर्यंत संघर्षरत रहे मंडल आयोग के अध्यक्ष बी.पी मंडल साहब की जयंती पर कोटि-कोटि प्रणाम, शत-शत नमन व विनम्र श्रद्धांजलि.

29 अगस्त को तेजस्वी ने ‘हॉकी के जादूगर’ कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की जयंती पर ट्वीट किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन और राष्ट्रीय खेल दिवस की देश के सभी वर्तमान व पूर्व खिलाड़ियों तथा खेल प्रेमियों को शुभकामनाएं. यहां भी वे युवाओं और खेल से जुड़े लोगों को एक मैसेज देते दिखे.

30 अगस्त को गीतकार शैलेंद्र को तेजस्वी ने उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, प्रेमियों, क्रांतिकारियों, गरीबों, वंचितों और उत्पीडितों के दर्द,जुनून और जोश को अपनी हज़ारों रचनाओं के माध्यम से उतार लोगों को प्रेरित करने वाले बिहार की माटी के लाल भारतीय फ़िल्म इतिहास के सबसे लोकप्रिय, सफल व महान गीतकार, महाकवि दलित विभूति शैलेंद्र साहब की जयंती पर शत-शत नमन. यहां वे कला से जुड़े लोगों के बीच स्वयं को स्थापित करने की कोशिश करते हुए दिखे.

एक सितंबर को उन्होंने विचारक ललई यादव को नमन करते हुए लिखा, आजीवन सामाजिक न्याय व लोक समता के लिए संघर्ष करने वाले, हिन्दू धर्म में व्याप्त अंधविश्वास और पाखंड तथा बहुजन समाज की मानसिक दासता का विरोध करने वाले मानवतावादी विचारों के प्रणेता, उत्तर भारत के पेरियार महान विचारक ललई सिंह यादव जी को उनकी जयंती पर कोटि कोटि प्रणाम! राजनीति के जानकारों की नजर में यहां तेजस्वी अपनी राजनीति की लाइन को बहुत ही बारीकी से समझाते हुए दिखे.

दो सितंबर को उन्होंने स्वजातीय बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दरोगा प्रसाद राय  की जयंती पर श्रद्धांजलि देकर भी खास मैसेज दिया.  2 सितंबर को उन्होंने वैशाली के युवा राजद, जिला अध्यक्ष संजय पटेल की माता जी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व मुखिया स्व० उर्मिला देवी की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया. सियासी जानकारों की नजर में तेजस्वी यादव ने यहां भी अपना राजनीतिक उद्देश्य पूरा किया.

तेजस्वी यादव ने दो सितंबर को वैशाली के युवा राजद, जिला अध्यक्ष संजय पटेल की माता जी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पूर्व मुखिया स्व. उर्मिला देवी की प्रतिमा का अनावरण किया.

पांच सितंबर को उन्होंने पिछड़ा उभार के एक अहम प्रतीक स्वर्गीय जगदेव बाबू की जयंती पर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने लिखा, समतामूलक समाज गढ़ने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सामाजिक न्याय के पुरोधा हमारे पूर्वज भारत लेनिन बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा जी को उनके शहादत दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि और शत शत नमन.

8 सितंबर को बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. सदानंद सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किया. 9 सितंबर को आज गोपालगंज जिला के बैकुंठपुर में पूर्व विधायक स्वर्गीय देवदत्त प्रसाद जी की 10वीं पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया.

10 सितंबर को शहीद अब्दुल हमीद को प्रणाम करते हुए लिखा,  फौलादी जिगर वाले मां भारती के सपूत ‘परमवीर’ हवलदार अब्दुल हमीद, जिन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने रिकॉइललेस गन माउंटेड जीप से ‘असल उत्तर’ की लड़ाई में दुश्मन के 8 अमेरिकी पैटन टैंक और दुःसाहसी इरादों के परखच्चे उड़ा दिए, को उनके बलिदानी दिवस पर कोटि कोटि प्रणाम.

11 सितंबर को तेजस्वी ने फिर से दिवंगत राम विलास पासवान व रघुवंश प्रसाद सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा. 12 सितंबर को स्व. राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर उनके आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और चिराग पासवान से गले भी मिले. जाहिर है यहां भी संवेदनाओं के साथ ही सियासी संदेश छिपे हैं.

दिवंगत राम विलास पासवान की पुण्यतिथि पर तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के गले मिलने की तस्वीर ने काफी सुर्खियां बटोरी.

13 सितंबर को उन्होंने रघुवंश प्रसाद सिंह की पुण्यतिथि पर ट्वीट में लिखा, अभिभावक, पार्टी के संस्थापक सदस्य, समता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित, गांव, गरीब और किसान की नब्ज समझने वाले वरिष्ठ समाजवादी नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री ‘स्व. रघुवंश प्रसाद सिंह जी’ की उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि.

इसके बाद 15 सितंबर को उन्होंने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती (इंजीनियर्स डे) पर श्रद्धाजलि देते हुए लिखा. मानवजाति के जीवन को अपनी सृजन शक्ति, प्रयत्नशीलता, मेहनत और बुद्धिमत्ता से सुविधाजनक और सुलभ बनाने वाले अभियंताओं, वैज्ञानिकों और सदैव प्रयत्नशील रहने वाले सजग नागरिकों को शुभकामनाएं. देश को अपने जीवनदर्शन से विकास के लिए विज्ञान का महत्व समझाने वाले विश्वेश्वरैया जी को नमन.

राजद के कार्यक्रम के लिए रांची पहुंचे तेजस्वी यादव ने 18 सितंबर को बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. 21 सितंबर को उन्होंने बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे ईमानदारी व कर्त्वयपरायणता की मिसाल माने जाने वाले भूतपूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया.

वरिष्ठ पत्रकार अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि तेजस्वी यादव कोई भी ऐसा मौका नहीं चूकते जहां किसी न किसी वर्ग को प्रतीकात्मक तौर पर ही सही, अपना मैसेज पहुंचा सकें. प्रतीकात्मक सियासत में मास्टर समझी जाने वाली भाजपा के कोई भी नेता को देखें तो ऐसे मौके नहीं चूकते. विशेषकर पीएम मोदी के द्वारा हर एक छोटे-बड़े नायकों को उनकी तरफ से अवश्य सम्मान व्यक्त किया जाता है. इसका सियासत में असर भी साफ देखा जा सकता है कि आज पीएम मोदी सर्वसमाज के नेता के तौर पर जाने जाते हैं.

तेजस्वी यादव अक्सर अपने मंच पर भी प्रतीकों का इस्तेमाल करने की भरसक कोशिश करते हैं.

भाजपा के कई अन्य नेता भी इसी तरह समाज के हर वर्ग के लोगों का सम्मान करना नहीं चूकते, यही वजह है कि आज भाजपा की पैठ समाज के हर वर्ग में हो चुकी है. इसी का परिणाम है कि पिछले दो टर्म से पीएम मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और कई राज्यों में भाजपा की सरकार भी है. अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि यूं देखा जाए तो तेजस्वी यादव भी प्रतीकों के आसरे सार्थक व सकारात्मक राजनीति करते दिखते हैं.

अशोक कुमार शर्मा कहते हैं कि बिहार के लिए खास बात यह भी है कि तेजस्वी यादव के अलावा यहां किसी और नेता में वह बात भी नहीं दिख रही जो नीतीश कुमार के बाद बिहार का नेतृत्व कर सकने की संभावना दिखती हो. ऐसे में तेजस्वी यादव जिस प्रकार से प्रतीकों आसरे मुस्लिम, पिछड़े अतिपिछड़े, सवर्ण, दलित, खिलाड़ी, इंजीनियर, युवा… सबको सियासी तौर पर साधने की कोशिश करते हुए दिख रहे हैं, ऐसे में आने वाले समय में वे भी सर्वसमाज के नेता के तौर पर स्थापित हो सकते हैं.

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